तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंताएं फिर बढ़ीं, जिससे चांदी पर दबाव आया। बाजार के आंकड़ों में चांदी करीब 2.8% गिरकर $56.32 पर रही, जबकि सोना लगभग 1.2% फिसला। ब्रेंट कच्चा तेल करीब $110 प्रति बैरल पर बना हुआ है। चांदी $55.37 से नीचे जाती है तो $54.85-$54.77 का समर्थन क्षेत्र अहम होगा; इस दायरे के नीचे टिकने पर कीमत करीब $50 तक जा सकती है।
सऊदी हमले के बाद ब्रेंट करीब $110 पर
सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाकर हुए नए हमले ने मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति की सुरक्षा पर ध्यान फिर खींचा है। बुधवार को सऊदी हवाई सुरक्षा ने सऊदी अरामको के शेइबा तेल क्षेत्र की ओर जा रहे ड्रोन को रोक लिया। गिरते मलबे से दो लोगों की मौत हुई और दो अन्य घायल हुए। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, तेल क्षेत्र का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।
इसके बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया। विभाग ने नागरिक हवाई अड्डों और अहम ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों में बढ़ोतरी का हवाला दिया। शेइबा में उत्पादन घटने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने भविष्य में आपूर्ति बाधित होने के जोखिम को लेकर चिंता बढ़ाई है। इससे ब्रेंट की कीमत को करीब $110 पर सहारा मिला है।
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में कच्चे तेल का भंडार 3.06 मिलियन बैरल घटकर 412.5 मिलियन बैरल रह गया। भू-राजनीतिक जोखिम और घटते भंडार तेल की कीमतों को समर्थन दे रहे हैं। साथ ही, बाजार ऊर्जा लागत के महंगाई पर असर का फिर आकलन कर रहा है। महंगाई का दबाव बना रहा तो फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रखनी पड़ सकती हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें और बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, अभी फेड की एक और दर वृद्धि की संभावना को लेकर बाजार में कोई स्पष्ट नया बदलाव नहीं दिखा है। ब्रेंट भी तकनीकी संदर्भ स्तर $109.97 के ऊपर लगातार बंद होने की पुष्टि नहीं कर पाया है।
सोने के मुकाबले चांदी पर ज्यादा दबाव
चांदी की ताजा गिरावट के पीछे डॉलर या अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में अचानक तेज उछाल नहीं था। डॉलर सूचकांक करीब 101.7 और 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड लगभग 5.11% पर थी; दोनों में कुल मिलाकर सीमित बदलाव रहा। पिछले सप्ताह चांदी का कारोबार ज्यादातर $55.37 से $58.60 के बीच हुआ था। अब तेल की बढ़ती कीमतों के साथ महंगाई और ब्याज दरों की चिंताओं ने कीमत पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
चांदी में बहुमूल्य धातु और औद्योगिक धातु, दोनों के गुण हैं। इसलिए इस पर वास्तविक ब्याज दरों और दरों की अपेक्षाओं के साथ-साथ आर्थिक वृद्धि तथा विनिर्माण मांग को लेकर धारणा का भी असर पड़ता है। सोना करीब 1.2% गिरकर लगभग $4,091 पर था, जबकि चांदी करीब $56.32 पर रही। इससे सोना-चांदी अनुपात बढ़कर 72.6 हो गया, जो चांदी के सापेक्ष प्रदर्शन में और कमजोरी दर्शाता है। फिलहाल, भू-राजनीतिक तनाव से सुरक्षित निवेश की मांग के मुकाबले यह चिंता अधिक प्रभावी रही कि महंगी ऊर्जा और सख्त वित्तीय स्थितियां आर्थिक गतिविधियों को कमजोर कर सकती हैं।
सट्टा लॉन्ग पोजिशन पहले ही घटी थीं
अमेरिकी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर की शुरुआत के आसपास COMEX चांदी वायदा में प्रबंधित फंडों की शुद्ध लॉन्ग पोजिशन घट रही थीं। सितंबर के मध्य में ये करीब 13,100 कॉन्ट्रैक्ट थीं। अक्टूबर की शुरुआत में घटकर लगभग 7,500 और 13 अक्टूबर को करीब 5,600 कॉन्ट्रैक्ट रह गईं।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि 14 अक्टूबर को चांदी की तेज गिरावट से पहले ही सट्टा लॉन्ग एक्सपोजर कम हो चुका था। इससे भीड़भरी लॉन्ग पोजिशन के बंद होने से आने वाली अतिरिक्त बिकवाली सीमित रह सकती है। लेकिन पोजिशनिंग का यह डेटा हालिया गिरावट से पहले का है और इससे यह तय नहीं होता कि उसके बाद और लॉन्ग पोजिशन बंद हुईं या नई शॉर्ट पोजिशन बनीं। अगली रिपोर्ट से सट्टा एक्सपोजर में बदलाव की अधिक स्पष्ट तस्वीर मिलेगी।
उपलब्ध भंडार आंकड़े भी फिलहाल ऐसी भौतिक कमी नहीं दिखाते जो बिकवाली के दबाव की भरपाई कर सके। पोजिशनिंग से गिरावट की पृष्ठभूमि समझने में मदद मिलती है, लेकिन इससे यह पुष्टि नहीं होती कि चांदी ने टिकाऊ निचला स्तर बना लिया है।
$55.37 और $54.77 पर बाजार की नजर
चांदी $55.37 से उछलकर $58.60 तक पहुंची, लेकिन चार घंटे के चार्ट पर 55-अवधि मूविंग एवरेज के पास उसे प्रतिरोध मिला और कीमत फिर नीचे आ गई। यह संकेत देता है कि पिछली तेजी सुधारात्मक उछाल हो सकती थी और फिलहाल उसका दौर पूरा हो गया है। कीमत चार घंटे के चार्ट पर करीब $58.14 के मूविंग एवरेज से नीचे है, इसलिए निकट अवधि में $55.37 को फिर परखने का दबाव बना हुआ है।
$55.37 के नीचे स्पष्ट गिरावट आने पर $61.44 से $55.37 की चाल का 61.8% प्रोजेक्शन, करीब $54.85, ध्यान में आएगा। यह स्तर दैनिक चार्ट के $54.77 समर्थन के करीब है। इसलिए $54.85-$54.77 का दायरा यह आकलन करने के लिए अहम है कि गिरावट और फैल रही है या नहीं।
इस क्षेत्र के नीचे टिकाऊ गिरावट से करीब $52.53 पर 100% प्रोजेक्शन अगला संदर्भ बन सकता है। इससे भी अहम यह होगा कि क्या दैनिक क्लोज लगातार $54.77 से नीचे रहते हैं। ऐसा होने पर मध्यम अवधि में करीब $49.78, यानी मनोवैज्ञानिक $50 के निशान के आसपास, गिरावट का ढांचा मजबूत हो सकता है। फिलहाल इस संभावना की तकनीकी पुष्टि नहीं हुई है।
चार घंटे के चार्ट पर 55-अवधि मूविंग एवरेज से ऊपर लौटने पर निकट अवधि की बिकवाली का दबाव कम होगा। वहीं, $58.60 के ऊपर टिकाऊ तेजी इस धारणा को कमजोर करेगी कि पिछला उछाल समाप्त हो चुका है।
सोना-चांदी अनुपात में चांदी की कमजोरी का संकेत
सोना-चांदी अनुपात पहले 74.14 से घटा था और उसे 70.91 के पास समर्थन मिला। यह स्तर चार घंटे के चार्ट की ऊपर जाती ट्रेंडलाइन और 55-अवधि मूविंग एवरेज के करीब था। इसके बाद अनुपात फिर बढ़कर करीब 72.6 पर पहुंचा, जिससे संकेत मिलता है कि पिछला सुधार संभवतः समाप्त हो चुका है।
ट्रेंडलाइन का समर्थन कायम रहा तो अनुपात 74.14 को फिर परख सकता है। इसके ऊपर टिकाऊ बढ़त होने पर दैनिक चार्ट का 61.8% प्रोजेक्शन क्षेत्र, करीब 76.90-76.95, अगला स्तर हो सकता है। ऐसा होने का मतलब होगा कि सोने के मुकाबले चांदी का प्रदर्शन कमजोर बना रह सकता है। यदि इसी दौरान चांदी $55.37 से नीचे जाती है, तो उसकी सापेक्ष कमजोरी का संकेत और स्पष्ट होगा।
फिलहाल महंगा तेल, महंगाई की ताजा चिंताएं और बढ़ता सोना-चांदी अनुपात चांदी पर दबाव बनाए हुए हैं। कीमत $50 की ओर जाएगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि $55.37 और $54.77 के समर्थन स्तर निर्णायक रूप से टूटते हैं या नहीं।