ब्लैकरॉक ग्लोबल फिक्स्ड इनकम के मुख्य निवेश अधिकारी रिक रीडर शेयरों में अपना आवंटन घटाकर 7% से 8% यील्ड देने वाले उच्च-रेटिंग बॉन्ड पर ध्यान दे रहे हैं। उनका अनुमान है कि शेयरों से अब भी 10% से 12% रिटर्न मिल सकता है, लेकिन मौजूदा स्तरों पर बॉन्ड से मिलने वाली आय उन्हें अधिक आकर्षक लग रही है। करीब 2.4 ट्रिलियन डॉलर की परिसंपत्तियों की देखरेख करने वाले रीडर का यह बदलाव बताता है कि अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद संस्थागत निवेशक शेयरों और बॉन्ड के सापेक्ष आकर्षण का फिर से आकलन कर रहे हैं।
10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5% के पार
अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड इस महीने 5% के ऊपर चली गई। यह 2007 के बाद पहली बार हुआ। 26 सितंबर को यील्ड 5.167% थी, जबकि 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.49% तक पहुंच गई।
10-वर्षीय यील्ड सरकार की उधारी लागत को प्रभावित करती है और इसका असर मॉर्गेज दरों, कंपनियों की फाइनेंसिंग लागत तथा शेयरों के मूल्यांकन पर भी पड़ता है। इसलिए यील्ड में बढ़ोतरी बॉन्ड को तुलनात्मक रूप से अधिक आकर्षक बनाती है, लेकिन वित्तीय प्रणाली के अन्य हिस्सों में पूंजी की लागत भी बढ़ाती है।
फेडरल रिजर्व ने 16 सितंबर को अपनी बेंचमार्क ब्याज दर बढ़ाकर 3.75% से 4% की सीमा में कर दी। तीन साल से अधिक समय में यह पहली दर बढ़ोतरी थी। रीडर ने मौजूदा माहौल को “संकट नहीं, लेकिन चिंता के लिए पर्याप्त” बताया। उनके अनुसार, महंगाई-समायोजित ब्याज दरों में बढ़ोतरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की धीमी वृद्धि अधिकांश शेयरों पर दबाव डाल रही है। हालांकि, चिप और मेमोरी कंपनियों को लेकर उनका रुख सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि इन कंपनियों के पास पर्याप्त ऑर्डर बैकलॉग है।
कम अवधि वाले बॉन्ड से आय पर जोर
रीडर द्वारा प्रबंधित एक इनकम फंड फिलहाल 7.2% यील्ड दे रहा है और इसकी क्रेडिट रेटिंग A- है। फंड में शामिल अधिकांश बॉन्ड तीन साल के भीतर मैच्योर होते हैं या उनकी ब्याज दरें रीसेट होती हैं। इससे ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी होने पर कीमतों में होने वाली संवेदनशीलता सीमित रहती है। रीडर ने कुछ मॉर्गेज-बैक्ड सिक्योरिटीज भी बेची हैं, जिनकी कीमतें दरों में बढ़ोतरी के दौरान गिर सकती हैं।
ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से हाउसिंग फाइनेंस की लागत पहले ही बढ़ चुकी है और मॉर्गेज दरें 7.45% तक पहुंच गई हैं। रीडर ने अमेरिकी हाउसिंग मार्केट को “जमा हुआ” बताया। इससे पता चलता है कि कड़ी वित्तीय परिस्थितियां बॉन्ड बाजार से आगे बढ़कर उधारी और घरों की मांग को भी प्रभावित कर रही हैं।
ऊंची दरों से सरकार की ब्याज लागत बढ़ेगी
रीडर का मानना है कि फेड को ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी नहीं करनी चाहिए, हालांकि उन्हें एक और बढ़ोतरी की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ब्याज दरों में हर 100 बेसिस प्वाइंट, यानी एक प्रतिशत अंक, की बढ़ोतरी से अमेरिकी सरकार की सालाना वित्तपोषण लागत 130 अरब से 150 अरब डॉलर तक बढ़ सकती है। संघीय उधारी पहले ही ऊंचे स्तर पर है, इसलिए दरों में बदलाव का सरकारी खर्च पर असर अब अधिक ध्यान खींच रहा है।
निवेशकों के बीच ऊंची यील्ड के बाजार पर असर को लेकर एकमत नहीं है। फंडस्ट्रैट के टॉम ली ने कहा कि बढ़ती यील्ड मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियों के लिए लाभकारी हो सकती है। रीडर ने बताया कि अतीत में जब 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% से शुरू हुई, तो अगले एक साल में बॉन्ड ने औसतन करीब 9.5% रिटर्न दिया।
रीडर निवेशकों से तुरंत बॉन्ड में जाने का आग्रह नहीं कर रहे हैं। आर्थिक वृद्धि अभी मजबूत है, जबकि युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता और नई सरकारी उधारी का स्तर आर्थिक परिदृश्य को जटिल बना रहा है। वह अमेरिकी विकास दर में कमजोरी के संकेतों के लिए रोजगार के आंकड़ों पर नजर रख रहे हैं। ब्लैकरॉक की रियल-टाइम ट्रैकिंग के अनुसार, मौजूदा वृद्धि दर करीब 6.5% से 7% है।
वृद्धि, महंगाई और फेड की नीति के बीच संतुलन के कारण ब्याज दरों का परिदृश्य अब भी अनिश्चित बना हुआ है। रीडर के आवंटन में बदलाव ऊंची यील्ड वाले बॉन्ड से उपलब्ध आय को रेखांकित करते हैं, लेकिन दरों की अगली दिशा आने वाले आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत फैसलों पर निर्भर रहेगी।