अटलांटा में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान प्रस्तावित समूह तस्वीर रद्द कर दी गई। कई यूरोपीय प्रतिनिधिमंडलों ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ तस्वीर में शामिल होने पर आपत्ति जताई थी। अमेरिकी मेज़बान ने कहा कि वह समारोह को कूटनीतिक विवाद का केंद्र बनने से रोकना और बातचीत को ठोस मुद्दों पर केंद्रित रखना चाहता था। इस घटनाक्रम ने मॉस्को से संवाद को लेकर मतभेदों को उजागर किया, जबकि रूस पर अमेरिकी नीति में बदलाव के संकेत हैं और वॉशिंगटन तथा कीव के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।
यूरोपीय प्रतिनिधिमंडलों ने तस्वीर से बनाई दूरी
अमेरिकी विदेश मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के राजनयिक शामिल हुए। शुक्रवार सुबह होने वाली पारंपरिक ‘फैमिली फोटो’ तब कार्यक्रम से हटा दी गई, जब अधिकारियों ने पुष्टि की कि कई प्रतिनिधिमंडल इसमें हिस्सा नहीं लेंगे।
ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल ने भी तस्वीर से दूरी बनाई। ब्रिटेन के एक अधिकारी ने कहा कि रूसी मंत्रियों के साथ सीधे द्विपक्षीय संपर्क से बचने की देश की पुरानी नीति इस बैठक के लिए नहीं बदलेगी। अमेरिकी मेज़बान ने बताया कि कुछ प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी से इनकार की जानकारी मिलने के बाद तस्वीर रद्द की गई, ताकि समारोह बातचीत से ध्यान न भटकाए।
यूक्रेन G20 का सदस्य नहीं है। उसे हाल के वर्षों में ऐसी बैठकों में आमंत्रित किया गया था, लेकिन इस बार निमंत्रण नहीं मिला। यूक्रेन की गैरमौजूदगी और लावरोव की मौजूदगी से कूटनीतिक मतभेद और स्पष्ट हो गए।
मॉस्को के प्रति अमेरिकी कदमों पर सहयोगियों की आलोचना
तस्वीर को लेकर विवाद ऐसे समय हुआ जब अमेरिका और रूस के संबंधों में नरमी के संकेत दिखे। अमेरिकी सरकार ने रूस पर लगे कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से रोक दिया और रूसी डीजल को अमेरिकी बाजार में आयात करने की अनुमति देने वाली व्यवस्था पर सहमति जताई। वॉशिंगटन ने कहा कि प्रतिबंधों में आंशिक ढील का मकसद यूक्रेन युद्ध पर बातचीत में मॉस्को को शामिल रखना है। यह फैसला नवंबर की शुरुआत में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिका में ईंधन की कीमतों पर दबाव के बीच आया।
यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने डीजल व्यवस्था की आलोचना की। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए “उपहार” बताया। उनका तर्क था कि यह समझौता ऐसे युद्ध में मदद करता है जिसे लंबा खींचने के बजाय खत्म किया जाना चाहिए। रूस ने पहले डीजल निर्यात पर रोक लगाई थी, लेकिन अब अमेरिका और वैश्विक बाजारों को तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की इच्छा जताई है।
यूक्रेन युद्ध बना कूटनीतिक मतभेदों का केंद्र
इस महीने रूस के भीतर तेल ढांचे पर यूक्रेनी हमलों को लेकर कूटनीतिक गतिरोध के बाद वॉशिंगटन और कीव के रिश्तों में भी तनाव बढ़ा। 2022 में पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से रूस यूक्रेन के करीब पांचवें हिस्से पर नियंत्रण रखता है। हाल के सप्ताहों में मॉस्को ने कीव और यूक्रेन के अन्य शहरों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले तेज किए हैं।
इस पृष्ठभूमि में समूह तस्वीर रद्द होना सिर्फ बैठक के कार्यक्रम में बदलाव नहीं था; इससे रूस के साथ संपर्क को लेकर प्रतिभागियों के अलग-अलग रुख सामने आए। बैठक तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रही, जबकि मेज़बान ने समारोह हटाकर चर्चा को ठोस मुद्दों पर केंद्रित रखा।