फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों ने सरकार की बजट घाटा घटाने की क्षमता और आर्थिक गतिविधियों पर संभावित असर को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस सप्ताह 10-वर्षीय फ्रांसीसी सरकारी बॉन्ड की यील्ड 2002 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंची, जबकि जर्मन 10-वर्षीय बॉन्ड के मुकाबले इसका अंतर नवंबर 2011 के बाद सबसे अधिक हो गया। आगे और प्रदर्शन व हड़तालें होने की तैयारी के बीच बाजार यह देख रहे हैं कि बजट पारित हो पाएगा या नहीं, लंबे समय तक जारी अशांति विकास को कितना प्रभावित करेगी और किन कारोबारों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है।
मूडीज़ ने शुक्रवार को फ्रांस की Aa3 क्रेडिट रेटिंग बरकरार रखी। इससे देश उच्च-ग्रेड श्रेणी में बना हुआ है, लेकिन रेटिंग का आउटलुक नकारात्मक है। एजेंसी ने कहा कि फ्रांस का बिखरा हुआ राजनीतिक परिदृश्य संसद के कामकाज को लगातार कमजोर कर सकता है। अगर संस्थागत व्यवस्था बजट घाटे को घटाने की राह पर ले जाने में मदद करती है, तो आउटलुक स्थिर किया जा सकता है।
बजट पर मतदान से घाटा घटाने की योजना की परीक्षा
सरकार का लक्ष्य बजट घाटे को 2026 में जीडीपी के अनुमानित 5.4% से घटाकर 2027 में 5% करना है। नेशनल असेंबली में बजट के कर संबंधी प्रस्तावों पर बहस 27 अक्टूबर को फिर शुरू होने की उम्मीद है। इन प्रस्तावों से बचत हासिल करने की योजना है, लेकिन विपक्षी सांसद इनका विरोध कर रहे हैं।
नैटिक्सिस CIB में EMEA आर्थिक शोध प्रमुख एलेन दुर्रे ने कहा कि सरकार उधारी लागत में तेज बढ़ोतरी से बचना चाहती है। राजकोषीय लक्ष्य आगे बढ़ाने के लिए वह संविधान के अनुच्छेद 49.3 का इस्तेमाल कर सकती है। इसके तहत नेशनल असेंबली में अंतिम मतदान के बिना कानून पारित कराया जा सकता है, बशर्ते सांसद बाद में अविश्वास प्रस्ताव पारित न करें। सरकार कार्यकारी आदेशों का रास्ता भी अपना सकती है।
दुर्रे के मुताबिक, ऐसे कदम बाजार की चिंता कम कर सकते हैं और निवेशकों का भरोसा बहाल करने में मदद दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी सरकारी बॉन्ड पर हाल का दबाव मुख्य रूप से पोर्टफोलियो में अल्पकालिक बदलावों से आया है; दीर्घकाल तक बॉन्ड रखने वाले पारंपरिक निवेशक फिलहाल किनारे पर हैं।
फ्रांस के बेंचमार्क 10-वर्षीय OAT बॉन्ड की यील्ड गुरुवार को 11 आधार अंक बढ़ी और 2002 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। फ्रांस और जर्मनी के 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड के बीच अंतर भी नवंबर 2011 के बाद सबसे ज्यादा हो गया। यह फ्रांस के राजकोषीय और राजनीतिक जोखिमों को लेकर बाजार के नए आकलन को दर्शाता है।
ING में फ्रांस और स्विट्जरलैंड की वरिष्ठ अर्थशास्त्री शार्लोट डी मॉन्टपेलियर ने कहा कि अशांति पहले से तनावपूर्ण बजट और राजनीतिक स्थिति में अनिश्चितता बढ़ाती है। इससे यह चिंता भी गहरी होती है कि भविष्य की सरकार के लिए सुधार और खर्च में बचत लागू करना मुश्किल हो सकता है। एबरी में बाजार रणनीति प्रमुख मैथ्यू रयान ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 2027 का बजट संसद से पारित होगा या नहीं। अगर समर्थन जुटाने के लिए वाम और दक्षिणपंथी, दोनों पक्षों को बड़ी रियायतें दी जाती हैं, तब भी घाटे की समस्या अनसुलझी रह सकती है।
प्रदर्शन कितने समय चलेंगे, इसी पर विकास का जोखिम निर्भर
प्रदर्शन का नया दौर 24 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसके बाद 5 नवंबर को यूनियनों के समर्थन से देशव्यापी हड़ताल और प्रदर्शन होने हैं। सरकार-विरोधी येलो वेस्ट आंदोलन के कार्यकर्ता भी आगे रैलियां करने की अपील कर रहे हैं।
डी मॉन्टपेलियर ने कहा कि कम समय की बाधा को बाजार संभाल सकते हैं, लेकिन अगर भरोसे को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा तो आर्थिक असर बड़ा होगा। उन्होंने पहले फ्रांस की जीडीपी वृद्धि 2026 में 0.3% और 2027 में 0.6% रहने का अनुमान दिया था। प्रदर्शन जारी रहने, भरोसा और कमजोर होने या बाजार तनाव बढ़ने पर वृद्धि इन अनुमानों से कम रह सकती है।
पिछले प्रदर्शनों से पता चलता है कि अशांति का आर्थिक गतिविधियों पर मापने योग्य असर हो सकता है। फ्रांस के राष्ट्रीय सांख्यिकी एवं आर्थिक अध्ययन संस्थान (INSEE) ने अनुमान लगाया था कि येलो वेस्ट आंदोलन ने 2018 की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि को 0.1 प्रतिशत अंक तक घटाया हो सकता है। फ्रांस के केंद्रीय बैंक ने अनुमान दिया था कि पेंशन सुधारों के खिलाफ 2023 के वसंत में हुई हड़तालों से उसी साल पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि करीब 0.1 प्रतिशत अंक कम हुई।
डी मॉन्टपेलियर ने कहा कि हिंसक घटनाएं ग्राहकों को शहरों के केंद्र में जाने से रोक सकती हैं, पर्यटकों को यात्रा टालने के लिए प्रेरित कर सकती हैं और कंपनियों को निवेश फैसले स्थगित करने पर मजबूर कर सकती हैं। दुर्रे के मुताबिक, ताजा प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही फ्रांस में उपभोक्ता भरोसा ऐतिहासिक निचले स्तरों के करीब था, इसलिए अर्थव्यवस्था के पास एक और झटके को झेलने की गुंजाइश सीमित है। उन्होंने दो जोखिम रेखांकित किए: लंबे समय तक व्यवधान से जीडीपी वृद्धि कमजोर पड़ना और राजनीतिक दबाव में सरकार का अहम खर्च कटौती कदमों से पीछे हटना। दोनों ही स्थितियों में घाटा बढ़ सकता है और जीडीपी के 5% का लक्ष्य हासिल करना कठिन हो सकता है।
खुदरा, पर्यटन और परिवहन कारोबार पर सीधा असर
फ्रांस का CAC 40 सूचकांक पिछले एक महीने में 4.5% गिरा है। ING के अनुसार, खुदरा कारोबार, होटल और पर्यटन, परिवहन तथा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र अशांति से सीधे प्रभावित हो सकते हैं। दुकानों और शॉपिंग सेंटरों में ग्राहकों की आवाजाही घट सकती है, कारोबार बंद करना पड़ सकता है और बिक्री का नुकसान हो सकता है। होटल, कैफे, रेस्तरां और यात्रा सेवाओं को ऐसे खर्च का नुकसान हो सकता है जिसे ग्राहक बाद में पूरा नहीं कर पाएंगे। परिवहन में लंबे व्यवधान से वाहक और लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी प्रभावित होंगी।
फ्रांसीसी खुदरा कंपनी कैरेफोर के शेयर बुधवार को एक समय 14% से ज्यादा गिर गए। कंपनी ने मुनाफे का अनुमान घटाया और निवेश कम किया। उसने उपभोक्ता भरोसे और परिचालन पर सामाजिक अशांति तथा ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी के दबाव का हवाला दिया। मुख्य कार्यकारी एलेक्ज़ांद्र बोम्पार्ड ने कहा कि फ्रांस “अभूतपूर्व स्थिति” में है। फ्रांस के चैंबर ऑफ कॉमर्स नेटवर्क के अनुमानों का हवाला देते हुए ING ने कहा कि मंगलवार तक 2,000 से अधिक कारोबार सीधे प्रभावित हो चुके थे।
कारमिग्नैक की निवेश समिति के सदस्य और पोर्टफोलियो सलाहकार केविन थोज़े ने कहा कि असर उन कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा जो प्रदर्शनों के केंद्र में हैं। शेयर बाजार के लिए उधारी लागत बढ़ने से बैंकों की इक्विटी लागत बढ़ती है। अनिश्चितता बनी रहने पर कर्ज वितरण की वृद्धि धीमी पड़ सकती है और ऋण-संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
फ्रांसीसी लग्जरी कंपनियों की बिक्री का बड़ा हिस्सा विदेशों से आता है, इसलिए घरेलू बाजार के लिहाज से LVMH का सीधा जोखिम अपेक्षाकृत सीमित है: 2025 में फ्रांस से कंपनी का 8% राजस्व आया था। हालांकि, पर्यटन को नुकसान होने पर ड्यूटी-फ्री खरीदारी घट सकती है। थोज़े के मुताबिक, फ्रांस में LVMH के राजस्व का करीब 20% हिस्सा ड्यूटी-फ्री खर्च से जुड़ा है। उन्होंने चेताया कि राजनीतिक गतिरोध अगले छह महीने तक जारी रहा, तो बाजार, अर्थव्यवस्था और कारोबारों के लिए यह लंबा समय होगा।