जेसिका रेडफोर्ड ने पास की बेकरी में पार्ट-टाइम नौकरी करने के बजाय केक पॉप का छोटा कारोबार शुरू किया, जिसके उत्पाद अब हर हफ्ते बिक जाते हैं। इस काम से उन्हें अपने तीन बच्चों को होमस्कूलिंग कराने की सुविधा मिली है। लेकिन मांग बढ़ने के साथ उन्हें यह भी तय करना पड़ा कि कितना काम लें, ताकि कारोबार पारिवारिक समय पर हावी न हो।
बेकरी की नौकरी के बजाय लचीला काम
पिछले सितंबर में रेडफोर्ड के घर के पास एक शॉपिंग सेंटर खुला, जिसमें बेकरी वाला किराना स्टोर भी था। उन्हें वहां नौकरी करना अच्छा विकल्प लगा। रेडफोर्ड कई वर्षों से अपने बच्चों को घर पर पढ़ा रही थीं। अब उनके बच्चे 14, 11 और 8 साल के हैं। बच्चों के अधिक आत्मनिर्भर होने पर वह अपने लिए कोई रचनात्मक काम शुरू करना चाहती थीं।
बच्चे होने से पहले उन्होंने केक बनाने की कक्षाएं ली थीं और इसकी बुनियादी तकनीक सीखी थी। हालांकि, तय कामकाजी घंटों वाली नौकरी से परिवार की कैंपिंग और छोटी यात्राओं की योजना प्रभावित हो सकती थी। इसी दौरान सोशल मीडिया पर केक पॉप बनाने और सजाने के वीडियो ने उनका ध्यान खींचा। बड़े और जटिल केक के मुकाबले यह काम उन्हें अधिक संभालने योग्य लगा और उनके लिए उपयुक्त भी।
सोशल मीडिया और स्थानीय आयोजनों से बढ़े ऑर्डर
कुछ बार अभ्यास करने के बाद रेडफोर्ड ने हैलोवीन पार्टी के लिए केक पॉप बनाए। मेहमानों की प्रतिक्रिया अच्छी रही, जिससे उन्हें इन्हें बेचने का भरोसा मिला। उन्होंने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें पोस्ट करना शुरू किया, सीमित ऑर्डर लेने लगीं और स्थानीय विक्रेता आयोजनों में हिस्सा लिया।
नवंबर के एक आयोजन के बाद उनके पास कुछ केक पॉप बच गए। रेडफोर्ड और उनके बच्चों ने पड़ोस की सड़क के किनारे खड़े होकर राहगीरों को इन्हें बेचा। बचे हुए कुछ केक पॉप उन्होंने अपने कायरोप्रैक्टर को दिए, जिन्होंने उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके बाद ऑर्डर बढ़ने लगे। थैंक्सगिविंग और क्रिसमस के दौरान मांग तेज हुई और उनका रसोईघर लगभग चौबीसों घंटे काम करने की जगह बन गया।
यह व्यस्तता उत्साहजनक थी, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि काम का बोझ कितनी जल्दी उम्मीद से ज्यादा हो सकता है। जनवरी में रेडफोर्ड ने एक महीने के लिए कारोबार रोककर यह सोचने का फैसला किया कि इसे पारिवारिक जीवन पर हावी होने से कैसे बचाया जाए। मुश्किल दौर में वह अपने विश्वास को भी धैर्य बनाए रखने का सहारा बताती हैं।
फार्म स्टॉल से शुक्रवार के होम पिकअप तक
काम फिर शुरू करने पर रेडफोर्ड ने स्थानीय परिवार-केंद्रित फार्म पर मंगलवार और गुरुवार को बिक्री की। उनके बच्चे भी साथ जाते थे। वह हर हफ्ते डिजाइन बदलती थीं, ताकि आने वाले परिवारों को नए विकल्प मिलें। फार्म के स्टॉल से स्थानीय माताओं के बीच उनकी पहचान बनी और समुदाय में कारोबार को पहचान मिली।
जुलाई में विराम लेने के बाद उन्होंने ऑनलाइन खरीदी गई पोर्टेबल केक कार्ट से घर के बाहर बिक्री करने की कोशिश की। अब वह हर हफ्ते लिए जाने वाले ऑर्डर सीमित रखती हैं, उत्पाद तैयार करती हैं और ग्राहकों को शुक्रवार को अपने घर के दरवाजे से पिकअप करने देती हैं। गर्मियों में यह व्यवस्था अपनाने के बाद से, उनके मुताबिक, उत्पाद हर हफ्ते बिक जाते हैं। उन्होंने ऑर्डर की संख्या, राजस्व या मुनाफे के आंकड़े साझा नहीं किए हैं, इसलिए बिक्री की यह जानकारी कारोबार के वित्तीय प्रदर्शन का पूरा आकलन नहीं देती।
बेकिंग के साथ काम की सीमा तय करना
रेडफोर्ड पिछले साल को भावनात्मक रूप से उतार-चढ़ाव भरा बताती हैं। कारोबार की प्रगति पर उन्हें गर्व हुआ, लेकिन कई बार काम का बोझ भारी भी लगा। अब वह कुछ अनुरोधों को मना करना और अपने, बच्चों तथा परिवार के लिए सीमाएं तय करना सीख रही हैं। उनके अनुसार, ऑर्डर की रफ्तार संभालना छोटे कारोबार को टिकाऊ बनाए रखने के लिए ग्राहक जुटाने जितना ही जरूरी है।
उनके बच्चे बेकिंग और सजावट में मदद करते हैं और स्वाद भी चखते हैं। वे कभी-कभार ऐसा बैच बनने की उम्मीद भी करते हैं जो ठीक न बना हो, ताकि उसे खा सकें। रेडफोर्ड चाहती हैं कि बच्चे देखें कि उनकी मां शून्य से कारोबार खड़ा कर सकती हैं और उसे चला सकती हैं; साथ ही उन्हें उद्यमिता सीखने का मौका मिले। वह कहती हैं कि कई बार कारोबार छोड़ने का विचार आया, लेकिन उन्होंने जारी रखने और यह देखने का फैसला किया कि इसे कितना आगे ले जा सकती हैं।