सर्बिया के 25 अक्टूबर के मध्यावधि संसदीय चुनाव में छात्र-नेतृत्व वाले ‘स्टूडेंट लिस्ट — स्टूडेंट्स विन’ आंदोलन ने जीत दर्ज कर सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS) के 14 साल के शासन का अंत किया। आंदोलन की शुरुआत एक घातक बुनियादी ढांचा हादसे के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों से हुई थी, लेकिन उसकी उम्मीदवार सूची में कोई छात्र शामिल नहीं था। कम-से-कम 135 उम्मीदवारों के संसद पहुंचने की उम्मीद है। अब आंदोलन के सामने सड़कों पर उठी मांगों को संस्थागत सुधार में बदलने की चुनौती है।
बेलग्रेड, नोवी साद और नीश में जीत के बाद जश्न मनाया गया। छात्र समूहों ने सोशल मीडिया पर ‘सर्बिया आज़ाद है’ लिखा। मध्य बेलग्रेड में सरकार समर्थकों का लगाया तंबू शिविर बाद में हटा दिया गया। वहां मौजूद लोग नारे लगा रहे थे कि सत्ता में बैठे लोग अब जाएंगे।
नोवी साद स्टेशन हादसे से शुरू हुआ आंदोलन
सर्बिया के दूसरे सबसे बड़े शहर नोवी साद में रेलवे स्टेशन के बाहर बना कंक्रीट का छज्जा 1 नवंबर 2024 को ढह गया था। हादसे में 16 लोगों की मौत हुई। इसके बाद स्टेशन के नवीनीकरण और सार्वजनिक परियोजनाओं के प्रबंधन पर सवाल उठे। आलोचकों ने नाकामियों को भ्रष्टाचार और कमजोर निगरानी से जोड़ा।
छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसरों और शहरों की सड़कों पर रैलियां कर जवाबदेही की मांग की। आंदोलन कैंपस से बाहर फैला और इसमें किसान, कलाकार तथा न्यायाधीश भी शामिल हुए। देखते ही देखते यह देशव्यापी अभियान बन गया। हेनरी जैक्सन सोसाइटी की हेलेना इवानोव ने कहा कि हादसा जनता के धैर्य की सीमा पार करने वाला आखिरी झटका था। उनके मुताबिक, आंदोलन ने गुस्से को लगातार रैलियों और संगठित गतिविधियों में बदला और समाज के उन तबकों तक पहुंचा, जिनसे पारंपरिक विपक्षी दल जुड़ नहीं पाए थे।
छात्र सभाओं से चुनावी अभियान तक
जनवरी 2025 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने तनाव कम करने के उद्देश्य से इस्तीफा दिया। मार्च में बेलग्रेड में सर्बिया के सबसे बड़े सरकार-विरोधी प्रदर्शनों में से एक हुआ। आंदोलन ने किसी एक नेता को आगे करने के बजाय छात्र सभाओं और पूर्ण बैठकों के जरिए संगठन बनाया। मध्यावधि चुनाव से पहले समर्थकों को मतदान केंद्रों पर निगरानी के लिए भी जुटाया गया।
‘स्टूडेंट लिस्ट’ का नेतृत्व हृदय रोग विशेषज्ञ इलिया स्रदानोविच ने किया। अभियान के दौरान उन्होंने कहा कि आंदोलन उन नागरिक मूल्यों को फिर से स्थापित करना चाहता है, जो कमजोर हुए हैं। जर्मन मार्शल फंड के बाल्कन कार्यक्रम की प्रमुख गोर्डाना डेलिच ने इस चुनाव को कानून के शासन पर केंद्रित एक तरह का जनमत-संग्रह बताया।
सत्तारूढ़ दल ने पहले प्रदर्शनकारियों को ‘नेक इरादे वाले’ कहा था, लेकिन बाद में उन पर सर्बिया की सत्ता पलटने की कोशिश का आरोप लगाया। नतीजे घोषित होने के बाद SNS ने हार स्वीकार की, पर आंदोलन की आलोचना जारी रखी। पार्टी ने बिना नाम बताए एक यूरोपीय देश और अमेरिका के ‘डीप स्टेट’ से समर्थन मिलने का आरोप लगाया, लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया।
नए सांसदों के सामने भ्रष्टाचार और मीडिया सुधार
छात्रों ने खुद चुनाव नहीं लड़ा; सूची में जगह समाज के अन्य वर्गों के लोगों को दी गई। स्रदानोविच सूची के प्रमुख थे, लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री पद का संभावित दावेदार नहीं माना जा रहा था। उम्मीदवारों में पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी देयान बोडिरोगा, अभिनेता तिहोमिर स्टानिच, ओपेरा गायक निकोला मिकीच, सर्बिया के नेशनल बैंक के पूर्व गवर्नर देयान शोश्किच और कई प्रोफेसर शामिल हैं। शोश्किच ने आर्थिक सुधारों के प्रस्तावों पर चर्चा की है और उन्हें सरकार समर्थक मीडिया की आलोचना का भी सामना करना पड़ा है।
आंदोलन के वादों में भ्रष्टाचार के मामलों में जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस इकाई बनाना; विरोध प्रदर्शनों से निपटने के नियम तोड़ने या संगठित अपराध से संबंध रखने वाले गृह मंत्रालय के अधिकारियों को हटाना; मीडिया व्यवस्था में सुधार कर सार्वजनिक प्रसारकों पर राजनीतिक नियंत्रण घटाना; और सरकारी कंपनियों के प्रमुख पदों पर पार्टी के वफादारों की नियुक्ति बंद करना शामिल है। सत्तारूढ़ दल और उसके समर्थक भ्रष्टाचार या मीडिया में हेरफेर की समस्या होने से इनकार करते हैं।
छात्र आयोजकों का कहना है कि उनके निर्वाचित प्रतिनिधि पिछले एक साल से सड़कों पर चल रही लड़ाई को अब सरकारी संस्थानों के भीतर ले जाएंगे। संसद में छात्र नहीं होंगे, इसलिए सुधारों की दिशा गैर-छात्र सांसदों के काम और आंदोलन के समन्वय पर निर्भर करेगी। चुनाव नतीजों से अभी यह तय नहीं हुआ है कि अगली सरकार का नेतृत्व कौन करेगा।