फेसबुक की मूल कंपनी Meta Platforms को न्यू मैक्सिको में डेटा-गोपनीयता से जुड़े मुकदमे में 25 अरब डॉलर का नागरिक जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। जूरी ने पाया कि कंपनी ने राज्य के Unfair Practices Act का उल्लंघन किया। यह फैसला Meta के तीसरी तिमाही 2026 के नतीजे जारी करने से कुछ घंटे पहले आया। खबर के तुरंत बाद कंपनी के शेयरों में खास बदलाव नहीं दिखा।
मामले के केंद्र में Cambridge Analytica का डेटा
मुकदमे की सुनवाई में मुख्य सवाल यह था कि Cambridge Analytica ने Facebook उपयोगकर्ताओं के डेटा तक कैसे पहुंच बनाई और उस जानकारी का लक्षित विज्ञापन के लिए किस तरह इस्तेमाल हुआ। इस डेटा का उपयोग 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान विज्ञापन लक्षित करने में किया गया था। बाद में यह मामला सोशल मीडिया पर डेटा के इस्तेमाल और उपयोगकर्ता गोपनीयता से जुड़ी बहसों का प्रमुख उदाहरण बन गया।
न्यू मैक्सिको के मुकदमे में यह भी जांच की गई कि Meta ने उपयोगकर्ताओं को अपनी डेटा-प्रथाओं के बारे में किस तरह जानकारी दी। इसके अलावा, कंपनी द्वारा गलत सूचना और घृणास्पद भाषण से निपटने के तरीके भी सुनवाई का हिस्सा रहे। मामला केवल इस सवाल तक सीमित नहीं था कि तीसरे पक्ष ने उपयोगकर्ताओं की जानकारी हासिल की या नहीं। इसमें यह भी देखा गया कि क्या उपयोगकर्ताओं को स्पष्ट रूप से पता था कि उनका व्यक्तिगत डेटा कैसे एकत्र, इस्तेमाल और नियंत्रित किया जा रहा है।
जज ने 25 अरब डॉलर का नागरिक जुर्माना तय किया
मामले की अध्यक्षता कर रहे जज Francis Mathew ने 21 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर Meta पर 25 अरब डॉलर का नागरिक जुर्माना तय किया। यह राशि जूरी द्वारा कंपनी को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद निर्धारित की गई। इस फैसले ने मामले को Meta के सामने मौजूद सबसे बड़े कानूनी और वित्तीय मामलों में शामिल कर दिया है।
Mathew ने लिखा कि कंपनी के आचरण से हुई क्षति का आकलन करना “मुश्किल” है और यह Facebook के कारोबारी मॉडल के मूल हिस्से से जुड़ी है। उनके अनुसार, Facebook ने एक दशक से अधिक समय तक डेटा सुरक्षा और उपयोगकर्ताओं के अपनी जानकारी पर नियंत्रण को लेकर कई गलत आश्वासन दिए, ताकि लोग अपना व्यक्तिगत डेटा उपलब्ध कराते रहें।
इस टिप्पणी से मामले का मुख्य विवाद स्पष्ट होता है। उपयोगकर्ता डेटा को केवल तकनीकी या अनुपालन से जुड़ा मुद्दा नहीं माना गया, बल्कि व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने पर आधारित विज्ञापन मॉडल के हिस्से के रूप में देखा गया। Meta के लिए जुर्माने की राशि, उसके लागू होने की शर्तें और आगे की कानूनी प्रक्रिया यह तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती हैं कि निवेशक कंपनी की डेटा-गवर्नेंस व्यवस्था और संभावित मुकदमेबाजी लागत का आकलन कैसे करते हैं।
नतीजों से पहले निवेशकों की नजर कानूनी जोखिम पर
यह फैसला Meta के तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने से कुछ घंटे पहले आया। ऐसे में निवेशकों को कंपनी के विज्ञापन कारोबार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर खर्च और कानूनी जोखिमों का आकलन एक साथ करना पड़ा। अब तक सार्वजनिक हुई जानकारी के आधार पर, जुर्माने की खबर के बाद Meta के शेयर लगभग स्थिर रहे, हालांकि मामले का पूरा वित्तीय प्रभाव अभी तय नहीं हुआ है।
सार्वजनिक जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि जुर्माना कब और किस तरीके से चुकाया जाएगा। यह भी सामने नहीं आया है कि Meta अदालतों में मामले को आगे चुनौती देगी या नहीं। कार्यवाही के अगले चरणों में कंपनी का रुख और वित्तीय विवरणों में इससे जुड़ा कोई प्रावधान दर्ज किया जाता है या नहीं, बाजार के लिए महत्वपूर्ण तथ्य होंगे।
इस मामले ने प्लेटफॉर्म कंपनियों द्वारा उपयोगकर्ताओं को डेटा सुरक्षा की जानकारी देने, तीसरे पक्ष की डेटा तक पहुंच नियंत्रित करने और गलत सूचना तथा घृणास्पद भाषण के संबंध में जिम्मेदारी तय करने के तरीकों पर भी फिर से ध्यान खींचा है।