Citadel के CEO केन ग्रिफिन ने चेताया है कि अगर GPU क्षमता मांग से तेज बढ़ती है, तो AI उद्योग में चिपों की अधिक आपूर्ति कीमतों पर दबाव डाल सकती है। इससे AI ढांचे के विस्तार में किए जा रहे निवेश की धारणाओं पर सवाल उठ सकते हैं, हालांकि ग्रिफिन ने व्यापक बाजार में गिरावट की भविष्यवाणी नहीं की।
GPU क्षमता और एयरलाइन सीटों की तुलना
Citadel के वार्षिक “Future of Global Markets” सम्मेलन में ग्रिफिन ने GPU की तुलना एयरलाइन सीटों से की। दोनों मामलों में अतिरिक्त क्षमता चालू रखने की सीमांत लागत अपेक्षाकृत कम हो सकती है। एयरलाइन किसी सीट को 20 डॉलर में भी बेच सकती है, यदि किराया उसकी कुछ लागत पूरी कर दे। लेकिन जब उपलब्ध क्षमता मांग से काफी अधिक हो, तो कीमतों पर लगातार दबाव रह सकता है।
ग्रिफिन के मुताबिक, GPU बाजार में भी ऐसा ही हो सकता है। चिपें स्थापित हो जाने के बाद अतिरिक्त कंप्यूटिंग संसाधन चलाने की लागत अपेक्षाकृत कम हो सकती है। यदि बड़ी संख्या में नई चिपें उपलब्ध हो जाएं, लेकिन ग्राहकों की मांग उसी अनुपात में न बढ़े, तो आपूर्तिकर्ता अपनी क्षमता का उपयोग बनाए रखने के लिए कीमतें घटा सकते हैं। इससे GPU कारोबार की मुनाफे की संभावनाओं और संबंधित कंपनियों के मूल्यांकन पर असर पड़ सकता है।
2000 के आसपास के फाइबर विस्तार से तुलना
ग्रिफिन ने करीब 2000 के आसपास दूरसंचार कंपनियों द्वारा किए गए फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क विस्तार का उदाहरण दिया। उस दौर में कंपनियों ने बाजार की जरूरत से अधिक नेटवर्क क्षमता बिछाई थी। विस्तार के बाद संचार सेवाओं की कीमतें गिरीं और अतिरिक्त क्षमता ने उन कारोबारी मॉडलों पर दबाव डाला, जो मजबूत मांग की उम्मीदों पर आधारित थे। ग्रिफिन ने AI ढांचे में निवेश को समझने के लिए इसे ऐतिहासिक तुलना के रूप में पेश किया।
अब डेटा सेंटर, क्लाउड प्रदाता और कंपनियां AI कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ा रही हैं; इस विस्तार में GPU की खरीद बड़ी भूमिका निभाती है। यदि नई क्षमता मॉडल प्रशिक्षण, अनुमान (इन्फरेंस) और दूसरे अनुप्रयोगों की मांग से तेजी से बढ़ी, तो चिप किराये, कंप्यूटिंग सेवाओं और संबंधित उपकरणों की कीमतों पर भी दबाव आ सकता है। निवेशकों के लिए सवाल सिर्फ यह नहीं है कि AI की मांग बढ़ती रहेगी या नहीं, बल्कि यह भी है कि बाजार नई आपूर्ति को कितनी तेजी से अपना पाएगा।
AI में बुलबुले की आशंका, पर तत्काल गिरावट का संकेत नहीं
ग्रिफिन ने कहा कि AI में बुलबुले का तत्व लगभग निश्चित रूप से मौजूद है, लेकिन उन्होंने बाजार में निकट भविष्य में गिरावट आने की बात नहीं कही। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में छंटनी के बाद कुछ कंपनियां उभरकर आने वाले दशकों तक उद्योग का नेतृत्व कर सकती हैं।
यह फर्क इसलिए अहम है क्योंकि AI का दीर्घकालीन मूल्य अल्पकालीन परिसंपत्ति कीमतों के साथ कदमताल करे, यह जरूरी नहीं। आपूर्ति और मांग में बदलाव चिप कीमतों, कंप्यूटिंग किराये से होने वाली आय और संबंधित कंपनियों के मूल्यांकन को प्रभावित कर सकता है। इसके बावजूद मजबूत तकनीक, ग्राहक आधार और परिचालन वाली कंपनियां उद्योग के समायोजन के बाद भी प्रतिस्पर्धी रह सकती हैं। AI निवेश के प्रतिफल को आंकने में GPU का उपयोगी जीवन और पैमाना, साथ ही वास्तविक मांग की रफ्तार, प्रमुख कारक बने रहेंगे।