बिटकॉइन करीब 83,000 डॉलर तक चढ़ गया, जबकि गिरावट पर दांव लगाने वाले शॉर्ट ट्रेडर्स पर दबाव बढ़ा। शॉर्ट पोजीशन के लिक्विडेशन कुल 45 मिलियन डॉलर रहे। जबरन बंद की गई इन पोजीशन से पता चलता है कि क्रिप्टो बाजार में लीवरेज वाले दांव छोटी अवधि की कीमत चाल को बढ़ा सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध आंकड़े यह संकेत नहीं देते कि यह तेजी आगे भी जारी रहेगी।
बिटकॉइन 82,704 डॉलर के आसपास कारोबार में
20 अक्टूबर 2026 तक बिटकॉइन करीब 82,704 डॉलर पर कारोबार कर रहा था और दिन में 0.94% ऊपर था। इससे पहले इसकी कीमत 83,000 डॉलर के स्तर को छू चुकी थी, जिससे यह बाजार की प्रमुख निगरानी में आ गया।
बिटकॉइन में चौबीसों घंटे कारोबार होता है। इसलिए कीमत में तेज बदलाव का असर परपेचुअल स्वैप, फ्यूचर्स और दूसरे लीवरेज वाले उत्पादों तक जल्दी पहुंच सकता है। स्पॉट कीमत में मामूली बदलाव भी डेरिवेटिव खातों में लाभ और नुकसान को अपेक्षाकृत ज्यादा बढ़ा सकता है।
यह तेजी शॉर्ट लिक्विडेशन के साथ आई, जिससे संकेत मिलता है कि कुछ ट्रेडर्स कीमत गिरने की स्थिति के लिए पोजीशन बनाए हुए थे। जब लीवरेज वाली पोजीशन के खिलाफ कीमत बढ़ती है और वह किसी एक्सचेंज की मार्जिन सीमा तक पहुंच जाती है, तो पोजीशन जबरन बंद की जा सकती है। लिक्विडेशन को स्पॉट बाजार में नई खरीद के बराबर नहीं माना जाता, लेकिन कम समय में जबरन बंद की गई पोजीशन का समूह खरीद और बिक्री के दबाव को बदल सकता है और उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है।
शॉर्ट पोजीशन का लिक्विडेशन 45 मिलियन डॉलर
रिपोर्ट किए गए शॉर्ट लिक्विडेशन की राशि करीब 45 मिलियन डॉलर रही। इसमें वे मंदी वाली पोजीशन शामिल हैं जो कीमत बढ़ने के बाद मार्जिन आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकीं। यह आंकड़ा लीवरेज वाले ट्रेडर्स पर पोजीशन बंद करने के दबाव को दर्शाता है। लिक्विडेशन डेटा से बाजार में पोजीशन के एकतरफा जमाव का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन अकेले इसके आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि बिटकॉइन ने टिकाऊ तेजी का रुख पकड़ लिया है।
अगर बिटकॉइन 83,000 डॉलर के आसपास कारोबार करता रहता है, तो बाजार प्रतिभागी आगे के उतार-चढ़ाव और लीवरेज वाली पोजीशन में होने वाले बदलाव पर नजर रखेंगे। इसके उलट, कीमत में गिरावट से तेजी के दौरान खोली गई पोजीशन पर फिर से मार्जिन दबाव बढ़ सकता है। उपलब्ध आंकड़ों में यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें कौन-कौन से एक्सचेंज शामिल थे, आंकड़े किस समयावधि के हैं या अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लिक्विडेशन किस तरह बंटे थे।
प्रमुख ऑल्टकॉइन भी बढ़त में
अन्य प्रमुख क्रिप्टो परिसंपत्तियों में भी तेजी रही। इथेरियम करीब 2,451.30 डॉलर पर था और दिन में 2.10% ऊपर रहा। सोलाना 106.52 डॉलर पर 2.11% बढ़ा, जबकि XRP 1.33 डॉलर पर 2.10% और डॉगकॉइन 0.081 डॉलर पर 2.34% ऊपर था।
पेपे 0.0000046 डॉलर पर 11.58% चढ़ा, जबकि वर्ल्डकॉइन 11.59% बढ़कर 0.57 डॉलर पर पहुंच गया। रेंडर में 2.97% की बढ़त रही और इसकी कीमत 1.86 डॉलर रही।
इन टोकनों ने दिन के कारोबार में बिटकॉइन से बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन अलग-अलग परिसंपत्तियों में तरलता, डेरिवेटिव बाजार का आकार और उतार-चढ़ाव अलग होते हैं। केवल एक दिन की बढ़त से यह तय नहीं किया जा सकता कि बाजार में पूंजी का प्रवाह किस दिशा में है। इस चाल में बिटकॉइन अब भी मुख्य फोकस बना हुआ है और ट्रेडर्स 83,000 डॉलर के आसपास इसकी कीमत तथा लीवरेज वाली पोजीशन के आगे भी बंद होने पर नजर रख रहे हैं।