चीन का प्रमुख CSI 300 सूचकांक 22 अक्टूबर को बेयर मार्केट क्षेत्र में आ गया। इसमें लगातार 10वें सप्ताह गिरावट जारी रही और बिकवाली दक्षिण कोरिया, जापान तथा ताइवान के बाजारों तक फैल गई। निवेशक अतिरिक्त प्रोत्साहन की कमजोर होती उम्मीदों, कंपनियों की नरम कमाई और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े कारोबार की रफ्तार घटने को लेकर चिंतित हैं।
जून के शिखर से CSI 300 करीब 20% नीचे
CSI 300 शंघाई और शेनझेन में सूचीबद्ध बड़ी कंपनियों के शेयरों को ट्रैक करता है। हाल के आर्थिक आंकड़ों में कुछ मजबूती के बावजूद सूचकांक की लंबी गिरावट बताती है कि इससे शेयर बाजार को टिकाऊ सहारा नहीं मिला है। निवेशकों को राजकोषीय या मौद्रिक उपायों की और उम्मीद थी, लेकिन हालिया नीति संकेत सीमित रहे हैं। इससे चीनी शेयरों की कमाई और मूल्यांकन को लेकर आकलन फिर से बदल रहा है।
22 अक्टूबर को दोपहर के स्तर पर CSI 300 4,060.19 अंक पर था—जून के शिखर से लगभग 20% नीचे और साल की शुरुआत से 13.94% कम। गिरावट लगातार 10 सप्ताह से जारी है। बाजार की आम परिभाषा के अनुसार, हाल के शिखर से 20% की गिरावट को बेयर मार्केट क्षेत्र में प्रवेश माना जाता है।
17 महीने से LPR दरों में बदलाव नहीं
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने 20 अक्टूबर को एक-वर्षीय लोन प्राइम रेट (LPR) 3.0% और पांच-वर्षीय LPR 3.5% पर बनाए रखी। दोनों दरें लगातार 17 महीनों से अपरिवर्तित हैं, जिससे संकेत मिलता है कि फिलहाल नीति-निर्माताओं को ब्याज दरों में और कटौती की सीमित जरूरत दिख रही है।
Maybank के विश्लेषकों ने कहा कि आर्थिक वृद्धि स्थिर रहने के कारण अतिरिक्त राजकोषीय और मौद्रिक प्रोत्साहन की जरूरत कम हुई है। चीन की अर्थव्यवस्था तीसरी तिमाही में 4.5% बढ़ी, जो बाजार की उम्मीद से अधिक थी। इसके बावजूद शेयरों में गिरावट जारी रही।
अब निवेशक केवल वृद्धि के प्रमुख आंकड़े नहीं देख रहे। वे यह भी परख रहे हैं कि कंपनियों का मुनाफा सुधरेगा या नहीं, नीतिगत समर्थन कितने समय तक जारी रह सकता है और आर्थिक विस्तार सूचीबद्ध कंपनियों की कमाई में कितनी जल्दी दिखेगा। कमजोर लाभप्रदता और नीतिगत मदद को लेकर घटती उम्मीदें जोखिम लेने की निवेशकों की इच्छा पर दबाव डाल रही हैं।
सरकारी खरीद के पैमाने पर नजर
सेंट्रल हुइजिन चीन के शेयर बाजार को सहारा देने वाली प्रमुख संस्थाओं में से एक है। आंकड़ों के अनुसार, इस संस्था ने इस साल की पहली छमाही में एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) से जुड़े कामकाज के जरिए 231 अरब डॉलर जुटाए। वहीं, जुलाई से सरकारी समर्थन वाले फंड बाजार में करीब 43 अरब डॉलर वापस लगा चुके हैं। यह खरीद पहले की सरकारी हिस्सेदारी कटौती के पैमाने से अब भी कम मानी जाती है।
सरकारी समर्थन वाले फंडों की खरीद से कुछ सहारा जरूर मिला है, लेकिन CSI 300 की लंबी गिरावट पलटी नहीं है। निवेशक आगे की खरीद की रफ्तार, अपनाए जाने वाले नीतिगत उपायों और बाजार की तरलता तथा कंपनियों की कमाई की उम्मीदों पर उनके असर को देख रहे हैं।
दक्षिण कोरिया, जापान और ताइवान में भी गिरावट
बिकवाली केवल चीन तक सीमित नहीं रही। उसी दिन दक्षिण कोरिया, जापान और ताइवान के शेयर भी गिरे। यह एशिया में AI से जुड़े कारोबार के मूल्यांकन पर नए सिरे से विचार किए जाने का संकेत है। AI आपूर्ति शृंखला को लेकर बनी उम्मीदों की अब कंपनियों के मूल्यांकन, कमाई और मांग की टिकाऊपन के आधार पर अधिक बारीकी से जांच हो रही है।
एक साथ कई बाजारों में आई कमजोरी बताती है कि दबाव क्षेत्रीय कारणों और वैश्विक टेक शेयरों—दोनों से बन रहा है। चीन के शेयरों पर प्रोत्साहन की कमजोर उम्मीदें, नरम कमाई और AI कारोबार की घटती रफ्तार एक साथ असर डाल रही हैं। दक्षिण कोरिया, जापान और ताइवान में निवेशकों की चिंता वैश्विक टेक आपूर्ति शृंखला के मूल्यांकन में बदलाव को लेकर है।
22 अक्टूबर तक CSI 300 की लगातार 10 सप्ताह की गिरावट थमी नहीं थी। सरकारी खरीद और स्थिर आर्थिक वृद्धि के आंकड़े अब तक सूचकांक का रुख पलटने के लिए पर्याप्त नहीं रहे। निवेशक उधार दरों, राजकोषीय सहायता के पैमाने और सूचीबद्ध कंपनियों के आगामी नतीजों में बदलाव पर नजर रखेंगे।