अमेरिकन बैंकर्स एसोसिएशन को सलाह देने वाले अर्थशास्त्रियों के पैनल का अनुमान है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था 2027 तक बढ़ती रहेगी, हालांकि लगातार ऊंची महंगाई फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें फिर बढ़ाने के लिए मजबूर कर सकती है। 15 बड़े और क्षेत्रीय बैंकों के अर्थशास्त्रियों वाले इस पैनल के अनुसार, उपभोक्ता खर्च तथा डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपकरणों में निवेश वृद्धि को सहारा दे रहे हैं। वहीं, एक साल पहले की तुलना में मंदी का जोखिम काफी घटा है।
तीसरी तिमाही में GDP वृद्धि का अनुमान 2.7%
23 सितंबर को जारी पैनल के ताजा अनुमान में तीसरी तिमाही के लिए वास्तविक अमेरिकी GDP वृद्धि 2.7% रहने की बात कही गई है। चौथी तिमाही में वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ने की उम्मीद है, लेकिन 2027 की तिमाहियों में आर्थिक विस्तार 2.2% से 2.3% के बीच रहने का अनुमान है।
पैनल की अध्यक्ष और U.S. Bank की मुख्य अर्थशास्त्री बेथ एन बोविनो ने इस अनुमान को पिछले साल के आकलन की तुलना में "थोड़ा अधिक आशावादी" बताया। उन्होंने कहा कि गैर-आवासीय स्थिर निवेश की वृद्धि एक साल पहले की गति से लगभग दोगुनी चल रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश इसके प्रमुख कारणों में शामिल है। अगले 15 महीनों में अमेरिकी श्रम बाजार के अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि बेरोजगारी दर 4% से कुछ ऊपर बनी रह सकती है।
बोविनो के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था कुल मिलाकर अपनी पकड़ बनाए हुए है और पैनल के अधिकांश सदस्य आर्थिक परिदृश्य को लेकर अभी भी अपेक्षाकृत सकारात्मक हैं।
इस साल PCE महंगाई 3.8% तक पहुंच सकती है
वृद्धि के बेहतर अनुमान से कीमतों पर दबाव खत्म नहीं हुआ है। पैनल को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व का पसंदीदा महंगाई मापक, निजी उपभोग व्यय यानी PCE प्राइस इंडेक्स, इस साल की तीसरी और चौथी तिमाही में 3.8% तक पहुंच सकता है। इसके बाद 2027 तक इसमें गिरावट का अनुमान है और अगले साल के अंत तक महंगाई करीब 2.2% रह सकती है। जुलाई के ताजा आंकड़ों में सालाना PCE महंगाई 3.7% रही थी।
महामारी के दौरान तेज उछाल के बाद से अमेरिकी महंगाई पांच साल से अधिक समय तक फेडरल रिजर्व के 2% लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सालाना आधार पर 3.4% बढ़ा, जो जुलाई के बराबर था। इस साल अब तक इसका उच्चतम स्तर मई में 4.2% रहा।
पैनल ने कहा कि महंगाई का लक्ष्य से ऊपर बने रहना एक और दर वृद्धि की संभावना बढ़ाएगा। मौजूदा अनुमान के अनुसार, फेडरल रिजर्व दिसंबर में एक बार और ब्याज दर बढ़ा सकता है और उसके बाद 2027 तक दरों को स्थिर रख सकता है।
तेल कीमतों और भू-राजनीति से दरों का अनुमान जटिल
फेडरल रिजर्व के वास्तविक फैसले आने वाले आर्थिक आंकड़ों और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर रहेंगे। फेडरल रिजर्व के गवर्नर माइकल बार ने 23 सितंबर को कहा कि महंगाई घटाने के लिए आगे भी नीतिगत बदलाव जरूरी हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह दिसंबर में दर बढ़ाने के पक्ष में हैं या नहीं और न ही कोई निश्चित समयसीमा दी।
Jefferies के मुख्य अमेरिकी अर्थशास्त्री थॉमस सिमंस ने हालिया शोध टिप्पणी में कहा कि दिसंबर का फैसला कुछ हद तक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा, जिसमें ईरान युद्ध की दिशा भी शामिल है। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही काफी धीमी हुई है, जिससे तेल कीमतों को बढ़ावा मिला है।
सिमंस के अनुसार, यदि प्रगति होती है और जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो जाती है, तो तेल कीमतों में तेजी से गिरावट आ सकती है और एक और दर वृद्धि की जरूरत कम हो सकती है। सस्ता तेल वास्तविक घरेलू आय को बढ़ा सकता है और अन्य वस्तुओं तथा सेवाओं पर महंगाई के दबाव को भी कम कर सकता है। हालांकि, संघर्ष की दिशा का आकलन करना अभी कठिन है।
मंदी की संभावना पिछले साल के अनुमान से नीचे
पैनल की अमेरिकी मंदी को लेकर चिंता भी कम हुई है। एक साल पहले उसने इस साल मंदी की संभावना करीब एक-तिहाई आंकी थी। ताजा अनुमान में इसे घटाकर 15% कर दिया गया है, जबकि अगले साल मंदी की संभावना 25% बताई गई है।
उपभोक्ता मांग अब भी मजबूत बनी हुई है। BMO Financial Group के मुख्य अमेरिकी अर्थशास्त्री स्कॉट एंडरसन ने एक शोध टिप्पणी में कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद उपभोक्ता "काफी मजबूत गति से खर्च" कर रहे हैं। अगस्त में अमेरिकी खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 6% बढ़ी, हालांकि इस वृद्धि का कुछ हिस्सा अधिक कीमतों के कारण था, न कि खरीदी गई वस्तुओं की मात्रा बढ़ने से।
बैंकों के लिए ऊंची ब्याज दरें ऋण मांग पर दबाव डाल सकती हैं। बोविनो ने कहा कि सितंबर की दर वृद्धि और साल खत्म होने से पहले एक और वृद्धि की संभावना, दोनों का क्रेडिट मांग पर कुछ असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2026 की दूसरी छमाही में दो दर वृद्धि का संचयी प्रभाव अभी इतना बड़ा नहीं होगा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की व्यापक गतिविधि कमजोर पड़ जाए।