अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को दबाव में रहा। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की और चेयर केविन वोश ने मौद्रिक नीति पर सख्त रुख का संकेत दिया। इसके बाद डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 631 अंक यानी 1.2% गिरकर लगातार तीसरे सत्र में नीचे बंद हुआ। छोटी कंपनियों के शेयरों का प्रमुख सूचकांक Russell 2000 भी 0.4% फिसला।
फेड की आगे की दर-नीति और उसके मार्गदर्शन ने बाजार के मूल्यांकन को फिर से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इस कारोबारी सत्र में बड़ी और स्थापित कंपनियों वाले ब्लू-चिप शेयरों में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट दर्ज की गई।
दर वृद्धि के साथ सख्त नीति संकेत
दर वृद्धि बाजार की व्यापक अपेक्षाओं के अनुरूप थी, लेकिन निवेशकों का ध्यान फैसले के बाद फेड की नीति संबंधी टिप्पणियों पर रहा। वोश की टिप्पणियों को सख्त रुख के संकेत के तौर पर देखा गया। इससे यह धारणा बनी कि वित्तीय परिस्थितियों में जल्द ही नरमी नहीं आ सकती।
ब्याज दरों की उम्मीदें कंपनियों की उधारी लागत, शेयरों के मूल्यांकन और खासकर तेज वृद्धि वाली कंपनियों के भविष्य के नकदी प्रवाह की कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। नीति फैसले के बाद डॉव में 600 अंकों से अधिक की गिरावट से पता चला कि निवेशकों ने जोखिम वाले परिसंपत्तियों में अपना एक्सपोजर घटाना जारी रखा।
Russell 2000 में गिरावट कम रही, हालांकि छोटी कंपनियों के शेयर ब्याज दरों में बदलाव के प्रति खास तौर पर संवेदनशील बने हुए हैं। उपलब्ध जानकारी में अन्य प्रमुख सूचकांकों के आधिकारिक समापन आंकड़े शामिल नहीं हैं। इसलिए व्यापक बाजार की पूरी तस्वीर के लिए बाद के सभी बाजार आंकड़ों की जरूरत होगी।
Guardant Health 176.58 डॉलर के खरीद बिंदु के करीब
अलग-अलग शेयरों में Guardant Health पर भी नजर बनी रही। कंपनी कैंसर देखभाल की पूरी प्रक्रिया से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराती है। ब्रेकआउट के बाद इसके शेयर 176.58 डॉलर के खरीद बिंदु के करीब पहुंच गए। बिक्री परिदृश्य में सुधार उन कारणों में शामिल है, जिनसे शेयर की तकनीकी स्थिति पर ध्यान गया।
हालांकि, किसी शेयर का तकनीकी खरीद बिंदु के करीब पहुंचना इस बात की पुष्टि नहीं करता कि तेजी कायम रहेगी। खासकर ऐसे समय में जब प्रमुख सूचकांक कमजोर हों और ब्याज दरों की उम्मीदों में बदलाव हो रहा हो। बाजार की दिशा, कंपनी का बिक्री प्रदर्शन और ब्रेकआउट स्तर के ऊपर शेयर की स्थिति बनाए रखने की क्षमता इस शेयर से जुड़े प्रमुख पहलू बने हुए हैं।
Apple और Twilio पर भी नजर
Apple के शेयर भी बाजार की निगाह में रहे। बाजार से मिली जानकारी के अनुसार iPhone 18 Pro की मांग को “मध्यम” बताया गया, जिससे शेयर पर दबाव पड़ा था। डॉव में शामिल Apple दुनिया की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक है। इसलिए इसके शेयर का प्रदर्शन ब्लू-चिप शेयरों और व्यापक तकनीकी क्षेत्र के प्रति बाजार धारणा को प्रभावित कर सकता है।
कम्युनिकेशन सॉफ्टवेयर कंपनी Twilio भी उन शेयरों की निगरानी सूची में शामिल रही, जो खरीद बिंदुओं के करीब पहुंच रहे थे। हालांकि उपलब्ध सामग्री में Twilio का कोई विशिष्ट खरीद बिंदु, दैनिक उतार-चढ़ाव या नया मौलिक आंकड़ा नहीं दिया गया। फिलहाल बाजार का ध्यान इस बात पर है कि दर वृद्धि के बाद ब्याज दरों की उम्मीदें किस दिशा में जाती हैं और दबाव वाले व्यापक बाजार के बीच ये individual शेयर अपनी-अपनी तकनीकी स्थिति कायम रख पाते हैं या नहीं।