यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस के मिसाइल हमलों की चेतावनी देने वाली खुफिया जानकारी अमेरिका ने फिर साझा करना शुरू कर दिया है। ओस्लो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ के साथ बातचीत के बाद यह घोषणा हुई। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब ने शांति प्रस्ताव पर “वास्तविक प्रगति” की बात कही, लेकिन कोई विवरण नहीं दिया और आगाह किया कि वार्ता में समय लगेगा।
बैठक के बाद ज़ेलेंस्की और उनके यूरोपीय साझेदारों ने अगला कदम मॉस्को पर छोड़ दिया। विटकॉफ़ बुधवार को सेंट पीटर्सबर्ग जाकर रूस के सामने ओस्लो में चर्चा किए गए प्रस्ताव रखने वाले हैं। वह वार्ता के बाद हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए। ट्रंप के दामाद और एक अन्य प्रमुख दूत जारेड कुशनर ने वीडियो के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
मिसाइल हमलों की चेतावनी के लिए खुफिया जानकारी फिर मिलने लगी
ज़ेलेंस्की ने खुफिया जानकारी साझा करना बहाल करने के लिए वॉशिंगटन का धन्यवाद किया और कहा कि यह व्यवस्था “अब काम कर रही है।” उन्होंने नागरिकों, बच्चों और शहरी वायु रक्षा के लिए समय रहते चेतावनी मिलने की अहमियत पर जोर दिया। उनके मुताबिक, यूक्रेन को बैलिस्टिक मिसाइलों के आने की पहले से सूचना चाहिए।
उन्होंने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के उपग्रह नेटवर्क स्टारलिंक तक पहुंच को लेकर सकारात्मक नतीजे की उम्मीद भी जताई। यूक्रेनी सेना ने हाल के दिनों में कहा था कि यूक्रेन के उपयोगकर्ताओं के लिए स्टारलिंक सेवा की गति सीमित की गई है। यह नेटवर्क युद्धक्षेत्र में संचार और ड्रोन संचालन में मदद करता है। पिछले सप्ताह अमेरिकी सीनेटरों के एक द्विदलीय समूह ने इन पाबंदियों की तत्काल जांच की मांग की थी।
यूक्रेन को अतिरिक्त पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें देने पर वॉशिंगटन की मंजूरी को लेकर भी ध्यान बना हुआ है। पैट्रियट प्रणाली रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के यूक्रेन के प्रमुख साधनों में गिनी जाती है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने माना कि इंटरसेप्टर अभी यूक्रेन नहीं पहुंचे होंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन जानबूझकर कीव को सहायता से वंचित नहीं कर रहा।
ओस्लो में सुरक्षा गारंटी और ऊर्जा ठिकानों पर संघर्षविराम पर चर्चा
ज़ेलेंस्की ने कहा कि ओस्लो बैठक में यूक्रेन के लिए “मजबूत” सुरक्षा गारंटी और ऊर्जा ढांचे पर केंद्रित संघर्षविराम प्रस्ताव पर बात हुई। उन्होंने दोहराया कि यूक्रेन बातचीत के जरिए युद्ध समाप्त करने को तैयार है, लेकिन रूस के लगातार हमलों में यूक्रेनी नागरिकों की जान जा रही है।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने भी बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त करने की चर्चा में यूरोप को शामिल होना चाहिए। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने इससे पहले संघर्ष से जुड़े बयानों और संकेतों को “जटिल और असंगत” बताया था। उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी प्रशासन को यूरोप के साथ मिलकर इस मुद्दे पर काम करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रंप ने फिर कीव से समझौते पर पहुंचने का आग्रह किया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि रूस इस मामले को सुलझाना चाहता है और यूक्रेन के लिए युद्ध समाप्त करने का समय आ गया है। हाल के सप्ताहों में ट्रंप यह भी कह चुके हैं कि यूक्रेन को अलग राष्ट्रपति और वार्ता में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति की जरूरत है।
रूस के ऊर्जा कारोबार पर अमेरिकी नीति से मतभेद कायम
ज़ेलेंस्की ओस्लो में यूक्रेन की खुफिया एजेंसी के प्रमुख रुस्तेम उमेरोव और सांसद दाविद अराखामिया के साथ पहुंचे। इसी महीने की शुरुआत में दोनों ने मियामी में विटकॉफ़ और कुशनर से मुलाकात की थी। यह बैठक समय से पहले खत्म हो गई, जब यूक्रेनी पक्ष को पता चला कि ट्रंप ने रूस से अमेरिका और दूसरे बाजारों को 300,000 टन से अधिक डीजल की आपूर्ति की घोषणा की है।
इसके बाद अमेरिका ने रूसी डीजल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए। ज़ेलेंस्की ने इस फैसले को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए “जन्मदिन का तोहफा” कहा।
ट्रंप ने यूक्रेन के रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों को अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों से भी जोड़ा है। ईरान के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व में युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिकी ईंधन कीमतें बढ़ी हैं। अमेरिका के मध्यावधि चुनाव नजदीक आने के साथ ऊर्जा आपूर्ति और प्रतिबंध नीति पर चर्चा भी तेज हुई है।
पुतिन ने ओस्लो वार्ता पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पहले कहा था कि क्रेमलिन विटकॉफ़ की बात सुनेगा, लेकिन उन्होंने “किसी भी राजनीतिक रियायत” की संभावना खारिज की थी।
बातचीत के बीच रूस के ड्रोन हमले जारी
कूटनीतिक संपर्कों के दौरान मंगलवार को रूस के ड्रोन हमले जारी रहे। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, कम से कम 10 लोग मारे गए—चार कीव और उसके आसपास, चार पूर्वी दोनेत्स्क क्षेत्र में और दो मध्य यूक्रेन के निप्रो शहर में।
2022 में पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से रूस यूक्रेन के करीब 20% क्षेत्र पर नियंत्रण रखता है। ओस्लो की चर्चा से ठोस संघर्षविराम समझौता निकलता है या नहीं, यह मॉस्को की प्रतिक्रिया और सुरक्षा गारंटी, सैन्य सहायता तथा ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा पर अमेरिका, यूक्रेन और यूरोप के बीच मतभेद कम होने पर निर्भर करेगा।