अमेरिका के मध्यावधि चुनाव से एक सप्ताह पहले बढ़ती कीमतें रिपब्लिकन मतदाताओं के आर्थिक भरोसे पर असर डाल रही हैं। मिशिगन विश्वविद्यालय के उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच उन रिपब्लिकन उत्तरदाताओं का अनुपात सबसे तेजी से बढ़ा जिन्होंने कहा कि ऊंची कीमतें उनकी निजी वित्तीय स्थिति को नुकसान पहुंचा रही हैं। रिपब्लिकन अब भी कुल मिलाकर डेमोक्रेट और निर्दलीय मतदाताओं से अधिक आशावादी हैं, लेकिन जीवन-यापन की लागत का दबाव बढ़ने के साथ अर्थव्यवस्था को लेकर उनका आकलन कमजोर हुआ है।
प्यू सर्वेक्षण में रिपब्लिकन का आर्थिक भरोसा घटा
प्यू रिसर्च सेंटर ने 28 सितंबर से 4 अक्टूबर तक 5,062 अमेरिकी वयस्कों का सर्वेक्षण किया। नतीजों में रिपब्लिकन और रिपब्लिकन समर्थक उत्तरदाताओं के बीच देश की आर्थिक स्थिति को अच्छा मानने वालों का अनुपात घटा हुआ दिखा। अर्थव्यवस्था के बारे में राय अक्सर सत्ता में मौजूद पार्टी के साथ बदलती रही है: डेमोक्रेटिक प्रशासन के दौरान डेमोक्रेट अधिक आशावादी होते हैं, जबकि रिपब्लिकन आम तौर पर अपनी पार्टी की सरकार के समय अर्थव्यवस्था को बेहतर मानते हैं। ऐसे में रिपब्लिकन मतदाताओं के भरोसे में मौजूदा गिरावट पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
प्यू के मुताबिक, जनवरी 2026 में 18% रिपब्लिकन उत्तरदाताओं का कहना था कि डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों ने हालात बिगाड़े हैं। अक्टूबर तक यह अनुपात बढ़कर 35% हो गया। अगले एक साल में अर्थव्यवस्था और खराब होने की आशंका जताने वाले रिपब्लिकन भी जनवरी के 14% से बढ़कर 25% हो गए।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता मैथ्यू मिडलटन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की विकास-समर्थक आर्थिक नीतियों ने पहले की ऊंची महंगाई के असर को कम किया, आर्थिक वृद्धि और वेतन बढ़ोतरी को सहारा दिया तथा निजी क्षेत्र में रोजगार पैदा किए। उन्होंने हाल के उतार-चढ़ाव के लिए ईरान के साथ संघर्ष को जिम्मेदार बताया और कहा कि प्रशासन आर्थिक नतीजे देने की कोशिश जारी रखेगा।
ऊर्जा महंगी, वेतन वृद्धि महंगाई से पीछे
कीमतों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच ऊर्जा लागत भी ऊपर गई है। सितंबर का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) उम्मीद से अधिक बढ़ा और ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल महंगाई बढ़ने की प्रमुख वजहों में रहा। लगातार छह महीने से महंगाई वेतन वृद्धि से आगे है, जिससे कई परिवारों की खरीदारी क्षमता पर दबाव बना हुआ है। रोजगार के मोर्चे पर भी कमजोरी के संकेत मिले: सितंबर में अमेरिका में गैर-कृषि क्षेत्र में केवल 29,000 नौकरियां जुड़ीं, जबकि अर्थशास्त्रियों ने 90,000 की उम्मीद की थी।
एसएसआरएस के आर्थिक रुझान ट्रैकर में भी रिपब्लिकन उत्तरदाताओं के अर्थव्यवस्था को “अच्छा” कहने के बजाय “खराब” बताने की संभावना अधिक पाई गई। निर्दलीय मतदाताओं में अर्थव्यवस्था के बारे में सकारात्मक राय रखने वालों का अनुपात घटकर 12% रह गया, जो अगस्त 2025 में 25% के उच्च स्तर पर था। सर्वेक्षणों के तरीके अलग-अलग हैं, लेकिन सभी में परिवारों के आर्थिक हालात के आकलन में गिरावट के संकेत हैं।
मध्यावधि चुनाव से पहले जीवन-यापन की लागत अहम मुद्दा
मतदान के दिन में एक सप्ताह बाकी रहते स्विंग राज्यों के चुनाव प्रचार में आवास, पेट्रोल और बिजली जैसे रोजमर्रा के खर्च प्रमुख मुद्दे बन गए हैं। दोनों पार्टियों के उम्मीदवार बता रहे हैं कि उनकी नीतियां जीवन-यापन की लागत कैसे घटा सकती हैं। मतदाताओं पर कीमतों का वास्तविक असर उनके चुनावी फैसलों को प्रभावित कर सकता है।
अर्थव्यवस्था संभालने के मामले में किस पार्टी पर अधिक भरोसा है, इस पर भी मतदाताओं की राय बदली है। इप्सोस, द वॉशिंगटन पोस्ट और एबीसी न्यूज़ के अप्रैल के सर्वेक्षण में 34% उत्तरदाताओं ने कहा था कि रिपब्लिकन अर्थव्यवस्था संभालने में बेहतर हैं, जबकि 33% ने डेमोक्रेट का पक्ष लिया। 13 अक्टूबर तक तस्वीर उलट गई: 37% ने डेमोक्रेट को बेहतर माना, जबकि रिपब्लिकन के पक्ष में यह अनुपात 28% था।
मध्यावधि चुनाव नजदीक आने के साथ महंगाई, वेतन वृद्धि और रोजगार मतदाताओं के आर्थिक अनुभव के अहम पैमाने बने हुए हैं।