रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की डिप्टी गवर्नर हंटर ने कहा कि तेल की ऊंची कीमतों का असर लंबे समय तक बना रह सकता है, जबकि देश में महंगाई का दबाव अभी कम नहीं हुआ है। उनकी टिप्पणियों से ऊर्जा लागत और घरेलू कीमतें फिर बाजार के ध्यान में हैं, क्योंकि निवेशक RBA की नीतिगत दिशा और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को प्रभावित करने वाले कारकों का आकलन कर रहे हैं।
हंटर ने यह नहीं बताया कि तेल कीमतों का झटका कब तक रह सकता है। उन्होंने न तो ब्याज दरों पर कोई नया फैसला सुनाया और न ही विनिमय दर का कोई लक्ष्य तय किया। मुद्रा बाजार के लिए अहम सवाल यह है कि ऊर्जा लागत का असर दूसरी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों तक कितना पहुंचेगा और घरेलू महंगाई RBA की नीति संबंधी उम्मीदों को किस हद तक प्रभावित करती रहेगी।
तेल की ऊंची कीमतों का असर देर से घट सकता है
महंगा तेल ईंधन और परिवहन लागत बढ़ा सकता है। समय के साथ यह दबाव कई दूसरी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी दिख सकता है। हंटर की चेतावनी के मुताबिक, तेल की कीमतों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से यह तय नहीं होगा कि महंगाई पर उसका असर खत्म हो चुका है या नहीं।
हंटर ने तेल कीमतों में बढ़ोतरी की मात्रा, उसके असर की अवधि या ऑस्ट्रेलिया की महंगाई पर संभावित प्रभाव का कोई आंकड़ा नहीं दिया। तेल बाजार की दिशा और कंपनियां बढ़ी हुई लागत ग्राहकों तक किस हद तक पहुंचाती हैं, ये इस दबाव की अवधि समझने के लिए अहम रहेंगे।
घरेलू महंगाई पर RBA की नजर
हंटर ने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया में घरेलू महंगाई का दबाव जारी है। यदि ऊर्जा की महंगाई के साथ घरेलू कीमतों का दबाव भी बना रहता है, तो इससे बाजार का यह आकलन प्रभावित हो सकता है कि महंगाई कितनी जल्दी घटेगी और ब्याज दरों की दिशा क्या होगी। हालांकि, इन टिप्पणियों का अर्थ यह नहीं है कि RBA ने नीति में बदलाव का एलान किया है।
उनकी बातों से इतना स्पष्ट है कि केंद्रीय बैंक तेल कीमतों के झटके और घरेलू महंगाई, दोनों पर नजर रख रहा है। कोई ब्याज दर निर्णय, नीतिगत समय-सारणी या भविष्य की कार्रवाई को लेकर ठोस प्रतिबद्धता सामने नहीं आई। इसलिए इस चेतावनी को नीति में तत्काल बदलाव का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर महंगाई और दरों का असर
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की दिशा केवल ऊर्जा कीमतों से तय नहीं होगी। बाजार घरेलू महंगाई के आंकड़ों और इस बात पर भी नजर रखेंगे कि उनसे RBA की नीति को लेकर उम्मीदें बदलती हैं या नहीं। महंगाई का दबाव बना रहने पर ब्याज दरों की उम्मीदें मुद्रा के मूल्यांकन में अहम रह सकती हैं। विनिमय दर पर असर आगे आने वाले आंकड़ों और नीतिगत दृष्टिकोण के बाजार के आकलन पर निर्भर करेगा।
हंटर ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर कोई राय नहीं दी और कोई नया आर्थिक आंकड़ा भी पेश नहीं किया। उनकी टिप्पणियों से दो बातें सामने आईं: तेल कीमतों का झटका लंबे समय तक रह सकता है और घरेलू महंगाई का दबाव अभी कम नहीं हुआ है।