बिटकॉइन अक्टूबर में करीब 7% गिरा और उस महीने की पारंपरिक तेजी, जिसे अक्सर ‘अप्टूबर’ कहा जाता है, देखने को नहीं मिली। इस दौरान एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयर कमजोर पड़े, तेल वायदा चढ़ा और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड नीचे आई। तेल और यील्ड के बीच इस साल करीब 80% का सह-संबंध रहा था, लेकिन अक्टूबर में दोनों विपरीत दिशाओं में चले। इससे बाजार में यह सवाल फिर उठा कि निवेशक भू-राजनीतिक जोखिम के बजाय एआई निवेश की संभावनाओं को लेकर अधिक चिंतित हैं या नहीं।
गुरुवार देर रात बिटकॉइन कुछ समय के लिए करीब 4% नीचे आया। शुक्रवार को नैस्डैक भी कमजोर हुआ। यह गिरावट बाइनेंस से जुड़े एक बड़े हैक के आसपास के समय में आई, लेकिन उपलब्ध जानकारी से इस घटना और बिटकॉइन की कीमत में गिरावट के बीच कोई कारणात्मक संबंध स्थापित नहीं होता।
एआई शेयरों की कमजोरी से तेल और बॉन्ड के संकेत बदले
ब्लैकरॉक के वरिष्ठ पोर्टफोलियो मैनेजर जेफ्री रोसेनबर्ग ने कहा कि अक्टूबर में एआई शेयरों में आई गिरावट तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड के अलग-अलग दिशाओं में जाने की एक प्रमुख वजह थी। एआई निवेश से निकटता से जुड़े अमेरिका के सात बड़े टेक्नोलॉजी शेयरों—जिन्हें ‘मैग्निफिसेंट सेवन’ कहा जाता है—पर महीने के दौरान दबाव रहा।
रोसेनबर्ग के मुताबिक, निवेशक अब भू-राजनीतिक जोखिम की तुलना में एआई से जुड़े जोखिम को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। एआई क्षेत्र की कमजोरी को अमेरिका की आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ने का संभावित संकेत माना गया, जिससे ट्रेजरी यील्ड पर नीचे की ओर दबाव आया। दूसरी ओर, तेल की कीमतें बढ़ती रहीं। नतीजतन, दोनों बाजार इस साल के पहले के रुझान से उलट, एक-दूसरे की विपरीत दिशा में चले।
यह बदलाव डिजिटल एसेट बाजार के लिए भी अहम संदर्भ देता है: बिटकॉइन की अक्टूबर की गिरावट टेक शेयरों की कमजोरी और व्यापक आर्थिक जोखिम को लेकर बदलती धारणाओं के साथ हुई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी यह नहीं बताती कि बिटकॉइन के नुकसान में इनमें से प्रत्येक कारक का कितना योगदान था।
निवेश में तेज बढ़ोतरी, पर एआई की संभावनाओं पर नजर
रोसेनबर्ग ने अमेरिका की तीसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि को मजबूत बताया और कहा कि एआई से जुड़ा निवेश इसमें योगदान देने वाले कारकों में शामिल था। कारोबारी निवेश 12.7% बढ़ा—महामारी के दौर को छोड़कर 2011 के बाद इसकी सबसे बड़ी वृद्धि।
निवेश में इस तेज बढ़ोतरी के साथ ही एआई से जुड़े जोखिमों पर चिंता भी बनी हुई है। निवेशक यह परख रहे हैं कि मौजूदा पूंजीगत खर्च की रफ्तार जारी रह सकती है या नहीं, और एआई से जुड़ी कंपनियों का प्रदर्शन अमेरिकी आर्थिक वृद्धि के बारे में क्या संकेत देता है। अक्टूबर के बाजार उतार-चढ़ाव ने यह भी दिखाया कि मौसमी तेजी के पुराने रुझान बिटकॉइन को गिरावट से नहीं बचा सके। तेल, ट्रेजरी यील्ड और बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में आया अंतर जोखिम को लेकर बदलती बाजार धारणा का एक और संकेत रहा।