30 अक्टूबर को सोने की कीमत 3.3% गिर गई। मध्य पूर्व में तनाव को लेकर नई चिंताओं के बावजूद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख नहीं किया। कॉमेक्स पर दिसंबर का सबसे सक्रिय वायदा अनुबंध 3,898.90 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ—2 अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला बंद स्तर। अक्टूबर में सोना 10% फिसला। विश्लेषकों के मुताबिक, शेयर बाजार की बिकवाली के दौरान नकदी जुटाने के लिए निवेशकों ने सोना बेचा; अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची बने रहने की आशंका ने भी कीमतों पर दबाव डाला।
शेयरों की गिरावट से नकदी की मांग बढ़ी
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर सूचकांकों में व्यापक गिरावट आई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.1%, S&P 500 1.8% और नैस्डैक कंपोजिट 2.9% नीचे रहा। अमेरिकन गोल्ड एक्सचेंज के अध्यक्ष डाना सैमुअलसन ने कहा कि शेयर बाजार की तेज बिकवाली ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया। निवेशकों ने शेयरों में हुए नुकसान की भरपाई और नकदी की जरूरत पूरी करने के लिए सोना बेचा।
फ्यूचर ब्रोकरेज Altavest के सह-संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर माइकल आर्मब्रस्टर ने भी कहा कि शेयरों में तेज गिरावट आने पर निवेशक आम तौर पर नकदी जुटाने की कोशिश करते हैं। शेयरों के साथ सोने की कीमत घटना इस बात का संकेत है कि तत्काल नकदी की मांग ने उसकी पारंपरिक सुरक्षित निवेश वाली भूमिका को पीछे छोड़ दिया।
3,975 डॉलर का सपोर्ट टूटने से गिरावट तेज
सैमुअलसन के अनुसार, शेयर बाजार की बिकवाली तेज होने से पहले ही सोना कमजोर पड़ रहा था। कीमत जुलाई में बने करीब 3,975 डॉलर प्रति औंस के अहम सपोर्ट स्तर से थोड़ा ऊपर कारोबार कर रही थी। इस तकनीकी स्तर के नीचे जाने के बाद गिरावट तेज हुई। शुक्रवार की कमजोरी में शेयर बाजार से पैदा हुई नकदी की जरूरत और सोने की अपनी कमजोर होती कीमत-चाल—दोनों की भूमिका रही।
मध्य पूर्व बाजारों की नजर में बना हुआ है। सैमुअलसन ने कहा कि निवेशक अगले सप्ताह की शुरुआत में फारस की खाड़ी में बड़े तनाव-विस्तार के जोखिम को कीमतों में शामिल कर रहे हैं, जिससे बाजार में और उथल-पुथल हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। हालांकि, बड़े हमले की योजनाएं तैयार किए जाने की खबरों के बाद आगे की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
ब्याज दरों और वृद्धि की आशंकाओं का दबाव
XS.com के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक समेर हसन ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव बढ़ना अपने आप में सोने के लिए सहारा नहीं है। अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है, तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकता है और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी ऊंची रह सकती है। सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए यील्ड देने वाली परिसंपत्तियों के मुकाबले इसकी आकर्षकता घट सकती है और कीमतों में टिकाऊ सुधार मुश्किल हो सकता है।
U.S. Bank Asset Management के वरिष्ठ निवेश रणनीतिकार रॉब हॉवर्थ ने कहा कि टेक कंपनियों के नतीजे मोटे तौर पर उम्मीदों के अनुरूप रहने और AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली फैलने के बाद निवेशक आर्थिक वृद्धि के जोखिमों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। अगर AI शेयरों में गिरावट और गहरी होती है, तो सोने को कुछ सहारा मिल सकता है—खासकर तब, जब चुनाव के नतीजे डेटा सेंटर निर्माण के लिए बाजार का समर्थन कमजोर होने का संकेत दें।
सोने की लंबी अवधि की दिशा पर अलग-अलग राय
आर्मब्रस्टर ने कहा कि शेयरों के साथ सोने की गिरावट 2008 की याद दिलाती है। उस समय सोना अक्टूबर में निचले स्तर पर पहुंचा था और अगले तीन वर्षों में 250% से अधिक चढ़ा। उनके मुताबिक, अमेरिकी सरकार की लगातार वित्तपोषण जरूरतें लंबी अवधि में सोने को सहारा दे सकती हैं। 2027 में फेडरल रिजर्व का रुख ब्याज दरें घटाने की ओर झुकना भी इसके पक्ष में हो सकता है। आर्मब्रस्टर ने कहा कि Altavest फिलहाल सोने में निवेश रखने वालों को अपनी पोजिशन बनाए रखने की सलाह दे रहा है, लेकिन मौजूदा गिरावट में जल्दबाजी से खरीदने की नहीं।
निकट अवधि में सोने पर शेयर बाजार की नकदी मांग, अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा और मध्य पूर्व की अनिश्चितता—तीनों का असर पड़ रहा है। दिसंबर अनुबंध 3,975 डॉलर के सपोर्ट स्तर से नीचे आने के बाद 3,898.90 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।