एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च अब केवल GPU तक सीमित नहीं है। बिजली उत्पादन, फाइबर-ऑप्टिक्स, मेमोरी, GPU लीजिंग और चिप कनेक्टिविटी से जुड़ी कंपनियां भी इस निवेश चक्र की अगली कड़ी बन रही हैं। Nvidia (NVDA) को हाल के वर्षों में इस रुझान का सबसे सीधा लाभ मिला है, लेकिन प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के डेटा सेंटर बजट बढ़ाने के साथ सप्लाई चेन की अन्य बाधाओं को भी मूल्य निर्धारण की ताकत मिल रही है।
यह मांग अमेरिका और दुनिया के कई हिस्सों में भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर में दशकों से हुए कम निवेश के बाद आई है। 1990 में अमेरिका दुनिया के करीब 37% सेमीकंडक्टर बनाता था, लेकिन 2020 तक यह हिस्सा घटकर 12% रह गया। बिजली उत्पादन परिसंपत्तियों, ग्रिड उपकरणों, बड़े पैमाने के औद्योगिक विनिर्माण, उन्नत पैकेजिंग और प्रिसिजन ऑप्टिक्स में भी आउटसोर्सिंग या अपर्याप्त क्षमता की समस्या रही है। एशिया और अन्य क्षेत्रों में उत्पादन के केंद्रीकरण से लागत कम हुई, लेकिन एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के तेज विस्तार ने पूरी सप्लाई चेन में क्षमता की सीमाएं उजागर कर दी हैं।
बिग टेक कंपनियों का पूंजीगत खर्च बढ़ा
प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों का डेटा सेंटर और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर संयुक्त पूंजीगत खर्च 2022 के लगभग 142 अरब डॉलर से बढ़कर 2026 में करीब 600 अरब डॉलर हो गया है। यानी चार वर्षों में इसमें चार गुना से अधिक वृद्धि हुई। Alphabet ने 2025 के लिए अपना पूंजीगत बजट तीन बार बढ़ाया और इसे 2024 के 52.5 अरब डॉलर से बढ़ाकर 93 अरब डॉलर तक कर दिया। Microsoft का तिमाही पूंजीगत खर्च 34.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 74% अधिक है। Amazon को 2025 में 125 अरब डॉलर का पूंजीगत खर्च करने की उम्मीद है, जो 61% की वृद्धि होगी।
Goldman Sachs का अनुमान है कि Meta Platforms, Microsoft, Amazon और Alphabet वित्त वर्ष 2025 से वित्त वर्ष 2030 तक संयुक्त रूप से 5.3 ट्रिलियन डॉलर का पूंजीगत खर्च करेंगी। PwC के अनुसार, एआई युग में वैश्विक डेटा सेंटर निवेश 2050 तक कुल 31.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। सालाना खर्च 2026 के लगभग 800 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 में 1.1 ट्रिलियन डॉलर और सदी के मध्य तक 1.8 ट्रिलियन डॉलर हो सकता है।
कुछ पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर चक्रों में निर्माण चरम पर पहुंचने के बाद निवेश घट गया था। इसके विपरीत, एआई डेटा सेंटर में लगे GPU, सर्वर, मेमोरी और नेटवर्किंग उपकरणों को आम तौर पर हर चार से छह वर्ष में बदलना पड़ता है। इससे शुरुआती निर्माण के बाद उपकरणों के प्रतिस्थापन का एक दोहराव वाला बाजार बनता है। हालांकि इसकी गति एआई अपनाने, कंपनियों के बजट और घटकों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
GE Vernova के लिए बिजली उपकरण अहम बाधा
एआई डेटा सेंटरों के सामने चुनौती केवल चिप्स की नहीं है। नई बिजली क्षमता को चालू करने में लगने वाला समय भी विस्तार की गति सीमित कर सकता है। GE Vernova (GEV) गैस टर्बाइन और ग्रिड उपकरण बनाती है, जिनका इस्तेमाल यूटिलिटी कंपनियां बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने के लिए करती हैं।
कंपनी ने तिमाही राजस्व 11.1 अरब डॉलर बताया। उसके पावर कारोबार में ऑर्गेनिक ऑर्डर 134% और इलेक्ट्रिफिकेशन कारोबार में 66% बढ़े। प्रबंधन को उम्मीद है कि उसका बैकलॉग, जो पहले ही 160 अरब डॉलर से अधिक है, 2027 के अंत तक 200 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच जाएगा। यह साल की शुरुआत में दिए गए अनुमान से एक वर्ष पहले होगा।
Chevron (CVX) के साथ विकसित किए जा रहे टेक्सास डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए Microsoft ने GE Vernova की सात गैस टर्बाइन का ऑर्डर दिया है। इसी तरह के अन्य प्रोजेक्ट भी बढ़ रहे हैं। GE Vernova के शेयर में पहले ही काफी तेजी आ चुकी है, इसलिए निवेशक अब केवल ऑर्डर वृद्धि ही नहीं, बल्कि क्षमता विस्तार की गति और मौजूदा मूल्यांकन में भविष्य की कितनी वृद्धि शामिल है, इस पर भी ध्यान दे रहे हैं।
Corning में एआई डेटा सेंटरों से फाइबर मांग बढ़ी
डेटा सेंटरों में GPU सर्वरों के लिए तेज गति वाले फाइबर कनेक्शन जरूरी होते हैं। दुनिया की प्रमुख फाइबर-ऑप्टिक्स तकनीक और विनिर्माण कंपनियों में शामिल Corning (GLW) ने पिछली तिमाही में 4.74 अरब डॉलर की कोर बिक्री दर्ज की, जो सालाना आधार पर 17% अधिक है। ऑपरेटिंग मार्जिन करीब दो प्रतिशत अंक बढ़कर 20.9% हो गया। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने बताया कि एआई डेटा सेंटरों से सीधे जुड़ी बिक्री पिछली तिमाही की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई।
Corning ने Amazon के साथ फाइबर विनिर्माण संबंध का विस्तार किया है और Meta के साथ उसकी अगली पीढ़ी के एआई डेटा सेंटरों के लिए फाइबर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का बहुवर्षीय समझौता किया है। इस समझौते का संभावित मूल्य 6 अरब डॉलर तक है। कंपनी की दीर्घकालिक योजना के तहत वार्षिक बिक्री 2026 में करीब 20 अरब डॉलर से बढ़कर 2028 में 30 अरब डॉलर और 2030 में 40 अरब डॉलर हो सकती है। इन लक्ष्यों की पूर्ति डेटा सेंटर निर्माण की गति, ग्राहकों के ऑर्डर पूरे होने और फाइबर क्षमता के विस्तार पर निर्भर करेगी।
Micron में हाई-बैंडविड्थ मेमोरी की कमी बरकरार
एआई सर्वर सप्लाई चेन में मेमोरी चिप्स भी ऐसा क्षेत्र है जहां मांग और आपूर्ति का संतुलन तेजी से बदला है। Micron Technology (MU) ने 2026 के अंत तक अपनी हाई-बैंडविड्थ मेमोरी क्षमता की पूरी बुकिंग होने की जानकारी दी है। कंपनी का तिमाही राजस्व 41.5 अरब डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर 346% अधिक है। सकल मार्जिन एक वर्ष पहले 40% से कम था, जो बढ़कर करीब 85% हो गया।
Samsung Electronics (SSNLF) और SK Hynix (SKHY) मेमोरी क्षेत्र में Micron के दो प्रमुख वैश्विक प्रतिस्पर्धी हैं। दोनों कंपनियों को उम्मीद है कि मेमोरी की व्यापक कमी 2027 या उसके बाद तक बनी रह सकती है।
2026 की पहली छमाही में Micron के शेयर करीब 340% चढ़े, लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई से 20% से अधिक नीचे आ गए। यह उतार-चढ़ाव दिखाता है कि मेमोरी चक्र को लेकर बाजार की उम्मीदें पहले ही काफी बढ़ चुकी हैं। आगे का प्रदर्शन उत्पाद कीमतों, नई क्षमता, ग्राहकों के स्टॉक और एआई सर्वर मांग में बदलाव पर निर्भर करेगा।
Nebius के जरिए GPU क्षमता किराये पर उपलब्ध
Nebius Group (NBIS) न तो चिप बनाती है और न ही एआई मॉडल प्रशिक्षित करती है। कंपनी ग्राहकों को GPU क्लस्टर किराये पर देती है। बाजार में इस तरह की सेवा को अक्सर “न्यू क्लाउड” कहा जाता है। Nebius ने तिमाही राजस्व 582 मिलियन डॉलर बताया, जो सालाना आधार पर 454% अधिक है। कंपनी पहली बार समायोजित आधार पर लाभ में आई।
Nebius ने Meta Platforms के साथ पांच वर्ष का इंफ्रास्ट्रक्चर समझौता किया है, जिसका संभावित कुल मूल्य 27 अरब डॉलर तक है। Nvidia ने भी कंपनी में सीधे 2 अरब डॉलर का निवेश किया है। इससे Nebius को भविष्य की कंप्यूटिंग क्षमता तक प्राथमिक पहुंच हासिल करने में मदद मिली है।
इस कारोबारी मॉडल में मुख्य बाधा केवल ग्राहक जुटाना नहीं, बल्कि कंप्यूटिंग क्लस्टर तैयार करने की गति है। ग्राहक प्रतिबद्धताओं को राजस्व में बदलने से पहले Nebius को लगातार GPU खरीदने, डेटा सेंटर बनाने और पर्याप्त बिजली सुरक्षित करने की जरूरत होगी। इसलिए निवेशक तेज राजस्व वृद्धि के साथ पूंजीगत खर्च, वित्तपोषण की जरूरत, उपकरणों की डिलीवरी और ग्राहकों की एकाग्रता पर भी नजर रख रहे हैं।
Astera Labs में चिपों के बीच डेटा प्रवाह पर दबाव
एआई सर्वर रैक में अधिक संख्या में चिप्स को ज्यादा गति पर चलाने के साथ उन चिप्स के बीच डेटा स्थानांतरण भी सीमित कारक बन सकता है। Astera Labs (ALAB) सर्वरों के लिए कनेक्टिविटी और इंटरकनेक्ट उत्पाद विकसित करती है। उसकी नवीनतम तिमाही में राजस्व 392.4 मिलियन डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर 104% अधिक है। राजस्व और लाभ, दोनों वॉल स्ट्रीट के अनुमान से ऊपर रहे।
कंपनी को उम्मीद है कि अगली तिमाही का राजस्व विश्लेषकों के पिछले अनुमान से करीब 30% अधिक होगा। उसकी नई पीढ़ी की Scorpio X स्विच चिप का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हो गया है। लॉन्च के केवल एक तिमाही बाद यह कंपनी की सबसे बड़ी उत्पाद लाइन बन सकती है।
नतीजे जारी होने के बाद JPMorgan, Jefferies और Morgan Stanley ने अपने मूल्य लक्ष्य कम से कम 20% बढ़ाए। Astera Labs इस समूह की सबसे छोटी और अधिक अस्थिर कंपनियों में से एक है। इसलिए उसका मूल्यांकन नए उत्पादों के उत्पादन विस्तार और ग्राहक ऑर्डर की वृद्धि के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है।
क्षमता तय करेगी कि मांग राजस्व में कितनी बदलेगी
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने GPU, सर्वर, बिजली, मेमोरी और फाइबर—सभी क्षेत्रों में मांग बढ़ाई है, लेकिन हर क्षेत्र में आपूर्ति की स्थिति अलग है। Nvidia का डेटा सेंटर राजस्व उसके नवीनतम वित्तीय वर्ष में 194 अरब डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर 68% अधिक और ChatGPT लॉन्च के समय के स्तर से लगभग 13 गुना है। कंपनी का सकल मार्जिन 75% से ऊपर बना रहा। Dell (DELL) और Super Micro (SMCI) जैसे सर्वर असेंबलर भी इससे लाभान्वित हुए हैं।
परमाणु बिजली संचालक Constellation Energy (CEG) ने ऐसे दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते किए हैं जिनकी कीमतें क्षेत्र में प्रचलित दरों से 30 से 40 सेंट प्रति किलोवाट-घंटा अधिक हैं। उसकी समायोजित प्रति शेयर आय पिछली तिमाही में 25% से अधिक बढ़ी। ये समझौते दिखाते हैं कि बिजली की कमी ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं तक भी पहुंचने लगी है, हालांकि नई उत्पादन क्षमता और ग्रिड उपकरणों के निर्माण में लंबा समय लगता है।
इन कंपनियों के शेयर भाव और मूल्यांकन में एआई निवेश वृद्धि की अलग-अलग मात्रा पहले ही शामिल हो चुकी है। नई क्षमता शुरू होने के साथ आपूर्ति की बाधाएं कम हो सकती हैं, जबकि मांग वृद्धि, उपकरणों के प्रतिस्थापन चक्र, वित्तपोषण की स्थितियां और नीतिगत फैसले पूंजीगत खर्च की गति बदल सकते हैं। इसलिए बाजार का ध्यान अब एआई निवेश के कुल आकार से आगे बढ़कर इस बात पर है कि अगली पूंजी किस सप्लाई-चेन क्षेत्र में जाएगी और कंपनियां अपने बैकलॉग को राजस्व तथा नकदी प्रवाह में कितनी प्रभावी ढंग से बदल पाती हैं।