फेडरल रिजर्व ने 28 अक्टूबर को अपनी प्रमुख ब्याज दर अपरिवर्तित रखी, जैसा कि बाजारों को उम्मीद थी। दो अधिकारियों ने फैसले से असहमति जताई। अध्यक्ष केविन वॉर्श ने FOMC की आगामी बैठकों के कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी दी और प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आर्थिक वृद्धि को सहारा देने वाले कई कारकों में से एक है।
महंगाई के और आंकड़ों का इंतजार
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने कहा कि वह यह आकलन करने के लिए और जानकारी जुटाती रहेगी कि महंगाई को समय रहते 2% के लक्ष्य तक लाने के लिए कैसी मौद्रिक नीति जरूरी है। बयान में यह संकेत नहीं दिया गया कि दिसंबर की बैठक में दरें बढ़ाई जाएंगी या नहीं। समिति ने कहा कि फैसला आने वाले आंकड़ों को देखकर लिया जाएगा।
दरें स्थिर रहने के बाद अब बाजारों का ध्यान आगामी महंगाई और आर्थिक आंकड़ों पर है—और इस पर भी कि अधिकारी उनकी व्याख्या कैसे करते हैं। JPMorgan Wealth Management के मुख्य निवेश रणनीतिकार फिल कैम्पोरेआले ने कहा कि फेड और जानकारी मिलने तक इंतजार करने के पक्ष में दिख रहा है। उनके मुताबिक, भू-राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी अनिश्चितता भी ब्याज दरों की दिशा का अनुमान लगाना कठिन बनाती है।
2027 की एक बैठक में दरों पर वोट नहीं
वॉर्श ने बताया कि FOMC 2027 में आठ बैठकें करेगा। इनमें से एक बैठक नीति-रणनीति पर चर्चा के लिए होगी और उसमें ब्याज दरों पर मतदान या बैठक के बाद जारी होने वाला बयान नहीं होगा। 2028 में समिति ऐसी दो रणनीति बैठकें रखने की योजना बना रही है। इससे दरों में बदलाव के लिए छह नियमित बैठकें बचेंगी। इस संख्या में आपात बैठकें शामिल नहीं हैं।
बैठकों का कैलेंडर तय करता है कि बाजारों को दरों पर औपचारिक फैसले और नीति संबंधी बयान कब मिलेंगे। निर्धारित मतदान वाली बैठकों की संख्या घटने पर भी निवेशक आर्थिक आंकड़ों और अधिकारियों की टिप्पणियों पर नजर रखेंगे, लेकिन दरें बदलने के लिए समिति के पास नियमित अवसर कम होंगे।
कुक और हैमैकि ने जताई असहमति
फेड गवर्नर लिसा कुक और क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमैकि ने फैसले के खिलाफ वोट दिया। एक असहमति की संभावना पहले से थी, लेकिन कुक का वोट खास तौर पर ध्यान में रहा। दरों पर फैसलों में फेड गवर्नरों की असहमति दुर्लभ है और 2022 में पद संभालने के बाद कुक ने पहली बार ऐसा वोट दिया। दोनों अधिकारियों से इस सप्ताह के अंत में अपने मत की वजह बताने की उम्मीद है।
Principal Asset Management की मुख्य वैश्विक रणनीतिकार सीमा शाह ने कहा कि दोनों असहमतियां समिति के भीतर सख्त मौद्रिक नीति के समर्थन का संकेत देती हैं। उनका अनुमान है कि फेड दिसंबर में और फिर 2027 की शुरुआत में दरें बढ़ा सकता है। यह शाह का संभावित नीति-पथ पर आकलन है, फेड का औपचारिक मार्गदर्शन नहीं।
वॉर्श ने वृद्धि के कारकों में AI का जिक्र किया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वॉर्श ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मौजूदा आर्थिक विस्तार में योगदान देने वाले कई कारकों में से एक बताया। उन्होंने वृद्धि की रफ्तार को मजबूत कहा, लेकिन इसका श्रेय केवल AI को नहीं दिया। आर्थिक परिस्थितियों को लेकर फेड का आकलन अब भी महंगाई के लक्ष्य और मौद्रिक नीति के फैसलों से जुड़ा है।
Jefferies के मुख्य अमेरिकी अर्थशास्त्री थॉमस सिमन्स ने कहा कि वॉर्श की संवाद शैली को केवल नरम या सख्त नीति के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, बाजारों को इस शैली के साथ तालमेल बैठाने में समय लग सकता है। फेड के रुख को समझने के लिए यह देखना अहम रहेगा कि आने वाले आंकड़ों के आधार पर दरों पर क्या फैसले होते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का प्रारूप भी बदला
नीति कैलेंडर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस का प्रारूप भी बदला है। सितंबर की बैठक के बाद हुई ब्रीफिंग करीब आधे घंटे चली—सामान्य 45 मिनट से कम। 28 अक्टूबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी लगभग 30 मिनट की रही। पहले पत्रकारों को कभी-कभी लगातार दो सवाल पूछने का मौका मिलता था; अब हर पत्रकार को एक सवाल तक सीमित रखा गया।
वॉर्श ने पत्रकारों के बैठने का क्रम भी बदला। पहले सीटें मीडिया संस्थान के आकार जैसे कारकों के आधार पर तय होती थीं। सितंबर में क्रम वर्णानुक्रम में रखा गया था, जबकि इस महीने उसका उलटा किया गया। इन बदलावों से ब्याज दरों के फैसले नहीं बदलते, लेकिन वे इस बात को प्रभावित करते हैं कि पत्रकार सवाल कैसे पूछते हैं और बाजारों तक फेड की नीति की व्याख्या किस तरह पहुंचती है।