यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड 7 फरवरी 2027 को पद छोड़ेंगी, लेकिन यूरोपीय टोकनाइज्ड वित्तीय बाजारों के लिए निपटान ढाँचा कैसा होगा, इस पर यूरोसिस्टम ने अभी फैसला नहीं किया है। 29 अक्टूबर को प्रकाशित Appia परामर्श के नतीजों में मुख्य चुनौती सामने आई: एक नेटवर्क पर निपटान केंद्रित करने से बाजार का बिखराव घट सकता है, लेकिन निर्भरता भी बढ़ेगी। कई नेटवर्क प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे सकते हैं, बशर्ते उनके बीच धन और संपार्श्विक का भरोसेमंद हस्तांतरण संभव हो।
Appia यूरोसिस्टम की ऐसी पहल है जिसका उद्देश्य वितरित लेजर तकनीक (DLT) से जारी या दर्ज परिसंपत्तियों के लिए थोक टोकनाइज्ड वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। इसकी ताजा रिपोर्ट में 127 प्रतिक्रियाओं का सार है, लेकिन किसी एक ढाँचे की सिफारिश नहीं की गई। यूरोसिस्टम 2028 में अपने निष्कर्षों, सिफारिशों और सिद्धांतों के साथ व्यापक खाका प्रकाशित करने की योजना बना रहा है।
एकल नेटवर्क से दक्षता, पर निर्भरता का जोखिम
निपटान ढाँचा तय करता है कि खरीदार परिसंपत्तियों का भुगतान कैसे करेंगे और लेनदेन किस तरह पूरा होगा। कई DLT प्लेटफॉर्म वाले बाजार में केंद्रीय बैंक का पैसा कहां उपलब्ध होना चाहिए—यह Appia के प्रमुख सवालों में से एक है।
प्रतिभागियों के मुताबिक, एक नेटवर्क पर तरलता केंद्रित करने से प्रक्रियाएं मानकीकृत हो सकती हैं, समन्वय सरल हो सकता है और दोहराव वाले निवेश तथा बाजार का बिखराव घट सकता है। दूसरी ओर, गतिविधि और नियंत्रण एक जगह जमा होने से नेटवर्क प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बन सकता है। इससे किसी एक तकनीक या सेवा प्रदाता पर निर्भरता बढ़ने और नवाचार के प्रोत्साहन कमजोर पड़ने की आशंका है। केवल तरलता को एकत्र करना बाजार को एकीकृत नहीं करेगा, यदि प्रतिभागी उस प्लेटफॉर्म तक सीमित हों जहां उनके निपटान के लिए धन रखा है।
कई नेटवर्क अलग-अलग कारोबारी मॉडलों को जगह दे सकते हैं और किसी एक प्रदाता पर निर्भरता घटा सकते हैं। लेकिन बैंकों के लिए, यदि धन और संपार्श्विक प्लेटफॉर्मों के बीच कुशलता से स्थानांतरित न हो सकें, तो प्रतिस्पर्धा तरलता को अलग-अलग हिस्सों में बांट सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, लागू किए जा सकने वाले अंतर-संचालनीयता मानकों के अभाव में धन, संपार्श्विक, पहचान प्रणालियां और अनुपालन प्रक्रियाएं अलग-अलग नेटवर्कों में सीमित हो सकती हैं।
कुछ प्रतिभागियों ने एक तीसरा विकल्प भी सुझाया: पारदर्शी पात्रता शर्तों और साझा नियमों के तहत सीमित संख्या में नेटवर्क को केंद्रीय बैंक के पैसे में निपटान की अनुमति देना। इसका उद्देश्य नेटवर्क चुनने की गुंजाइश और समान आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाना है, हालांकि इसकी व्यवहार्यता पर अभी विचार जारी है। यूरोसिस्टम को यह तय करना होगा कि कई नेटवर्कों में केंद्रीय बैंक का पैसा उपलब्ध कराते हुए उस पर अपना नियंत्रण कैसे कायम रखा जाए। रिपोर्ट किसी भी नेटवर्क संचालक को पहुंच का अधिकार नहीं देती।
पहुंच के नियम तय करेंगे प्रतिस्पर्धा
परामर्श में शामिल लोगों ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के असरदार होने के लिए पहुंच के मानदंड अहम होंगे। उन्होंने वस्तुनिष्ठ और भेदभाव-रहित मानकों के साथ साझा नेटवर्क ढाँचे तथा उस पर दी जाने वाली व्यावसायिक सेवाओं के बीच स्पष्ट अंतर की मांग की। जारी करना, कारोबार, अभिरक्षा और वॉलेट जैसी ग्राहक-केंद्रित सेवाओं को साझा ढाँचे के बजाय बाजार प्रतिभागियों के बीच प्रतिस्पर्धा के लिए अधिक उपयुक्त माना गया।
यह अंतर इसलिए मायने रखता है क्योंकि DLT संचालक केवल नेटवर्क ढाँचा चला सकते हैं, उपयोगकर्ता सेवाएं भी बेच सकते हैं, या दोनों भूमिकाएं निभा सकते हैं। यदि कोई संचालक उन्हीं व्यवसायों से सीधे प्रतिस्पर्धा करे जो उसके नेटवर्क पर निर्भर हैं, तो नेटवर्क की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। रिपोर्ट में संकलित प्रतिक्रियाओं का जोर ढाँचे के स्वामित्व से अधिक केंद्रीय बैंक के पैसे पर नियंत्रण, नेटवर्क की निष्पक्षता और खुली पहुंच पर है। नेटवर्क यूरोसिस्टम चलाए या बाजार, शासन व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि पहुंच में भेदभाव न हो और केंद्रीय बैंक के पैसे पर सार्वजनिक क्षेत्र का नियंत्रण बना रहे।
इंटरनेशनल कैपिटल मार्केट एसोसिएशन (ICMA) ने अप्रैल में प्रस्तुत अपने स्थिति-पत्र में एकल यूरोसिस्टम-संचालित नेटवर्क के बजाय कई परस्पर-संचालनीय नेटवर्क और समन्वित मानकों का समर्थन किया था। उसने प्रतिस्पर्धा, एकाग्रता के जोखिम और बाजार-आधारित नवाचार का हवाला दिया। यह दस्तावेज ICMA के DLT Bonds Working Group के कुछ सदस्यों की ओर से था और अक्टूबर के परामर्श नतीजों से पहले प्रस्तुत किया गया था।
बैंकों के लिए प्लेटफॉर्मों के बीच धन और संपार्श्विक की आवाजाही अहम
बैंकों के लिए व्यावहारिक कसौटी यह होगी कि अलग-अलग ट्रेडिंग स्थलों पर निपटान शेष और संपार्श्विक का प्रभावी इस्तेमाल हो सके या नहीं। एकल नेटवर्क इन संसाधनों को केंद्रित कर सकता है। प्रतिस्पर्धी नेटवर्कों की व्यवस्था में भरोसेमंद अंतर-प्लेटफॉर्म हस्तांतरण जरूरी होगा, ताकि उपयोग योग्य धन या परिसंपत्तियां अलग-अलग पूलों में फंसी न रहें। तरलता प्रबंधन और संपार्श्विक जुटाने में केंद्रीय बैंक की भूमिका पर रिपोर्ट का जोर बताता है कि अंतर-संचालनीयता केवल तकनीकी अनुकूलता नहीं, बल्कि परिचालन का मुद्दा भी है।
यूरो स्टेबलकॉइन जारी करने वालों के सामने भी निजी निपटान परिसंपत्तियों की भूमिका का सवाल है। प्रतिक्रियाओं में कहा गया कि दो-स्तरीय व्यवस्था में टोकनाइज्ड जमा और यूरो-मूल्यवर्ग के स्टेबलकॉइन केंद्रीय बैंक के पैसे के पूरक हो सकते हैं। इससे ये भुगतान साधन केंद्रीय बैंक के पैसे के समकक्ष नहीं हो जाते।
मौजूदा संपार्श्विक नीति का अर्थ यह भी नहीं है कि सभी ऑन-चेन परिसंपत्तियां पात्र हैं। ECB के कार्यकारी बोर्ड सदस्य पिएरो सिपोलोन ने 29 अक्टूबर को कहा कि यूरोसिस्टम 30 मार्च से केंद्रीय प्रतिभूति निक्षेपागारों के जरिए DLT पर जारी पात्र विपणन योग्य परिसंपत्तियों को स्वीकार कर रहा है। मौजूदा पात्र निपटान प्रणालियों से बाहर की परिसंपत्तियां योग्य हो सकती हैं या नहीं और उन पर कौन-से मानक लागू होंगे, इसकी समीक्षा जारी है।
Pontes चालू, Appia का खाका 2028 में
कुछ ढाँचा पहले से काम कर रहा है। Pontes ने 21 सितंबर को अपनी शुरुआती मुख्य सेवाएं शुरू कीं और अब धीरे-धीरे प्रतिभागियों को जोड़ रहा है। यह प्रणाली बाजार के DLT प्लेटफॉर्मों को यूरोसिस्टम की TARGET सेवाओं से जोड़ती है, जिससे टोकनाइज्ड परिसंपत्तियों के थोक लेनदेन का निपटान केंद्रीय बैंक के पैसे में हो सकता है।
सिपोलोन ने 29 अक्टूबर को आगे के पड़ावों की जानकारी दी। Pontes के परिचालन समय को 2027 के मध्य तक काफी बढ़ाने और 2028 में साल भर लगातार संचालन शुरू करने की अपेक्षा है। यूरोसिस्टम के DLT प्लेटफॉर्मों पर तत्काल निपटान की अंतिमता 2027 में शुरू करने की योजना है। Appia का 2028 का लक्ष्य इससे अलग है: वह व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खाका तैयार करेगा। सिपोलोन ने यह भी कहा कि मौजूदा प्रतिभूति निपटान प्लेटफॉर्म T2S नई टोकनाइज्ड व्यवस्था के साथ चलता रहेगा।
लागार्ड के उत्तराधिकारी को यह समय-सारिणी विरासत में मिलेगी, लेकिन ढाँचे का फैसला केवल उनके अधिकार में नहीं होगा। यूरोपीय संघ के कामकाज पर संधि के अनुच्छेद 283 के तहत, यूरोपीय संसद और ECB गवर्निंग काउंसिल से परामर्श के बाद, परिषद की सिफारिश पर यूरोपीय परिषद योग्य बहुमत से ECB अध्यक्ष की नियुक्ति करती है। लागार्ड के पद छोड़ने की घोषणा में उत्तराधिकारी का नाम नहीं बताया गया।
ECB की मुख्य निर्णयकारी संस्था गवर्निंग काउंसिल है, जिसमें कार्यकारी बोर्ड और यूरो क्षेत्र के देशों के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के गवर्नर शामिल हैं। आगे का काम डिजाइन प्रक्रिया और बाजार की भागीदारी पर निर्भर करेगा। परामर्श रिपोर्ट में 2027 में अधिक जटिल, विभिन्न क्षेत्रों को शामिल करने वाले परीक्षण और टोकनाइज्ड जमा व भुगतान, प्रतिभूतियों तथा साझा नेटवर्कों के शासन पर हितधारकों से आगे चर्चा का प्रस्ताव है; भागीदारी की व्यवस्था अभी घोषित नहीं हुई है। बैंकों, जारीकर्ताओं और DLT संचालकों के लिए अंतिम पहुंच नियम यह तय करेंगे कि साझा निपटान ढाँचा प्रतिस्पर्धा को जगह देते हुए जरूरी धन और संपार्श्विक उपलब्ध रख पाता है या नहीं।