2022 में ओपन-बैंकिंग प्लेटफॉर्म टिंक को वीज़ा को 2 अरब डॉलर में बेचने के बाद उसके सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ डेनियल शेलन उद्यमिता से दूर जा सकते थे। इसके बजाय, 2026 में उन्होंने अपनी निजी पूंजी लगाकर फ्रेडा शुरू की—एक अनुपालन प्रौद्योगिकी कंपनी, जिसका लक्ष्य विभिन्न बाजारों में विस्तार कर रहे कारोबारों के नियामकीय दायित्वों को संभालना है।
शेलन के अनुसार, यह निर्णय टिंक में उनके अनुभव से काफी हद तक प्रभावित था। कंपनी के शुरुआती दिनों में वह और सह-संस्थापक फ्रेडरिक टैक्सी में किसी विचार पर चर्चा कर एक सप्ताह के भीतर उसका उत्पाद जारी कर सकते थे। वीज़ा द्वारा टिंक के अधिग्रहण के बाद टीम का आकार बढ़ा और जो फैसले पहले तेजी से हो जाते थे, उनके लिए कई विभागों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों की समीक्षा जरूरी हो गई। इसका असर उत्पाद विकास और व्यावसायिक क्रियान्वयन की गति पर पड़ा।
19 बाजारों में टिंक के 700 कर्मचारी
शेलन अनुपालन की जरूरत से इनकार नहीं करते। वह इसे मजबूत कारोबारी और सामाजिक व्यवस्था की बुनियाद मानते हैं, लेकिन उनका कहना है कि इससे जुड़ी प्रक्रियाएं बढ़ती हुई प्रौद्योगिकी कंपनी के प्रयोग करने की क्षमता को सीमित कर सकती हैं। जब टिंक में लगभग 700 कर्मचारी थे और वह 19 बाजारों में काम कर रही थी, तब कंपनी को लगभग हर दिन नई नियामकीय जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ता था। हर नई आवश्यकता अक्सर पहले से पूरी की जा चुकी हजारों जांचों पर आधारित होती थी।
नई कंपनी के लिए किसी बाजार में प्रवेश की प्रक्रिया वैट पंजीकरण, डेटा-सुरक्षा शर्तों और उत्पाद अनुपालन जैसे कामों के कारण धीमी हो सकती है। कुछ मामलों में कारोबार को विस्तार के बीच में जाकर पता चलता है कि कई बाजारों में पेश किए जाने का वादा किया गया उत्पाद स्थानीय नियमों के अनुरूप नहीं है। इसका असर राजस्व योजना के साथ-साथ ग्राहकों को उत्पाद उपलब्ध कराने पर भी पड़ सकता है।
अमेरिका में अनुपालन की अलग जटिलता
शेलन ने यूरोप और अमेरिका के नियामकीय माहौल के बीच अंतर पर भी फिर से विचार किया है। यूरोप को अक्सर अत्यधिक विनियमित क्षेत्र माना जाता है, लेकिन वहां के नियम सामान्यतः अधिक स्पष्ट होते हैं। इससे कंपनियों को पहले से योजना बनाने और सामान्य डेटा संरक्षण विनियमन यानी जीडीपीआर जैसे नियमों के लिए सार्वजनिक मार्गदर्शन देखने का अवसर मिलता है।
अमेरिका में आवश्यकताएं अदालती फैसलों, सभी 50 राज्यों के कानूनों और सैकड़ों पृष्ठों वाले वाणिज्यिक अनुबंधों में फैली हुई हैं। किसी कंपनी को बाजार में प्रवेश करने के बाद ही पता चल सकता है कि अलग-अलग राज्य डेटा, उपभोक्ता अधिकारों या वाणिज्यिक समझौतों को अलग तरीके से देखते हैं। एकल कानूनी ढांचे की अनुपस्थिति अनुपालन लागत को जरूरी नहीं कि कम करे। इसके बजाय कंपनियों को अनुबंध समीक्षा, विवादों और कानूनी सलाह पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
इसलिए यूरोपीय कंपनियां अमेरिका में प्रवेश करते समय इसे ऐसा बाजार नहीं मान सकतीं जहां पहले विस्तार किया जाए और बाद में नियमन पर ध्यान दिया जाए। यूरोप में आने वाली अमेरिकी कंपनियों को भी यह पता चल सकता है कि वहां का नियामकीय ढांचा उनकी अपेक्षा से अधिक व्यवस्थित है। दोनों ही मामलों में लागत का बड़ा हिस्सा विस्तार शुरू होने से पहले लागू नियमों को स्पष्ट न करने से पैदा होता है।
फ्रेडा विशिष्ट अनुपालन प्रक्रियाओं पर एआई लगा रही है
फ्रेडा सितंबर 2026 में सार्वजनिक रूप से सामने आई। कंपनी अपने उत्पाद को एक ऐसे बुद्धिमान एजेंट सिस्टम के रूप में पेश करती है, जो अलग-अलग उद्योगों और नियामकीय ढांचों में किसी संगठन की शुरू से अंत तक की अनुपालन प्रक्रियाओं का मानचित्र तैयार कर उन्हें संचालित करने में मदद करता है। शेलन का तर्क है कि कई कंपनियां अनुपालन के लिए जनरेटिव एआई का प्रयोग कर रही हैं, लेकिन दस्तावेजों को चैटबॉट में डाल देना या तेजी से एक साधारण सिस्टम तैयार कर लेना संचालन संबंधी समस्या का समाधान नहीं करता।
अनुपालन कोई एकल कार्य नहीं है। इसमें वे प्रक्रियाएं शामिल होती हैं जिन्हें कंपनी को रोजाना पूरा करना पड़ता है। इनकी प्रकृति कंपनी के आकार, उद्योग, बाजारों, उत्पादों में बदलाव और ग्राहकों व नियामकों से किए गए पिछले वादों पर निर्भर करती है। तेजी से बढ़ती प्रौद्योगिकी कंपनियां अपने उत्पाद, कारोबारी मॉडल और लक्षित बाजारों को रोज बदल सकती हैं। ऐसे में एआई सिस्टम से उपयोगी परिणाम मिलेंगे या नहीं, यह इस बात पर काफी निर्भर करता है कि वह इस व्यापक संदर्भ को कितना समझता है।
शेलन के अनुसार, कई कारोबार बड़े पैमाने पर एआई एजेंट तैनात कर रहे हैं, जबकि हो सकता है कि इन सिस्टमों ने कंपनी की आंतरिक नीतियां पढ़ी ही न हों या उन्हें स्थानीय अदालत के हालिया फैसले की जानकारी न हो। वित्त और स्वास्थ्य सेवा जैसे अत्यधिक विनियमित क्षेत्रों में नियामकीय आवश्यकताओं और कॉरपोरेट जिम्मेदारी के बीच संबंध और जटिल हो सकता है। फ्रेडा का कारोबारी अवसर इसी पर आधारित है कि वह कंपनियों को इन बदलावों पर लगातार नजर रखने में मदद करे, न कि केवल एक बार का अनुपालन दस्तावेज तैयार करे।
फ्रेडा ने अपने ग्राहकों की संख्या, जुटाई गई फंडिंग या वाणिज्यिक राजस्व का खुलासा नहीं किया है। इतना स्पष्ट है कि शेलन ने टिंक की बिक्री से मिली रकम को उस समस्या में लगाया है जिसे वह अब भी अनसुलझी मानते हैं, बजाय इसके कि वह केवल दूसरे संस्थापकों में निवेश करते। नई कंपनी की वास्तविक परीक्षा इस बात से होगी कि वह बहु-बाजार संचालन में मैनुअल समन्वय को कितना घटा पाती है और कारोबारों को विशिष्ट नियामकीय आवश्यकताओं की पहचान पहले करने में कितनी मदद देती है।