अमेरिकी ट्रेजरी बाजार में धीमी आर्थिक वृद्धि से जुड़ा संकेत उभर रहा है। फेडरल रिजर्व की लगातार दर वृद्धि के बाद, 10-वर्ष और 2-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का अंतर पिछले सप्ताह एक समय घटकर 17 बेसिस पॉइंट रह गया। यह 2025 की शुरुआत के बाद का सबसे निचला स्तर है और इससे यील्ड कर्व के उलटने तथा आर्थिक परिदृश्य को लेकर बाजार की चिंता फिर बढ़ी है।
कम अंतर का अर्थ है कि अल्पकालिक सरकारी ऋण की तुलना में लंबी अवधि के ट्रेजरी रखने के लिए निवेशकों को अतिरिक्त यील्ड कम मिल रही है। यदि यह अंतर और घटता है, तो 10-वर्षीय यील्ड 2-वर्षीय यील्ड से नीचे जा सकती है और यील्ड कर्व उलट सकता है। ब्याज दरों, आर्थिक वृद्धि और मंदी के जोखिम का आकलन करते समय बॉन्ड निवेशक इस पैटर्न पर करीबी नजर रखते हैं।
10-वर्ष और 2-वर्षीय यील्ड का अंतर 17 बेसिस पॉइंट तक घटा
निवेशक आम तौर पर लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड के लिए अधिक यील्ड मांगते हैं, क्योंकि ब्याज दरों और अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता लंबी अवधि में अधिक होती है। इसी वजह से 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड सामान्यतः 2-वर्षीय यील्ड से ऊपर रहती है। दोनों के बीच का अंतर आर्थिक परिस्थितियों और मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की अपेक्षाओं का एक प्रमुख संकेतक भी माना जाता है।
पिछले सप्ताह यह अंतर थोड़े समय के लिए 17 बेसिस पॉइंट तक सिमट गया। इससे लंबी अवधि की वृद्धि को लेकर अधिक सतर्क रुख और फेड की दर बढ़ोतरी के आर्थिक गतिविधियों पर संचयी असर की नई समीक्षा का संकेत मिला। हालांकि, संकरा यील्ड अंतर अपने आप में यह नहीं बताता कि अर्थव्यवस्था मंदी में प्रवेश कर चुकी है। यह केवल दर्शाता है कि अल्पकालिक और दीर्घकालिक उधारी लागत के बीच का फासला काफी कम हुआ है।
यील्ड कर्व के उलटने का जोखिम फिर चर्चा में
यील्ड कर्व तब उलटता है जब अल्पकालिक सरकारी बॉन्ड की यील्ड लंबी अवधि के बॉन्ड से ऊपर चली जाती है। 10-वर्ष और 2-वर्षीय यील्ड का उलटाव लंबे समय से एक संभावित चेतावनी संकेत के रूप में देखा जाता रहा है। यह इस अपेक्षा को दर्शा सकता है कि भविष्य में आर्थिक वृद्धि और ब्याज दरों में कमजोरी आ सकती है।
अभी दोनों यील्ड के बीच अंतर सकारात्मक है, लेकिन इसके घटकर 17 बेसिस पॉइंट पर आने से उलटाव की संभावना फिर निवेशकों के ध्यान में आ गई है। फेड की आगे की दर बढ़ोतरी अल्पकालिक यील्ड को और ऊपर रख सकती है, जबकि कमजोर आर्थिक परिदृश्य लंबी अवधि की यील्ड में बढ़त को सीमित कर सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों के बीच का अंतर और कम हो सकता है।
फेड नीति और वृद्धि की उम्मीदें तय करेंगी अगला रुख
बॉन्ड बाजार के लिए मुख्य सवाल यह है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी से आर्थिक चर्चा किस दिशा में बदलेगी। निवेशक अब केवल यह नहीं देख रहे हैं कि दरें कितने समय तक ऊंची रह सकती हैं, बल्कि यह भी आकलन कर रहे हैं कि अधिक उधारी लागत आर्थिक गतिविधियों को कितना प्रभावित करेगी।
यील्ड कर्व में बदलाव सरकारी बॉन्ड के मूल्य, कंपनियों की फंडिंग लागत और वित्तीय संस्थानों की ब्याज दर संबंधी अपेक्षाओं को प्रभावित करते हैं। हालांकि, केवल यील्ड कर्व का सपाट होना आर्थिक नतीजे का निश्चित संकेत नहीं है। बाजार रोजगार, महंगाई, उपभोक्ता खर्च और फेडरल रिजर्व के संकेतों पर भी नजर रखेगा। 27 सितंबर तक 10-वर्ष और 2-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का अंतर 2025 की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका था, जिससे विकास संबंधी जोखिमों के आकलन में बाजार को एक नया आंकड़ा मिला है।