17 सितंबर को फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ोतरी और महंगाई को नियंत्रित करने की प्रतिबद्धता दोहराए जाने के बाद वैश्विक बॉन्ड बाजारों में स्थिरता दिखी। हालिया बिकवाली के बाद कई प्रमुख बाजारों में यील्ड नीचे आई। अब ट्रेडरों का ध्यान शुक्रवार को होने वाले बैंक ऑफ जापान के ब्याज दर फैसले पर है। यील्ड में इस गिरावट से बॉन्ड कीमतों को कुछ सहारा मिला, हालांकि निवेशक ऊंची ब्याज दरों, लगातार महंगाई दबाव और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतिगत दिशा के फिक्स्ड-इनकम परिसंपत्तियों पर असर का आकलन कर रहे हैं।
अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड की आठ सत्रों की बढ़त थमी
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 3 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.99% पर आ गई और लगातार आठ सत्रों की बढ़त का सिलसिला रुक गया। इससे पहले यील्ड 5% के करीब पहुंच गई थी। महंगाई के लंबे समय तक बने रहने की चिंता, सरकार की फंडिंग जरूरतों और नए बॉन्ड की आपूर्ति ने लंबी अवधि वाले ट्रेजरी बॉन्ड में बिकवाली बढ़ाई थी।
यह गिरावट फेडरल रिजर्व की महंगाई नीति पर अपेक्षाकृत स्पष्ट संकेत के बाद आई। बाजार ने दर बढ़ोतरी और महंगाई पर फेड की टिप्पणियों को इस संकेत के रूप में लिया कि नीति निर्माता कीमतों के दबाव को नियंत्रित करने पर केंद्रित हैं। इससे महंगाई की उम्मीदों के और बढ़ने को लेकर कुछ चिंताएं कम हुईं। फेडरल रिजर्व की नीति की दिशा पर बाजार चर्चाओं में Warsh और महंगाई से जुड़े उनके दृष्टिकोण का भी उल्लेख हुआ।
ऑस्ट्रेलिया और जापान में भी लंबी अवधि की यील्ड घटी
अन्य प्रमुख बॉन्ड बाजारों में भी इसी तरह की चाल दिखी। समान अवधि वाले ऑस्ट्रेलियाई बॉन्ड की यील्ड 3 बेसिस पॉइंट घटी, जबकि जापानी बॉन्ड यील्ड में 1 बेसिस पॉइंट से कम की गिरावट आई। अलग-अलग बाजारों में यह बदलाव घरेलू आर्थिक आंकड़ों, महंगाई के रुझान और केंद्रीय बैंक की नीति को लेकर उम्मीदों में जारी समायोजन को दर्शाता है।
वैश्विक बॉन्ड निवेशकों के लिए अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का 5% के करीब पहुंचने के बाद नीचे आना इस बात का संकेत है कि ऊंची यील्ड ने फिलहाल कुछ बिकवाली दबाव कम किया है। हालांकि यील्ड अब भी ऊंचे स्तर पर है, इसलिए लंबी अवधि वाले बॉन्ड की कीमतें आने वाले महंगाई आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की आगे की टिप्पणियों के प्रति संवेदनशील बनी हुई हैं। सरकारी बॉन्ड यील्ड में बदलाव का असर कंपनियों की उधारी लागत, सरकार की फंडिंग लागत और शेयरों समेत अन्य जोखिम वाली परिसंपत्तियों के मूल्यांकन पर भी पड़ता है।
शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान का फैसला बाजार के केंद्र में
फेड के नीतिगत संकेत से मिली अस्थायी स्थिरता के बीच एशियाई कारोबारी सत्र के लिए बैंक ऑफ जापान का ब्याज दर फैसला प्रमुख मुद्दा बन गया है। ट्रेडर किसी नीतिगत बदलाव और महंगाई तथा आर्थिक स्थितियों पर केंद्रीय बैंक के आकलन पर नजर रखेंगे। हालिया सत्र में जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड में मामूली गिरावट से संकेत मिला कि घोषणा से पहले निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
17 सितंबर को सुबह 5:29 बजे तक वैश्विक बॉन्ड यील्ड में गिरावट मुख्य रूप से अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के लंबी अवधि वाले बाजारों में केंद्रित थी। आगे यील्ड में गिरावट जारी रहती है या नहीं, यह महंगाई के आंकड़ों, प्रमुख केंद्रीय बैंकों के मार्गदर्शन और नए बॉन्ड की आपूर्ति पर निर्भर करेगा।