अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की हाउस वेज एंड मीन्स कमेटी ने 16 सितंबर को 38-5 मतों से डिजिटल एसेट टैक्स क्लैरिटी एक्ट (H.R. 10357) को आगे बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया। विधेयक में क्रिप्टो भुगतान, स्टेबलकॉइन, ट्रेडिंग, लेंडिंग, स्टेकिंग और माइनिंग के लिए व्यापक कर ढांचा प्रस्तावित है। अब इसे प्रतिनिधि सभा के पूर्ण सदन के विचार के लिए भेजा गया है। समिति ने अध्यक्ष जेसन स्मिथ द्वारा प्रस्तावित संशोधित भाषा स्वीकार करने के बाद विधेयक को औपचारिक रूप से सदन में भेजने पर सहमति दी।
यह मतदान डिजिटल एसेट पर कर लगाने के लिए अमेरिका में अब तक के अपेक्षाकृत व्यापक ढांचे की दिशा में ठोस प्रगति को दर्शाता है। क्रिप्टो उद्योग से जुड़े समूहों ने समिति की कार्रवाई का स्वागत किया, लेकिन कहा कि कुछ अहम मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। इनमें छोटे रोजमर्रा के भुगतानों पर कर छूट और स्टेकिंग तथा माइनिंग से मिलने वाले रिवॉर्ड को आय के रूप में दर्ज करने का समय प्रमुख हैं।
10 डॉलर की शुल्क छूट अभी सीमित
31 दिसंबर 2027 के बाद होने वाले लेनदेन पर लागू होने वाले प्रावधान के तहत, डिजिटल एसेट का इस्तेमाल 10 डॉलर या उससे कम के पात्र नेटवर्क अथवा ट्रांजैक्शन शुल्क के भुगतान में किए जाने पर सामान्यतः पूंजीगत लाभ या हानि को बाहर रखा जाएगा। ट्रांजैक्शन शुल्क के मामले में शुल्क चुकाने के लिए इस्तेमाल किया गया एसेट सामान्यतः उसी प्रकार का होना चाहिए, जिस एसेट से मूल ट्रांसफर किया जा रहा है।
यह प्रावधान उस कर समस्या को संबोधित करता है जो आंतरिक राजस्व सेवा (IRS) द्वारा डिजिटल एसेट को संपत्ति के रूप में वर्गीकृत किए जाने के बाद पैदा हुई। जब उपयोगकर्ता क्रिप्टोकरेंसी से ब्लॉकचेन शुल्क चुकाते हैं, तो उस भुगतान को खुद एक कर योग्य निपटान माना जा सकता है। ऐसा छोटे भुगतान में भी हो सकता है, भले ही एसेट के मूल्य में बदलाव बहुत सीमित रहा हो।
क्रिप्टो काउंसिल फॉर इनोवेशन की मुख्य रणनीति अधिकारी और अमेरिकी नीति प्रमुख एलिसन मैनजिएरो ने समिति के मतदान को महत्वपूर्ण कदम बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नियमित डिजिटल-एसेट लेनदेन के लिए प्रस्तावित ‘डी मिनिमिस’ छूट का दायरा बढ़ा सकती है। मौजूदा 10 डॉलर का नियम मुख्यतः पात्र नेटवर्क और ट्रांजैक्शन शुल्क पर केंद्रित है। यह क्रिप्टो एसेट से की गई छोटी खरीदारी के लिए सामान्य कर छूट उपलब्ध नहीं कराता।
विधेयक में पात्र डॉलर-आधारित स्टेबलकॉइन के लिए विशेष कर व्यवस्था और बार-बार ट्रेड किए जाने वाले डिजिटल एसेट के लिए सरल लेखांकन विकल्प भी प्रस्तावित हैं। इसके अलावा, पारंपरिक वित्तीय बाजारों में लागू कुछ कर व्यवस्थाओं को डिजिटल-एसेट क्षेत्र तक बढ़ाने का प्रावधान है। इनमें लेंडिंग से जुड़ा सेफ हार्बर, पात्र डीलरों और ट्रेडरों के लिए मार्क-टू-मार्केट व्यवस्था तथा कुछ धर्मार्थ दान के लिए सरल नियम शामिल हैं। समिति के अनुसार, इन उपायों का उद्देश्य डिजिटल एसेट और पारंपरिक वित्तीय साधनों के कर उपचार के बीच अंतर कम करना है।
डिजिटल एसेट पर वॉश-सेल नियम लागू होंगे
विधेयक केवल सीमित राहत देने तक नहीं रुकता। इसमें वॉश-सेल और कंस्ट्रक्टिव-सेल नियमों को डिजिटल एसेट तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इससे मौजूदा नियमों के अंतर का इस्तेमाल कर कर-योजना बनाने की कुछ रणनीतियां सीमित हो सकती हैं। क्रिप्टोकरेंसी आम तौर पर उन वॉश-सेल प्रावधानों के दायरे से बाहर रही हैं, जो सिक्योरिटीज और अन्य वित्तीय साधनों पर लागू होते हैं। इससे कुछ लेनदेन संरचनाओं में निवेशकों को अधिक लचीलापन मिलता रहा है।
विधेयक लागू होने पर डिजिटल-एसेट निवेशकों को घाटे में पोजीशन बेचने, कम समय के भीतर उन्हें दोबारा खरीदने और संबंधित एक्सपोजर बनाए रखने से जुड़े कर प्रभावों का फिर से आकलन करना होगा। नियमों का सटीक दायरा और क्रियान्वयन विधायी प्रक्रिया के अगले चरण तथा ट्रेजरी विभाग की ओर से जारी किए जाने वाले नियमों पर निर्भर करेगा।
स्टेकिंग आय दर्ज करने का समय अब भी तय नहीं
माइनिंग और स्टेकिंग रिवॉर्ड पर कर लगाने का समय उद्योग की सबसे तात्कालिक चिंताओं में बना हुआ है। विधेयक डिजिटल एसेट सत्यापन गतिविधियों से अर्जित आय को सामान्य आय के रूप में वर्गीकृत करेगा। साथ ही, आय के स्रोत से जुड़े नियम करदाता के स्थान या संबंधित कारोबारी गतिविधियों के स्थल के आधार पर तय किए जाएंगे। पात्र निवेश ट्रस्ट स्टेकिंग गतिविधियां करने के बावजूद केवल इसी कारण अपना ट्रस्ट दर्जा नहीं खोएंगे।
हालांकि, मौजूदा विधेयक में पहले के कुछ प्रस्तावों में शामिल कर-स्थगन व्यवस्था नहीं है। उस व्यवस्था के तहत पात्र माइनर और स्टेकिंग प्रतिभागी नए प्राप्त टोकन की आय को तब तक दर्ज करने को टाल सकते थे, जब तक वे टोकन बेच न दें। H.R. 10357 सत्यापन गतिविधियों से होने वाली आय की प्रकृति स्पष्ट करता है, लेकिन इस आय को दर्ज करने के समय को लेकर उद्योग की चिंता का समाधान नहीं करता।
यह अंतर उन ऑपरेटरों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है जिन्हें रिवॉर्ड मिलने के समय नकद प्राप्त नहीं होता। यदि रिवॉर्ड टोकन प्राप्त होते ही कर योग्य आय में शामिल किए जाते हैं, तो माइनर और वैलिडेटर एसेट बेचने से पहले ही कर देनदारी में आ सकते हैं। बाद में टोकन की कीमत गिरने पर करदाता के शुरुआती कर आधार और अंततः प्राप्त बिक्री मूल्य के बीच अंतर पैदा हो सकता है।
विदेशी DAO पर ट्रेजरी से दिशानिर्देश की मांग
विधेयक अमेरिका के बाहर स्थापित क्रिप्टो संगठनों से जुड़े कर सवालों को भी संबोधित करता है। इसके तहत विधेयक के प्रभावी होने की तारीख से 12 महीने के भीतर ट्रेजरी विभाग को विकेंद्रीकृत स्वायत्त संगठनों (DAO) से जुड़ी विदेशी इकाइयों के कर उपचार पर दिशानिर्देश जारी करने होंगे। दिशानिर्देशों में यह बताया जाएगा कि पात्र फाउंडेशन अमेरिकी निगम के रूप में किस तरह पुनर्गठित हो सकते हैं और क्या 14 सितंबर से पहले स्थापित इकाइयों के लिए अस्थायी सेफ हार्बर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
a16z crypto के नीति प्रमुख और जनरल काउंसल माइल्स जेनिंग्स ने कहा कि ये प्रावधान संस्थापकों के लिए नियमों को अधिक स्पष्ट कर सकते हैं और कुछ क्रिप्टो फाउंडेशन को घरेलू कर ढांचे के जरिए अमेरिका लौटने का रास्ता दे सकते हैं। मैनजिएरो ने भी DAO संबंधी प्रावधानों को इस लिहाज से प्रासंगिक बताया कि क्रिप्टो परियोजनाएं कहां निगमित होंगी और रोजगार कहां स्थित होंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधेयक में अभी तकनीकी बदलावों की जरूरत है।
H.R. 10357 अब हाउस वेज एंड मीन्स कमेटी से आगे बढ़कर प्रतिनिधि सभा में विचार के अगले चरण में पहुंच गया है। उद्योग के लिए प्रमुख सवाल यह हैं कि 10 डॉलर की शुल्क छूट का दायरा बढ़ेगा या नहीं, स्टेकिंग और माइनिंग रिवॉर्ड पर कर-स्थगन मिलेगा या नहीं, तथा वॉश-सेल प्रावधानों और विदेशी DAO से जुड़े नियमों को अंततः किस तरह लागू किया जाएगा।