अमेरिकी रक्षा उन्नत अनुसंधान परियोजना एजेंसी (DARPA) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से इलेक्ट्रॉनिक बाजारों के नियमों में छिपी कमजोरियां पहचानना चाहती है, ताकि उनका दुरुपयोग होने से पहले सुधार के उपाय सुझाए जा सकें। यह पहल शेयर, बॉन्ड, ऊर्जा और क्लाउड-कंप्यूटिंग संसाधनों के बाजारों पर केंद्रित है। इसका मकसद पारंपरिक हैकिंग या डेटा चोरी नहीं, बल्कि ऐसे बाजार-तंत्र की खामियां खोजना है जिनसे कारोबार बाधित हो सकता है, आर्थिक नुकसान हो सकता है या सैन्य आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
DARPA का बाजार-डिजाइन की खामियों पर जोर
Intrinsic Market Resilience (IMR) नाम की यह पहल DARPA की उस चिंता को दर्शाती है कि इलेक्ट्रॉनिक बाजार तेज और कुशल तो हुए हैं, लेकिन उनके बीच परस्पर निर्भरता भी बढ़ी है। बाजारों और प्रतिभागियों की संख्या बढ़ने के साथ किसी एक तंत्र की खामी के दूरगामी असर हो सकते हैं। AI और दूसरी तकनीकों में प्रगति से बाजार में व्यवधान पैदा करने की गतिविधियों की बाधाएं भी कम हो सकती हैं।
IMR के कार्यक्रम प्रबंधक मैथ्यू वाइल्डिंग ने कहा कि स्वचालित तर्क-प्रणालियों और AI में प्रगति से बचाव मजबूत करने के नए तरीके मिलते हैं, लेकिन इन्हीं क्षमताओं का इस्तेमाल हमले के लिए भी हो सकता है। परियोजना बाजार-डिजाइन की जांच में इन उपकरणों का उपयोग करना चाहती है: ऐसे ठोस उदाहरण तलाशना जिनसे किसी तंत्र की विफलता सामने आ सकती है, और फिर उसे दूर करने के उपाय सुझाना। यह तरीका केवल सामान्य सिस्टम परीक्षण पर निर्भर नहीं रहेगा।
कैलिफोर्निया ऊर्जा बाजार और 2010 की फ्लैश क्रैश
DARPA ने अपनी चिंता समझाने के लिए अतीत की दो घटनाओं का जिक्र किया है। 2000 के दशक की शुरुआत में कैलिफोर्निया के नए विनियमन-मुक्त ऊर्जा बाजार की कमजोरियों का कारोबारियों ने फायदा उठाया। इस व्यवधान से 40 अरब से 45 अरब डॉलर तक का नुकसान होने की बात कही गई थी। DARPA के मुताबिक, सैन्य ठिकानों तक प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संघीय सरकार को रक्षा उत्पादन अधिनियम लागू करना पड़ा। यह घटना दिखाती है कि बाजार में हेरफेर का असर व्यावसायिक नुकसान से आगे बढ़कर सैन्य तैयारियों तक पहुंच सकता है।
एजेंसी ने 2010 में अमेरिकी शेयर बाजार में हुई ‘फ्लैश क्रैश’ का भी उदाहरण दिया है, जब कुछ ही मिनटों में कीमतें तेजी से गिर गई थीं। बाद की जांच में निष्कर्ष निकला कि अन्य समस्याओं के साथ एक व्यक्ति की हेरफेर वाली ट्रेडिंग भी इस घटना से जुड़ी थी। DARPA के अनुसार, बाजार-डिजाइन की कुछ विशेषताओं के कारण बिक्री के ऐसे ऑर्डर कीमतों पर असर डाल सकते थे, जिन्हें वास्तव में पूरा करने की जरूरत नहीं थी; ऑर्डर देने वाले के लिए इसकी लागत भी कम थी। इससे जुड़ी कई कमजोरियां बाद में ठीक कर दी गईं।
बड़े भाषा मॉडल से नियमों का कंप्यूटर मॉडल
DARPA चाहती है कि परियोजना की टीमें बड़े भाषा मॉडल (LLM) का उपयोग करके नियामकीय दस्तावेजों और तकनीकी विशिष्टताओं जैसी सामग्री को कंप्यूटर मॉडल में बदलें। ये मॉडल दिखाएंगे कि बाजार कैसे काम करते हैं और एक-दूसरे से कैसे जुड़ते हैं। परियोजना का एक लक्ष्य अमेरिकी ऑनलाइन शेयर बाजारों के डिजाइन में खामियां पहचानना और ऐसे बदलाव सुझाना है जो उनके दुरुपयोग का जोखिम घटा सकें।
यदि कोई मॉडल यह साबित नहीं कर पाता कि बाजार तय किए गए लचीलेपन के मानक पर खरा उतरता है, तो परियोजना का उद्देश्य उससे विफलता का एक ठोस उदाहरण तैयार करवाना है। इससे विश्लेषकों को समस्या का ठिकाना समझने और संभावित सुधारों का आकलन करने में मदद मिल सकती है। वाइल्डिंग के मुताबिक, काम में सिर्फ यह नहीं देखा जाएगा कि बाजार भरोसेमंद हैं या नहीं, बल्कि यह भी जांचा जाएगा कि वे किन परिस्थितियों में मजबूत हैं, कहां कमजोर पड़ते हैं और उनमें सुधार कैसे किया जा सकता है।
मुनाफे के लिए हेरफेर नहीं, बाजार में व्यवधान पर ध्यान
DARPA का कहना है कि IMR का लक्ष्य उस तरह का मुनाफे के लिए बाजार-हेरफेर नहीं है जिस पर नियामक आम तौर पर कार्रवाई करते हैं—मसलन, किसी व्यक्ति के आर्थिक लाभ के लिए किया गया गलत आचरण। परियोजना उन लोगों या समूहों पर ध्यान देगी जो बाजार बाधित करना, आर्थिक नुकसान पहुंचाना या अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं, साथ ही मौजूदा कानूनी और नियामकीय सुरक्षा में बची संभावित कमियों पर भी।
यह पहल डिजिटल बुनियादी ढांचे से जुड़े जोखिमों पर अमेरिका के बढ़ते राष्ट्रीय सुरक्षा-केंद्रित ध्यान को दर्शाती है। भविष्य के हमले पारंपरिक सैन्य कार्रवाई के रूप में ही हों, यह जरूरी नहीं; वे डिजिटल प्रणालियों, आपूर्ति शृंखलाओं या बाजारों की कमजोरियों का फायदा उठा सकते हैं। वित्तीय बाजारों में DARPA के प्रस्तावित मॉडल का उद्देश्य बाजार-तंत्र की संभावित खामियां उजागर करना है। किन डिजाइन में बदलाव की जरूरत होगी, यह आगे के विश्लेषण और सत्यापन पर निर्भर करेगा।