मंगलवार को UBS की मेजबानी में हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में 100 से अधिक निवेशकों ने MSCI से पूछा कि इंडोनेशिया को संभावित “दोहरी डाउनग्रेडिंग” की चेतावनी क्यों दी गई है और क्या देश अपना उभरते बाजार का दर्जा बरकरार रख सकता है। MSCI के प्रबंध निदेशक रमन अयलूर सुब्रमण्यम ने कहा कि मामला इंडेक्स से अधिक इंडोनेशिया के बाजार ढांचे और सुधारों से जुड़ा है। उनके मुताबिक, देश को सुधार आगे बढ़ाने और बाजार से “खराब प्रतिभागियों” को हटाने की जरूरत है।
दोहरी डाउनग्रेडिंग की वजह जानना चाहते हैं निवेशक
इंडोनेशिया की बाजार श्रेणी में बदलाव से संबंधित बेंचमार्क का अनुसरण करने वाले फंडों के पूंजी आवंटन पर असर पड़ सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय निवेशक इंडोनेशियाई शेयरों में निवेश की व्यवहार्यता को किस तरह आंकते हैं, यह भी बदल सकता है।
कॉल में निवेशकों के सवाल मुख्यतः दो बातों पर केंद्रित रहे: MSCI इतने बड़े बदलाव पर विचार क्यों कर रहा है, और क्या सुधारों के जरिए इंडोनेशिया उभरते बाजार का दर्जा खोने से बच सकता है। MSCI ने अब तक कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया है। देश की बाजार श्रेणी की समीक्षा जारी है।
बाजार ढांचे और कारोबार के तौर-तरीकों पर MSCI की चिंता
सुब्रमण्यम ने इंडोनेशिया के मामले को पूरे बाजार से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने बाजार के प्रतिभागियों और ट्रेडिंग माहौल से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। इससे संकेत मिलता है कि MSCI की समीक्षा में केवल इंडोनेशियाई शेयरों का हालिया प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि बाजार के नियम, प्रतिभागियों का व्यवहार और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए स्थिर व पारदर्शी ट्रेडिंग व्यवस्था की उपलब्धता भी शामिल है।
“खराब प्रतिभागियों” के उनके उल्लेख के साथ ऐसी संस्थाओं, उनके व्यवहार या नियामकीय कदमों की सार्वजनिक जानकारी नहीं दी गई। इसलिए निवेशकों को संभावित डाउनग्रेड के दायरे, समय-सीमा और अंतिम निर्णय को प्रभावित करने वाली शर्तों पर अब भी स्पष्टता नहीं मिली है।
इंडोनेशिया का उभरते बाजार का दर्जा फिलहाल समीक्षा में
उभरते बाजार का दर्जा बनाए रखना इंडोनेशिया के पूंजी प्रवाह और बाजार में उसकी स्थिति के लिए अहम है। वर्गीकरण बदलने पर बाजार श्रेणियों या इंडेक्स में वेटेज के आधार पर निवेश करने वाले कुछ पोर्टफोलियो इंडोनेशियाई परिसंपत्तियों में अपना निवेश दोबारा आंक सकते हैं। फिलहाल किसी बदलाव के लागू होने का संकेत नहीं है और MSCI ने अंतिम रेटिंग निर्णय प्रकाशित नहीं किया है।
MSCI ने अपने अगले आकलन के केंद्र में इंडोनेशिया के बाजार सुधारों को रखा है। निवेशक अब इंडोनेशिया की ओर से पेश किए जाने वाले ठोस सुधार प्रस्तावों और MSCI के इस फैसले पर नजर रखेंगे कि वह संभावित “दोहरी डाउनग्रेडिंग” की चेतावनी कायम रखता है, संशोधित करता है या वापस लेता है। अंतिम वर्गीकरण और उसके लागू होने का समय बाजार प्रतिभागियों के लिए प्रमुख सवाल बने हुए हैं।