AI पहचान सेवा Pangram के विश्लेषण के मुताबिक, Anthropic की 335 पन्नों वाली IPO पंजीकरण फाइलिंग का लगभग 92% हिस्सा इंसानों ने लिखा था। सेवा ने कुछ वाक्यों और अंशों को संभावित AI उपयोग के संकेत के रूप में चिह्नित किया। इससे यह समझने का एक संकेत मिलता है कि AI कंपनी ने निवेशकों के लिए तैयार इस अहम दस्तावेज़ में अपनी तकनीक का इस्तेमाल किया हो सकता है। हालांकि, डिटेक्टर के नतीजे यह साबित नहीं करते कि पाठ किसने लिखा या संपादित किया।
Pangram ने करीब 2.59 लाख शब्दों का विश्लेषण किया
Anthropic ने 26 अक्टूबर 2026 को अपनी S-1 फाइलिंग जमा की। 335 पन्नों के इस दस्तावेज़ में अंग्रेज़ी के लगभग 259,031 शब्द हैं। इतने बड़े दस्तावेज़ को प्रोसेस करने की शुरुआती कोशिश में तकनीकी दिक्कतें आईं, जिसके बाद Pangram के सह-संस्थापक और CEO Max Spero ने पूरी फाइलिंग के विश्लेषण में मदद की।
Pangram ने फाइलिंग के करीब 92% हिस्से को मानव-लिखित वर्गीकृत किया। कुछ वाक्यों और अंशों में सेवा ने अपेक्षाकृत अधिक भरोसे के साथ संभावित AI उपयोग के संकेत पाए। इनमें एक उदाहरण AI विकास की तेज रफ्तार का वर्णन करता है—जहां नए मॉडल वर्षों के बजाय महीनों के अंतराल पर सामने आ रहे हैं।
Spero ने कहा कि नतीजे बड़े हिस्से को पूरी तरह AI से लिखे जाने के बजाय हल्के AI संपादन या अलग-अलग वाक्यों में AI के इस्तेमाल से अधिक मेल खाते हैं। विश्लेषण के समय तक Anthropic ने इन निष्कर्षों पर कोई जवाब नहीं दिया था।
डिटेक्टर से लेखन का असली स्रोत तय नहीं होता
Pangram का विश्लेषण उन विशेषताओं को पहचानता है जो AI-लिखित पाठ से जुड़ी हो सकती हैं; यह दस्तावेज़ तैयार करने की प्रक्रिया का रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे डिटेक्टर पूरी तरह सटीक नहीं होते। अगर किसी मानव-लिखित सामग्री को AI से निखारा, दोबारा लिखा या प्रूफरीड किया गया हो, तो उसे भी सेवा AI-संबंधित मानकर चिह्नित कर सकती है।
पत्रकार Aki Ito ने पहले अपने LinkedIn पोस्ट और प्रकाशित लेख Pangram से जांचने के लिए दिए थे। सेवा ने केवल एक लेख में एक वाक्य को चिह्नित किया। समीक्षा करने पर Ito ने पाया कि उन्होंने जो वाक्य लिखा था, उसे दोबारा लिखने का सुझाव ChatGPT ने दिया था और उन्होंने वह बदलाव स्वीकार कर लिया था। यह उदाहरण दिखाता है कि AI की मदद से किए गए संपादन में मानव लेखन और मशीन की भूमिका को अलग करना डिटेक्टर के लिए मुश्किल हो सकता है।
Anthropic के पास AI वॉटरमार्क पहचानने का अपना सिस्टम भी है। लेकिन उस समय यह टूल आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं था, इसलिए S-1 पर Pangram के नतीजों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सका।
IPO खुलासों में मानव समीक्षा की अहम भूमिका
S-1 निवेशकों और नियामकों के लिए एक प्रमुख खुलासा दस्तावेज़ है। इसमें कंपनी के कारोबार और वित्तीय जानकारी दी जाती है, जिसकी अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) समीक्षा करता है। Anthropic की फाइलिंग में कंपनी की योजनाओं और मौजूदा वित्तीय स्थिति का ब्यौरा है। ऐसे दस्तावेज़ों में भाषा की सटीकता और पूरी जानकारी निवेशकों के कारोबार और उससे जुड़े जोखिमों के आकलन को प्रभावित करती है।
यह विश्लेषण एक व्यावहारिक सवाल उठाता है: ऐसी फाइलिंग तैयार करते समय Anthropic को अपने मॉडल पर कितनी निर्भरता रखनी चाहिए? S-1 दस्तावेज़ों में मानकीकृत और तकनीकी भाषा बड़ी मात्रा में होती है, जिसे सैद्धांतिक रूप से AI की मदद से लिखा या संपादित किया जा सकता है। दूसरी ओर, अगर Anthropic ने मुख्य रूप से मानव लेखकों पर भरोसा किया, तो यह उच्च-दांव वाले खुलासों में मानवीय समीक्षा और जवाबदेही की भूमिका को रेखांकित करेगा।
Pangram का निष्कर्ष है कि फाइलिंग का अधिकांश हिस्सा लोगों ने लिखा, जबकि एक छोटे हिस्से में AI की मदद लिए जाने की संभावना है। डिटेक्टर की सीमाओं और Anthropic की टिप्पणी न मिलने के कारण यह विश्लेषण तय नहीं कर सकता कि किन अंशों में AI का इस्तेमाल हुआ या उसका दायरा कितना था।