Cognition के अध्यक्ष और सह-संस्थापक Russell Kaplan के मुताबिक, AI कोडिंग की प्रतिस्पर्धा का केंद्र बदल रहा है। कई सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कार्यों में जब अलग-अलग मॉडल भरोसेमंद नतीजे देने लगे हैं, तो क्षमता में मामूली बढ़त से ज्यादा अहम इस्तेमाल की लागत और काम पूरा करने की गति हो सकती है। ये कारक तय कर सकते हैं कि डेवलपर और कंपनियां कौन-सा टूल चुनें।
19 अक्टूबर को की गई टिप्पणियों में Kaplan ने कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के कई काम अब उनके शब्दों में “इंटेलिजेंस सैचुरेशन” तक पहुंच गए हैं। जब कई मॉडल किसी काम को अच्छी तरह कर सकते हैं, तो उनकी क्षमता में छोटे अंतर से चुनाव तय होना जरूरी नहीं। ऐसे में डेवलपर और कंपनियां इस्तेमाल का खर्च, जवाब मिलने का समय और काम कितनी कुशलता से पूरा होता है—इन बातों को अधिक तवज्जो दे सकते हैं।
हालिया उद्योग आंकड़े भी इसी दिशा की ओर इशारा करते हैं। मॉडल की क्षमता में 10 प्रतिशत अंक की बढ़त अब डेवलपर ट्रैफिक में करीब 20% के फायदे से जुड़ी है। 2025 के अंत में इतनी ही बढ़त के साथ ट्रैफिक में लगभग 69% का इजाफा जुड़ा था। ये आंकड़े संकेत देते हैं कि डेवलपर अब केवल मॉडल की क्षमता में सुधार के प्रति पहले जितने संवेदनशील नहीं रह गए हैं।
Devin के लिए लागत और काम पूरा करने की गति अहम
Cognition, Devin बनाती है—यह AI इंजीनियरिंग टूल कोडिंग समेत सॉफ्टवेयर विकास प्रक्रिया के कुछ हिस्सों को संभालने के लिए तैयार किया गया है। Kaplan ने कहा कि यह रुझान कंपनी के आंतरिक अनुभवों से “काफी हद तक मेल खाता है”, लेकिन उन्होंने ग्राहकों, राजस्व या उपयोग के आंकड़े साझा नहीं किए।
जब कई मॉडल नियमित सॉफ्टवेयर कार्य कर सकते हैं, तो मुकाबला सिर्फ इस बात का नहीं रहता कि कौन-सा सिस्टम सबसे कठिन समस्या हल कर सकता है। हर काम की लागत और उसे पूरा करने में लगने वाला समय भी मायने रखता है। बड़े पैमाने पर टूल लागू कर पाने की क्षमता भी महत्वपूर्ण है। इन पहलुओं का असर कंपनियों के बजट और इस बात पर पड़ सकता है कि डेवलपर किसी उत्पाद का इस्तेमाल जारी रखते हैं या नहीं।
बड़ी AI कंपनियां कोडिंग क्षमताओं पर जोर दे रही हैं
OpenAI, Anthropic, Meta और Google समेत कई AI कंपनियां डेवलपरों को आकर्षित करने और एंटरप्राइज अनुबंध हासिल करने के लिए अपने कोडिंग टूल को बढ़ावा दे रही हैं। कोड तैयार करने, बग ठीक करने और जटिल इंजीनियरिंग कार्य संभालने की क्षमता अब तक इन उत्पादों की प्रमुख खासियत रही है।
जैसे-जैसे AI एजेंट दोहराए जाने वाले और नियमित सॉफ्टवेयर कार्य बेहतर ढंग से करने लगेंगे, उपयोगकर्ता अधिक सक्षम मॉडल से मिलने वाले अतिरिक्त लाभ पर फिर विचार कर सकते हैं। अगर कोई सस्ता और तेज सिस्टम वही काम पूरा कर सके, तो ग्राहक सीमित प्रदर्शन सुधार के लिए ज्यादा भुगतान करने या अधिक इंतजार करने को कम तैयार हो सकते हैं।
इसका मतलब यह नहीं कि अधिक सक्षम मॉडल बनाने की दौड़ खत्म हो गई है। जटिल सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर, लंबे कार्यप्रवाह और कम त्रुटि दर की जरूरत वाले प्रोजेक्ट में तर्क क्षमता अब भी अहम हो सकती है। Kaplan की टिप्पणियां उन कामों पर केंद्रित थीं जिन्हें कई मॉडल पहले से अच्छी तरह संभालते हैं; उनसे यह साबित नहीं होता कि पूरा AI कोडिंग बाजार एकसमान रूप से कम कीमत या तेज जवाब की ओर बढ़ेगा। Cognition ने Devin की कीमत, मॉडल विकल्पों या एंटरप्राइज सेवाओं में संभावित बदलावों पर कोई जानकारी नहीं दी है।