तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदल रही हैं। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर खर्च की रफ्तार को लेकर भी सवाल हैं। इन कारकों के बीच अमेरिकी शेयर बाजार को स्पष्ट दिशा नहीं मिल रही। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के अनुभवी फ्लोर ट्रेडर पीटर टुचमैन का कहना है कि फिलहाल यह तय करना मुश्किल है कि अगला बाजार-चालक कौन-सा होगा। पिछले शुक्रवार S&P 500 में 1.8% की गिरावट आई। CME FedWatch के आंकड़ों के मुताबिक, बाजार दिसंबर में फेड की दर बढ़ोतरी की 72% संभावना मान रहा था। दरें बढ़ने से सूचीबद्ध कंपनियों की उधारी लागत बढ़ सकती है।
तेल, संघर्ष और ब्याज दरों की उम्मीदों का दबाव
टुचमैन ने तेल की कीमतों, ब्याज दरों, अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध को बाजार की दिशा तय करने वाले कारकों में गिनाया। उनके मुताबिक, हाल में रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष फिर तेज हुआ है। भू-राजनीतिक घटनाक्रम और ऊर्जा की कीमतों में बदलाव के कारण निवेशक महंगाई और मौद्रिक नीति पर संभावित असर का आकलन कर रहे हैं। ब्याज दरें बढ़ने की आशंका कंपनियों की वित्तपोषण लागत बढ़ा सकती है और शेयरों के मूल्यांकन पर दबाव डाल सकती है।
ब्याज दरें ही निवेशकों के सामने एकमात्र चिंता नहीं हैं। टुचमैन ने टैरिफ, बॉन्ड यील्ड और व्यापक बॉन्ड बाजार के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। निवेशक एक साथ यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि बदलते हालात कंपनियों की कमाई और उनके लिए वित्तपोषण की उपलब्धता को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।
AI निवेश में अलग-अलग रुझान, मुनाफावसूली की आशंका
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा निवेश भी एकसमान दिशा में नहीं बढ़ रहा। टुचमैन के अनुसार, यह कारोबार अलग-अलग हिस्सों में बंट गया है, जिनमें बड़ी क्लाउड-कंप्यूटिंग कंपनियां और डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं। AI पर खर्च को लेकर उठते सवालों से कंपनियों और क्षेत्रों का प्रदर्शन अलग-अलग हो सकता है। हालांकि, उन्होंने किसी खास कंपनी या खर्च के आंकड़े का उल्लेख नहीं किया।
हेज फंड भी बाजार में अतिरिक्त हलचल का कारण बन सकते हैं। टुचमैन ने कहा कि उनमें से कई ने इस साल अब तक 10% से 15% तक रिटर्न हासिल किया है। कुछ फंड नवंबर में अपनी पोजिशन बंद कर मुनाफा सुरक्षित कर सकते हैं। ऐसा होने पर पोर्टफोलियो में बदलाव से अल्पावधि में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
इन दबावों के बावजूद, टुचमैन द्वारा वीडियो रिकॉर्ड किए जाने के समय S&P 500 अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से 2% से भी कम नीचे था। शुक्रवार की गिरावट और रिकॉर्ड के करीब बने रहने का यह मेल दिखाता है कि निवेशक व्यापक आर्थिक और भू-राजनीतिक जोखिमों, AI निवेश तथा बाजार में अपनी पोजिशन पर नए सिरे से विचार कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि इनमें से कौन-सा कारक आगे बाजार की दिशा तय करेगा।