2026 के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों और कई राज्यों के अहम पदों पर नियंत्रण खो दिया। हार उन राज्यों में भी हुई जहां पार्टी लंबे समय से मजबूत रही है। नतीजों ने डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक दिशा से जुड़े मतभेद तेज कर दिए हैं और 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उपराष्ट्रपति JD वेंस को शुरुआती पसंदीदा मानने की धारणा पर सवाल खड़े किए हैं।
फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस ने नतीजे को ऐसा झटका बताया जिससे रिपब्लिकन पार्टी “विलुप्त होने के करीब” पहुंच गई। वेंस ने हार के लिए कुछ हद तक ईरान में युद्ध को लेकर मतदाताओं की नाराजगी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह भी माना कि हार की वजहों पर पार्टी के भीतर तीखी बहस होगी। रिपब्लिकनों के सामने अब बड़ा सवाल है कि वे ट्रंप और उनके आंदोलन को केंद्र में रखें या ऐसे रूढ़िवादी मुद्दों पर लौटें जो व्यापक मतदाता वर्ग को आकर्षित कर सकें।
हार के बाद ट्रंप की रणनीति पर पार्टी में मतभेद
ट्रंप के विरोधी रिपब्लिकन चाहते हैं कि पार्टी उनके उभार से पहले की राजनीतिक परंपराओं की ओर लौटे। लेकिन यह आसान नहीं होगा। बीते दशक में पार्टी घरेलू मुद्दों, खासकर आव्रजन पर, अधिक दक्षिणपंथी हुई है और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के दौर में विदेशों में सैन्य हस्तक्षेप के समर्थन से दूर गई है। कांग्रेस में भी मध्यमार्गी और परंपरागत रिपब्लिकनों की पकड़ कमजोर हुई है। अब वहां ट्रंप समर्थक लोकलुभावन नेताओं और आव्रजन पर सख्त रुख रखने वालों का हिस्सा बड़ा है।
ट्रंप से टकराव रखने वाले कई वरिष्ठ रिपब्लिकन भी इस साल चुनाव हार गए। इनमें टेक्सास के जॉन कॉर्निन और मेन की सुसान कॉलिन्स शामिल हैं। चुनाव के तीन दिन बाद ट्रंप ने अपने लंबे समय के सलाहकार और आव्रजन पर सख्त रुख रखने वाले स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया। मिलर ने सूसी वाइल्स की जगह ली। इस नियुक्ति से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि ट्रंप अपनी नीति की दिशा बदलने वाले हैं।
‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल स्टीव बैनन ने हार के बाद पार्टी में “गृहयुद्ध” की आशंका जताई। उन्होंने नतीजों के लिए अर्थव्यवस्था और “विदेशी युद्धों” को जिम्मेदार ठहराया और ट्रंप से निर्वासन तेज करने की अपील की। रिपब्लिकन रणनीतिकार व्हिट आयरेस के मुताबिक, पार्टी में MAGA समर्थकों का आधार अब भी बड़ा है, लेकिन उनसे अलग रिपब्लिकन भी एक मजबूत धड़ा बनाते हैं और संभव है कि उनकी संख्या बहुमत में हो।
हिस्पैनिक और युवा मतदाताओं का रुझान डेमोक्रेट्स की ओर
2024 में रिपब्लिकनों ने हिस्पैनिक और युवा मतदाताओं के बीच समर्थन बढ़ाया था और इसे अपने आधार के विस्तार का संकेत माना था। लेकिन मतदाता आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, 2026 के मध्यावधि चुनावों में हिस्पैनिक मतदाताओं के बीच डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन 2024 के मुकाबले 29 प्रतिशत अंक बढ़ा। 18 से 29 वर्ष के मतदाताओं में यह बढ़ोतरी 33 अंक रही। चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों में भी अर्थव्यवस्था, आव्रजन और ईरान युद्ध पर ट्रंप के रुख को लेकर व्यापक असंतोष दिखा था।
ट्रंप के परिवार और प्रशासन के हितों के टकराव तथा भ्रष्टाचार में शामिल होने की धारणा से भी डेमोक्रेट्स को फायदा मिला। वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस बॉलरूम जैसी परियोजनाओं ने इस धारणा को बल दिया कि राष्ट्रपति जीवन-यापन की बढ़ती लागत के बजाय अपनी निजी विरासत पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
टेक्सास के ऑस्टिन में युवा रिपब्लिकन समूह के प्रमुख बेंजामिन श्रेडर ने कहा कि ट्रंप का प्रभाव अब भी बहुत बड़ा है। हालांकि, उनके मुताबिक पार्टी को बॉलरूम या नाम बदलने की परियोजनाओं के बजाय उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए जिनकी मतदाताओं को चिंता है।
वेंस की बढ़त घटी, कई संभावित दावेदार मैदान में
वेंस ने रिपब्लिकन हार को ईरान युद्ध से जोड़ते हुए “अमेरिका फर्स्ट” नीति की ओर लौटने की बात कही। उनका रुख एक अलोकप्रिय युद्ध की आलोचना करने के साथ MAGA समर्थकों को दूर न करने की कोशिश भी है। उन्होंने इजरायल को अमेरिकी समर्थन पर फिर विचार करने की मांग दोहराई और कहा कि आव्रजन कानूनों को लागू करने के तरीके में बदलाव किया जा सकता है। ये टिप्पणियां ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की उस आव्रजन नीति से अलग हैं जिसे मिलर ने आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है।
आयरेस के अनुसार, मध्यावधि चुनाव से पहले वेंस को 2028 के रिपब्लिकन नामांकन की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था, लेकिन अब मुकाबला खुला है। संभावित दावेदारों में विदेश मंत्री मार्को रुबियो, टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज़, डीसैंटिस, संयुक्त राष्ट्र में पूर्व अमेरिकी राजदूत निक्की हेली और न्यू जर्सी के पूर्व गवर्नर क्रिस क्रिस्टी शामिल हैं।
अगले राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को इजरायल को अमेरिकी समर्थन, टैरिफ और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास जैसे मुद्दों पर भी रुख स्पष्ट करना होगा। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के आखिरी दो साल शुरू होने के साथ पार्टी में उनका प्रभाव घट सकता है, लेकिन फिलहाल वे उसके सबसे प्रमुख नेता हैं। वह किसी उम्मीदवार का समर्थन करते हैं या नहीं—और किसे चुनते हैं—इससे 2028 की प्राइमरी दौड़ प्रभावित हो सकती है। वेंस, रुबियो या अन्य संभावित दावेदार कब अभियान शुरू करेंगे, और ट्रंप नामांकन की लड़ाई में हस्तक्षेप करेंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।