जुलाई के CPI आंकड़े बताएंगे फेडरेट की अगली चाल
हालांकि जुलाई की शुरुआत में जारी रोजगार डेटा ने अमेरिकी श्रम बाजार में असामान्य संकुचन दिखाया, बावजूद इसके ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना पर कोई स्पष्ट पूरी तरह असर नहीं पड़ा है। इस सप्ताह बुधवार को आने वाला जुलाई का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़ा ही यह निर्धारित करेगा कि फेडरेट अपनी मौजूदा मौद्रिक नीति में कटौती या जारी रखेगा। महंगाई यदि ठंडी पड़ती है तो मौजूदा ब्याज दर स्थिर रह सकती है, लेकिन यदि कीमतें फिर से बढ़ती हैं तो सितंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी लगभग तय है।
महंगाई में नरमी के संकेत पर ध्यान
वॉल स्ट्रीट के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, जुलाई में कुल CPI महीने-दर-महीने केवल 0.1% बढ़ेगा। जून में महंगाई दर छः वर्षों में पहली बार गिरावट के बाद, जुलाई की वार्षिक महंगाई दर 3.4% पर आ सकती है जो मई के 4.2% के उच्चतम स्तर से कम है। लेकिन यह आंकड़ा तेल की कीमतों में शुरुआती महीनों में आई तेजी से प्रभावित होकर वास्तविक महंगाई के रुझान को छुपा सकता है। फेडरेट मुख्य रूप से खाद्य एवं ऊर्जा को हटाकर निकाले जाने वाले "कोर" महंगाई दर को देखता है, जो जुलाई में महीने-दर-महीने 0.2% और वार्षिक 2.5% रहने का अनुमान है, जो लक्ष्य 2% से ऊपर बना हुआ है और छह वर्षों से उच्च स्तर पर है।
सेवा क्षेत्र की कीमतों में वृद्धि पर नजर
अमेरिका में महंगाई की मुख्य वजह सेवा क्षेत्र, खासकर मकान किराया और परिवहन खर्च, है। पिछले एक साल में सेवाओं की कीमत 3.2% बढ़ी है जो कि 2026 के आरंभ में दर्ज 2.9% से अधिक है। तेल कीमतों में पुनः वृद्धि और पहले से लगे आयात शुल्क भी कुछ वृद्धि के पीछे हैं, लेकिन कोर महंगाई दर लंबे समय से 2.5% से ऊपर बनी हुई है, जो महंगाई की जड़ को दर्शाता है। फेड के अंदर इस बात को लेकर मतभेद मौजूद हैं: पिछले महीने तीन सदस्यों ने ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया, जो महंगाई की "जिद्दी" प्रकृति को उजागर करता है।
फेड अध्यक्ष के बयान बनाम मार्केट की उम्मीदें
फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श ने महंगाई कम करने की प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस ब्याज दर वृद्धि का कदम नहीं उठाया गया है। वॉल स्ट्रीट उनके कठोर बयानों के प्रभाव को लेकर संशय में है। बढ़ती ब्याज दरों के दुष्प्रभाव भी अधिक हैं, खासकर आवास क्षेत्र पर, जहां बढ़े हुए घर के दाम और लगभग 7% के मॉर्गेज रेट ने दबाव बढ़ा दिया है। इससे न केवल मकान का कारोबार प्रभावित होता है बल्कि उपभोग और उद्यम ऋण की मांग भी कम हो सकती है।
बाजार की ब्याज दर बढ़ने की उम्मीदें और चुनौती
बाजार का मानना है कि CPI आंकड़ों के बाद फेड की अगली नीति दिशा साफ हो जाएगी। यदि जुलाई की कोर महंगाई 0.2% से ऊपर, जैसे 0.3% या 0.4% निकलती है तो बाजार में सितंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना बढ़ जाएगी, जो अभी लगभग 48% है। इसी सप्ताह जारी होने वाला उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) भी महंगाई की दिशा प्रदर्शित करेगा। ये दोनों आंकड़े फेड की आगामी नीतिगत निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
निष्कर्षतः जुलाई महंगाई के आंकड़े अमेरिकी मौद्रिक नीति के तीन माह बाद की दिशा और अर्थव्यवस्था की स्थिति निर्धारित करेंगे। निवेशकों और बाजार सहभागियों के लिए महंगाई के घटक और रुझान का गहन विश्लेषण जरूरी होगा ताकि वे समय से अपनी रणनीति समायोजित कर सकें।