OKX और इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) की टोकनाइज्ड अमेरिकी शेयर ट्रेडिंग योजना को सूचीबद्ध कंपनियों के बढ़ते विरोध का सामना करना पड़ रहा है। 5 नवंबर तक, प्रस्तावित प्लेटफॉर्म पर शुरुआती तौर पर शामिल 62 कंपनियों में से 54 आपत्ति जता चुकी थीं। नवीनतम विरोधियों में Apple, Home Depot, Boeing, ServiceNow और GE Vernova शामिल हैं। इससे प्लेटफॉर्म कब शुरू होगा और किन शेयरों को सूची में जगह मिलेगी, यह अनिश्चित है।
पूर्व न्यूयॉर्क गवर्नर एंड्रयू कुओमो की सह-अध्यक्षता वाला यह संयुक्त उद्यम पिछले अक्टूबर में योजना लेकर आया था। इसमें अमेरिकी एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध 62 शेयरों के टोकनाइज्ड रूप में चौबीसों घंटे कारोबार का प्रस्ताव है। ब्लॉकचेन पर आधारित ये उत्पाद पारंपरिक शेयरों का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन इनका कारोबार पारंपरिक प्रतिभूति बाजारों से अलग प्लेटफॉर्म और समय-सारणी पर हो सकता है। कंपनियों की आपत्तियां अब इस बात का अहम पहलू बन गई हैं कि योजना मूल रूप में आगे बढ़ पाएगी या नहीं।
Apple, Boeing समेत कंपनियों ने जताई आपत्ति
Boeing और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनी ServiceNow ने बुधवार को आपत्ति जताई। इससे एक दिन पहले Apple, Home Depot और GE Vernova भी विरोध करने वाली कंपनियों की सूची में शामिल हुई थीं। पहले आपत्ति दर्ज कराने वालों में Microsoft, Alphabet, Nvidia, JPMorgan Chase और Walmart हैं। Home Depot ने टिप्पणी करने से इनकार किया। Apple, Boeing, ServiceNow और GE Vernova ने टिप्पणी के अनुरोधों का तत्काल जवाब नहीं दिया।
विरोध केवल शुरुआती प्रस्ताव में शामिल कंपनियों तक सीमित नहीं है। Wells Fargo, Nebius Group, Arm Holdings, Cerebras Systems और Cigna Group ने भी चिंता जताई है, हालांकि इनके शेयर मूल प्रस्तावित सूची में नहीं थे।
OKX-ICE ने यह नहीं बताया है कि बढ़ती आपत्तियों से प्लेटफॉर्म की तय लॉन्च समय-सीमा पर असर पड़ेगा या नहीं। सार्वजनिक जानकारी से यह भी स्पष्ट नहीं है कि संयुक्त उद्यम प्रस्तावित शेयरों की सूची में बदलाव करेगा। ऐसे में योजना का दायरा अभी अनिश्चित बना हुआ है।
SEC की छूट के तहत कंपनियों को 30 दिन
यह परियोजना अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) की ओर से सितंबर में दी गई अस्थायी छूट पर निर्भर है। तय शर्तें पूरी करने वाले प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय प्रतिभूति एक्सचेंज के रूप में पंजीकरण कराए बिना टोकनाइज्ड शेयर ट्रेडिंग की पेशकश कर सकते हैं। नियमों के तहत प्लेटफॉर्म को जारीकर्ता कंपनियों से पहले अनुमति लेना जरूरी नहीं है, लेकिन उन्हें कंपनियों को सूचना देनी होगी। इसके बाद कंपनियों के पास आपत्ति दर्ज कराने और अपने शेयरों को सूचीबद्ध होने से रोकने के लिए 30 दिन हैं।
SEC ने यह छूट CLARITY Act के सीनेट में अटकने के दो दिन बाद दी थी। इस विधेयक का उद्देश्य डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए नियामकीय ढांचा तैयार करना है। अस्थायी छूट पात्र प्लेटफॉर्म को काम करने का रास्ता देती है, जबकि कंपनियों को तय अवधि में अपने शेयरों को शामिल होने से रोकने का अधिकार भी देती है।
आपत्ति न जताने वाली अधिकतर कंपनियों के क्रिप्टो से संबंध
OKX-ICE की मूल सूची में शामिल 62 कंपनियों में से आठ ने रिपोर्ट के समय तक सार्वजनिक रूप से आपत्ति नहीं जताई थी। इनमें से अधिकांश का क्रिप्टो या ब्लॉकचेन कारोबार से कोई न कोई संबंध है। इस समूह में USDC जारी करने वाली Circle Internet Group, क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Robinhood, डिजिटल परिसंपत्ति संरक्षक BitGo, बिटकॉइन ट्रेजरी कंपनी Strategy और टोकनाइजेशन फर्म Securitize शामिल हैं। सॉफ्टवेयर कंपनी Palantir और सर्वर निर्माता Super Micro Computer भी उन आठ कंपनियों में हैं।
नेटवर्क उपकरण निर्माता Applied Optoelectronics ने कहा है कि नया ढांचा उसके शेयरों की कीमत, तरलता और उतार-चढ़ाव को कैसे प्रभावित कर सकता है, यह स्पष्ट नहीं है। कंपनी को यह चिंता भी है कि निवेशक टोकनाइज्ड उत्पादों की सूचीबद्धता को कंपनी की मंजूरी या समर्थन समझ सकते हैं। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, इन अनिश्चितताओं की भरपाई करने वाला कोई स्पष्ट लाभ उसे नजर नहीं आता।
कंपनियों की चिंताएं केवल टोकनाइज्ड शेयरों के कारोबार के तरीके तक सीमित नहीं हैं। वे अपने शेयरों पर संभावित असर और इस जोखिम पर भी विचार कर रही हैं कि निवेशक किसी प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्धता को कंपनी की स्वीकृति मान लें।