मध्यावधि चुनाव में नुकसान के बावजूद ट्रंप प्रशासन ने बड़े पैमाने पर निर्वासन की नीति जारी रखने की बात कही है। व्हाइट हाउस और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के मुताबिक, आव्रजन गिरफ्तारियों और निर्वासन की कार्रवाई में ढील नहीं दी जाएगी। मतदाताओं के लिए आव्रजन तीसरा सबसे अहम मुद्दा था—अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र के बाद। व्हाइट हाउस ने चुनावी नतीजों की वजह मुख्य रूप से आर्थिक दबाव, रोजमर्रा के खर्च और ईरान के साथ युद्ध को बताया है।
व्हाइट हाउस और DHS ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही
व्हाइट हाउस ने कहा कि प्रशासन उन लोगों की गिरफ्तारी और निर्वासन धीमा नहीं करेगा, जिन्हें वह “आपराधिक अवैध प्रवासी” बताता है। प्रवक्ता लॉरेन बिस ने कहा कि ट्रंप ने आव्रजन कानूनों को लागू करने के लिए सबसे कड़ा रुख अपनाया है। DHS के एक प्रवक्ता ने भी कहा कि इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) पीछे नहीं हटेगा और न ही अपनी कार्रवाई में ढील देगा; एजेंसी आव्रजन कानून लागू करना और निर्वासन योग्य लोगों को देश से बाहर भेजना जारी रखेगी।
शुक्रवार को ट्रंप ने आव्रजन नीति के कट्टर समर्थक स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ के पद के लिए नामित किया। इस कदम को सीमा और आव्रजन नीति में पीछे हटने की योजना न होने के संकेत के तौर पर देखा गया। मिलर ने ट्रंप के पहले और दूसरे कार्यकाल में उनकी सख्त आव्रजन नीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।
वेंस ने प्राथमिकताओं में बदलाव की संभावना जताई
चुनावी नतीजों के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि प्रशासन अपनी प्रवर्तन रणनीति में बदलाव पर विचार कर सकता है। इसमें बिना अनुमति काम करने वाले लोगों को रोजगार देने वाले कारोबारों पर अधिक ध्यान देना भी शामिल था। हालांकि, बाद में प्रशासन ने मौजूदा रुख दोहराया और सार्वजनिक तौर पर कार्रवाई के स्तर में बदलाव का कोई संकेत नहीं दिया।
एजेंसी के निर्देशों से परिचित लोगों के मुताबिक, ICE को हाल में बिना कानूनी दर्जे वाले प्रवासियों की रोजाना करीब 2,700 गिरफ्तारियों का लक्ष्य दिया गया है। पहले यह लक्ष्य 2,000 था। 2025 में ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद ICE की पहली बार हिरासत में लिए गए लोगों की मासिक संख्या तेजी से बढ़ी। 2026 के कई महीनों में यह आंकड़ा 20,000 से ऊपर गया और अपने उच्चतम स्तर पर करीब 40,000 तक पहुंचा।
ट्रंप के पहले कार्यकाल में मासिक गिरफ्तारियां आम तौर पर 10,000 से 12,000 के बीच थीं और 2020 के बाद घट गईं। राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में यह संख्या 2021 की शुरुआत में करीब 2,000 से बढ़कर 2024 के अंत तक लगभग 8,000 हो गई।
विरोध प्रदर्शन और मतदाताओं का रुझान चर्चा में
इस साल आव्रजन प्रवर्तन अभियानों के खिलाफ शिकागो, मिनियापोलिस और लॉस एंजिलिस समेत कई शहरों में ICE-विरोधी प्रदर्शन हुए। मिनियापोलिस में आव्रजन अधिकारियों की गोलीबारी में दो अमेरिकी प्रदर्शनकारियों, रेनी गुड और एलेक्स प्रेट्टी, की मौत के बाद कार्रवाई के तरीकों और उनके नतीजों पर फिर ध्यान गया है।
मध्यावधि चुनाव के एग्जिट पोल में आव्रजन मतदाताओं का तीसरा सबसे अहम मुद्दा रहा। टेक्सास जैसे पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन राज्यों में लैटिनो मतदाताओं का डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर झुकाव बढ़ा और पार्टी को कांग्रेस की सीटों में बड़ा फायदा मिला। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि व्हाइट हाउस चुनावी नुकसान को आव्रजन नीति के बजाय अर्थव्यवस्था, जीवन-यापन की लागत और ईरान के साथ युद्ध से अधिक जुड़ा मानता है। प्रशासन का सार्वजनिक रुख है कि आव्रजन नीति जारी रहेगी, जबकि ICE का बताया गया दैनिक गिरफ्तारी लक्ष्य बढ़कर करीब 2,700 हो गया है।