स्पॉट बाजार में मांग लौटने और लीवरेज्ड पोजीशन में बदलाव के बीच बिटकॉइन कुछ समय के लिए 81,000 डॉलर तक पहुंच गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इसकी कीमत 80,752 डॉलर थी, जो 24 घंटे में 5.18% की बढ़त है। प्रमुख डिजिटल परिसंपत्तियों में भी तेजी रही। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि स्पॉट खरीदारी कितनी देर तक बनी रहती है और लीवरेज्ड पोजीशन के रीसेट होने के बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव सीमित होता है या नहीं।
बिटकॉइन 80,752 डॉलर पर
आंकड़े दर्ज किए जाने के समय बिटकॉइन (BTC) 80,752 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। सत्र के दौरान यह 81,000 डॉलर के स्तर को छू चुका था। उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष एक्सचेंज का नाम, ट्रेडिंग वॉल्यूम या फंड फ्लो के आंकड़े शामिल नहीं हैं। इसलिए केवल कीमत में आई तेजी के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि बढ़त में किस बाजार या किस तरह के प्रतिभागियों की मुख्य भूमिका रही।
इस गतिविधि में स्पॉट मांग और लीवरेज दो प्रमुख कारक हैं। स्पॉट खरीदारी आम तौर पर परिसंपत्ति की प्रत्यक्ष मांग को दर्शाती है, जबकि लीवरेज्ड पोजीशन में कमी या उनका रीसेट परिसमापन के जोखिम और बाजार दबाव पर कीमतों की प्रतिक्रिया को बदल सकता है। दोनों कारक एक साथ सक्रिय हों तो कीमतों पर स्पॉट फ्लो और डेरिवेटिव पोजीशन, दोनों का असर पड़ सकता है। हालांकि उपलब्ध बाजार आंकड़ों में शुद्ध स्पॉट इनफ्लो, ओपन इंटरेस्ट में बदलाव या परिसमापन की मात्रा का विवरण नहीं दिया गया है।
एथेरियम और सोलाना में भी बढ़त
अन्य प्रमुख क्रिप्टो परिसंपत्तियों में भी तेजी रही। एथेरियम (ETH) 4.97% बढ़कर 2,591.47 डॉलर पर पहुंचा, जबकि सोलाना (SOL) 10.37% चढ़कर 111.93 डॉलर पर रहा। XRP में 6.01% की बढ़त के साथ कीमत 1.38 डॉलर और डॉजकॉइन (DOGE) में 6.66% की तेजी के साथ कीमत 0.087 डॉलर दर्ज की गई।
वर्ल्डकॉइन (WLD) बड़े लाभ वाली परिसंपत्तियों में शामिल रहा और 9.80% बढ़कर 0.42 डॉलर पर पहुंचा। रेंडर (RENDER) 7.09% चढ़कर 1.52 डॉलर और पेपे (PEPE) 4.60% बढ़कर 0.0000038 डॉलर पर रहा। उपलब्ध भाव बताते हैं कि तेजी केवल बिटकॉइन तक सीमित नहीं थी, हालांकि अलग-अलग टोकन का प्रदर्शन काफी भिन्न रहा।
लीवरेज रीसेट के बाद कीमतों पर नजर
टोनकॉइन (TON) 2.52% बढ़कर 1.37 डॉलर पर पहुंचा। TRON (TRX) में 1.38% की तेजी रही और यह 0.34 डॉलर पर रहा, जबकि Verse (VERSE) 5.58% बढ़कर 0.0000037 डॉलर पर पहुंचा। उपलब्ध सूची में बड़े क्रिप्टोकरेंसी टोकन के साथ-साथ अपेक्षाकृत अधिक अस्थिरता वाले कुछ टोकन में भी बढ़त दिखाई दी।
अब मुख्य सवाल यह है कि 81,000 डॉलर के ऊपर की चाल को स्पॉट बाजार से लगातार समर्थन मिलता है या नहीं और लीवरेज्ड पोजीशन का रीसेट पूरा हुआ है या नहीं। उपलब्ध सामग्री में कीमतों और प्रतिशत बदलावों का विवरण है, लेकिन फंड फ्लो, ट्रेडिंग वॉल्यूम, डेरिवेटिव परिसमापन या किसी प्लेटफॉर्म की पोजीशनिंग के आंकड़े नहीं हैं। इसलिए बाजार प्रतिभागियों के लिए यह अलग करना जरूरी रहेगा कि तेजी वास्तविक स्पॉट खरीदारी से संचालित है या अल्पकालिक लीवरेज्ड ट्रेडिंग से जुड़े मूल्य उतार-चढ़ाव का परिणाम है।