मध्य पूर्व में नए तनाव के बीच शुक्रवार, 23 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड 117.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया—अप्रैल के बाद का इसका सबसे ऊंचा स्तर। तेल आपूर्ति और जहाजरानी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। इस बीच अमेरिकी शेयर और बिटकॉइन पहले से दबाव में थे। तेल की तेजी ने महंगाई के जोखिम को भी फिर चर्चा में ला दिया है।
हूतियों के हमले से समुद्री मार्गों पर चिंता
तेल में ताजा उछाल ईरान समर्थित हूती बलों के सऊदी अरब पर हमले के बाद आया। संघर्ष तेज होने के बीच सऊदी अरामको ने अपना मुख्यालय खाली कराया। संयुक्त अरब अमीरात के पास तेल फैलने की घटना ने क्षेत्र में जहाजरानी की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी।
बाजार यह देख रहे हैं कि क्या संघर्ष लंबा खिंचता है या फैलता है, जिससे कच्चे तेल की ढुलाई अथवा आपूर्ति बाधित हो सकती है। उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि तेल फैलने की घटना का वास्तविक आपूर्ति पर कितना असर पड़ा। इसलिए कीमतों की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि हालात कैसे बदलते हैं और परिवहन मार्ग प्रभावित होते हैं या नहीं।
ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई की संभावना अनिश्चित
अनिश्चितता का एक और कारण यह संभावना है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर शुरू कर सकता है। रिपोर्टों में अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद अमेरिका और इजराइल की संभावित हमलों की योजनाओं का उल्लेख है। ऊर्जा ढांचा संभावित निशानों में शामिल बताया गया है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि मतदान से पहले कोई हमला नहीं होगा। हालांकि, योजनाओं की मौजूदगी का मतलब यह नहीं कि कार्रवाई निश्चित है।
फिलहाल बाजार किसी पुष्ट सैन्य अभियान के बजाय बढ़े हुए भू-राजनीतिक जोखिम को कीमतों में शामिल कर रहे हैं। तनाव बढ़ने पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों और परिवहन मार्गों को खतरा हो सकता है, लेकिन बताई गई योजनाएं लागू होंगी या नहीं, यह अभी साफ नहीं है।
नैस्डैक 2.6% गिरा, बिटकॉइन 81,400 डॉलर के करीब
तेल की तेजी ऐसे समय आई जब जोखिम वाली परिसंपत्तियां पहले से कमजोर थीं। गुरुवार को नैस्डैक 2.6% और एसएंडपी 500 में 1.2% की गिरावट आई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर भारी खर्च को लेकर चिंताएं टेक शेयरों की बिकवाली की प्रमुख वजह रहीं; ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी ने दबाव का एक और कारण जोड़ा।
बिटकॉइन थोड़ी देर के लिए करीब 81,400 डॉलर तक गिरा और परिसमापन का आंकड़ा 441 मिलियन डॉलर के करीब पहुंच गया। तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई को लेकर चिंता तेज कर सकती हैं, लेकिन वे शेयरों और क्रिप्टो में गिरावट की अकेली वजह नहीं हैं। टेक कंपनियों के खर्च, निवेशकों की पोजीशन में बदलाव और मध्य पूर्व का तनाव—इन सभी ने जोखिम लेने की इच्छा पर असर डाला।
ब्रेंट अब 117.42 डॉलर प्रति बैरल पर है, जो इस साल के उच्च स्तर के करीब है। निवेशक इस पर नजर रख रहे हैं कि संघर्ष फैलता है या नहीं, जहाजरानी बाधित होती है या नहीं और चुनाव के बाद अमेरिका कोई कदम उठाता है या नहीं। सैन्य कार्रवाई की बताई गई योजना और किसी पुष्ट हमले के बीच फर्क बना हुआ है।