ब्रेंट क्रूड का भाव JPMorgan के उचित मूल्य अनुमान से करीब 20 डॉलर प्रति बैरल ऊपर है और इस अंतर की सबसे संभावित वजह भू-राजनीतिक जोखिम मानी जा रही है। Fitch की रिसर्च इकाई BMI का कहना है कि 2027 की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर प्रारंभिक समझौता हुआ तो यह प्रीमियम तेजी से घट सकता है। हालांकि, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद संघर्ष फिर भड़का तो तेल की कीमतें युद्ध के दौरान बने पिछले उच्च स्तर से भी ऊपर जा सकती हैं।
ब्रेंट, JPMorgan के उचित मूल्य से करीब $20 ऊपर
JPMorgan के मॉडल के अनुसार ब्रेंट का उचित मूल्य करीब 94 डॉलर प्रति बैरल है, जबकि बाजार भाव लगभग 114 डॉलर के आसपास है। बैंक के विश्लेषकों का कहना है कि उपलब्ध आंकड़ों में परिवहन लागत इतनी बढ़ी हुई नहीं दिखती कि करीब 20 डॉलर के इस अंतर को समझाया जा सके। इसलिए कीमतों में भू-राजनीतिक जोखिम का प्रीमियम शामिल होने की संभावना अधिक है।
JPMorgan का अनुमान है कि अक्टूबर में एशिया भेजे गए कच्चे तेल का औसत भाव 131 डॉलर प्रति बैरल रहा। ऐतिहासिक तौर पर, जब तेल की कीमतें मॉडल के उचित मूल्य से 5% से ज्यादा ऊपर रही हैं, तो ऐसी अवधि औसतन 3.8 महीने चली है। बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनिश्चितता के दौर में कीमतें कुछ समय तक अनुमानित उचित मूल्य से काफी ऊपर या नीचे रह सकती हैं। उचित मूल्य का अनुमान यह नहीं बताता कि बाजार भाव तुरंत उसी स्तर पर लौट आएगा।
समझौता हुआ तो कीमतों में तेज गिरावट की गुंजाइश
BMI का अनुमान है कि इस तिमाही में ब्रेंट का औसत भाव 107 डॉलर प्रति बैरल और 2027 की पहली तिमाही में 112 डॉलर रहेगा। संस्था को उम्मीद है कि 2027 की शुरुआत में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच होर्मुज़ को लेकर प्रारंभिक समझौता होने पर कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आ सकती है। OPEC और गैर-OPEC उत्पादकों से आपूर्ति बढ़ने के साथ, BMI का अनुमान है कि 2027 की चौथी तिमाही में ब्रेंट औसतन 67 डॉलर प्रति बैरल पर रहेगा।
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने हाल में तेल की कीमतों में उछाल को अस्थायी बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बल होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा दे रहे हैं, लेकिन कीमतों का कोई अनुमान नहीं दिया और न ही इस अभियान की लागत बताई। Wright ने ऊंची कीमतों की वजह वैश्विक स्तर पर रिफाइनिंग क्षमता की कमी को बताया।
संघर्ष दोबारा बढ़ा तो कीमतों पर दबाव कायम रह सकता है
BMI का अनुमान इस धारणा पर आधारित है कि होर्मुज़ के आसपास तनाव घटेगा और आपूर्ति बढ़ेगी। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद संघर्ष फिर तेज हुआ तो यह परिदृश्य बदल सकता है। समुद्री परिवहन और कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका युद्ध प्रीमियम को बनाए रख सकती है और कीमतों को युद्ध के दौरान बने पिछले उच्च स्तर से ऊपर ले जा सकती है।
होर्मुज़ पर समझौता अभी एक संभावना है, तय नतीजा नहीं। तेल बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि बातचीत में कितनी प्रगति होती है और आपूर्ति से जुड़े जोखिम वास्तव में कम होते हैं या नहीं।